ये स्थितियां बन सकती हैं मल में झाग आने के कारण! Foamy or frothy stool

मल में खान-पान की वजह से कई प्रकार के बदलाव हो सकते हैं। झागदार मल या स्टूल में झाग (Foamy or frothy stool) के कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर ऐसा मल दस्त की तरह होता है, और इसमें कई बार बुलबुले भी दिखाई देते हैं। यह चिपचिपा भी दिखाई दे सकता है, या इसमें बलगम भी हो सकता है। झागदार मल कई मामलों में खाद्य पदार्थों की प्रतिक्रिया का परिणाम होता है। लंबे समय तक मल में झाग, किसी आंतरिक परेशानी का भी संकेत देता है। आइए नजर डालते हैं मल में झाग के कुछ कारणों परः

संक्रमण
बैक्टीरिया, परजीवी या वायरस के संक्रमण से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट पर असर होता है और इससे गैस के बुलबुले बन सकते हैं, जिससे मल झागदार दिखाई देता है। कई बार ऐसा संक्रमण दूषित पानी या भोजन की वजह से हो सकता है। उदाहरण के लिए बहुत देर से खुला पड़ा हुआ खाद्य पदार्थ या दूषित पानी की वजह से। संक्रमण के कुछ अन्य लक्षण भी होते हैं जैसे किः थकान, गैस, जी मिचलाना, तेजी से वजन घट जाना व पेट में ऐंठन आदि।

आईबीएस
चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (आईबीएस) इस बीमारी से पीड़ित होने पर भी मल में बलगम हो सकता है, जो मल को झागदार बना सकता है। इससे पीड़ित व्यक्ति में कई अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं जैसे कि पेट में दर्द और ऐंठन, दस्त, पेट के उपरी भाग में सूजन व कब्ज।

मेटाबॉलिज्म विकार
इसे मेटाबॉलिज्म डिस्आर्डर भी कहा जाता है जब शरीर भोजन में पोषक तत्वों को कुशलता से अवशोषित या उपयोग नहीं कर पाता है। तब ऐसी समस्या पैदा होती है। इसकी वजह से आंतों की सूजन, और मल में परिवर्तन भी दिखाई देता है। कुछ लोगों में कई बार कुछ खाद्य पदार्थों की वजह से भी ऐसी परेशानी पैदा हो सकती है जैसे कि
अंडे
लैक्टोज
समुद्री भोजन
शराब
एक निश्चित प्रकार के भोजन का सेवन करने पर व्यक्ति को झागयुक्त मल हो सकता है।

अग्नाशयशोथ
अग्नाशयशोथ या पैनक्रियाटिक गंभीर हो सकती है। यह वसा को पचाने के लिए किसी व्यक्ति की क्षमता को बाधित करता है। यह रोग, विशेष रूप से ऊपरी पेट के क्षेत्र में, गंभीर दर्द पैदा कर सकता है, और पीठ तक दर्द फैल जाता है। अग्नाशयशोथ के कारणों में पित्त पथरी, अधिक मात्रा में शराब का सेवन, अग्नाशय के कैंसर या अग्न्याशय को प्रभावित करने वाले आनुवंशिक दोष शामिल हैं। झागदार मल के अलावा, अग्नाशयशोथ या पैनक्रियाटिक में निम्न लक्षण सामने आते हैंः
बुखार
जी मिचलाना
दिल की धड़कन का बढ़ना
पेट में सूजन
उल्टी

पेट की सर्जरी
पेट की सर्जरी से पाचन पर असर पड़ सकता है। सर्जरी की वजह से अल्पकालिक आंत्र सिंड्रोम हो सकता है, जिससे लगातार दस्त और झागदार दस्त हो सकते हैं। जब शरीर ठीक हो जाता है, तो अकसर यह परेशानी दूर हो जाती है। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति में यह लक्षण दीर्घकालिक आधार पर है, तो बिना देर किए डाॅक्टर से संपर्क करना चाहिए।


नोटः इस स्टोरी का मकसद जानकारी देना मात्र है, आपको किसी भी तरह की चिकित्सकीय परेशानी सामने आने पर बिना देर किए डाॅक्टर से अपनी संपूर्ण जांच करवानी चाहिए।

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