A Thursday: ए थर्सडे मूवी रिव्यू कैसी है यामी की सस्पेंस थ्रिलर

ए थर्सडे मूवी रिव्यू A Thursday: एक लाइन में एक अच्छी थ्रिलर स्टोरी है। प्लेस्कूल के 16 बच्चों का अपहरण, 50 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री से मिलने की मांग इसी के आस-पास पूरी फिल्म घूमती है। थ्रिलर बेहज़ाद खंबाटा द्वारा निर्देशित और रोनी स्क्रूवाला द्वारा निर्मित है। बेहतरीन अदाकारी और सधी हुई कहानी दर्शकों को बांधे रखती है। यामी गौतम धर प्ले स्कूल की टीचर नैना की भूमिका में हैं।

Review of A Thursday Movie/ए थर्सडे मूवी रिव्यू

नैना एक गुरुवार को 16 बच्चों को बंधक बनाने का फैसला करती है। यामी पुलिस को फोन करके बच्चों को होस्टेज बनाने के बारे में बताती है। फोन करके पुलिस को बोलती है कि अगर उसकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वह बच्चों को मार डालेगी। बच्चों के साथ-साथ यामी एक ड्राइवर और आया को भी होस्टेज बना लेती है।

नेहा धूपिया जोकि पुलिस वाली की भूमिका में हैं का फिल्म में नाम कैथरीन अल्वारेज़ है। फिल्म में दूसरे पुलिस वाले की भूमिका में अतुल कुलकर्णी हैं। फिल्म में जिनका नाम जावेद खान है। बच्चों को बंधक बनाने के बाद नैना पहले जावेद खान (अतुल कुलकर्णी) से बात करने की मांग करती है जो असलियत में कैथरीन से जूनियर है। फिल्म की कहानी सस्पेंस को संभालकर रखती है।

कहानी के आखिर में नैना फिल्म में पीएम, डिंपल कपाड़िया से बात करना चाहती हैं। यही समय होता है जब सारे सस्पेस खुलकर सामने आते हैं।

फिल्म आपको देखनी चाहिए?

ए थर्सडे (A Thursday) एक सस्पेंस थ्रिलर मूवी है। नैना ने मासूम बच्चों को बंधक क्यों बनाया है। क्यों वो सिर्फ जावेद खान से ही बात करना चाहती है। क्यों पीएम को अपने सामने बैठा कर नैना बात करना चाहती है। नैना के साथ बचपन में क्या हुआ था। इन सभी प्रश्नों के उत्तर आपको फिल्म देखने के बाद मिल जाएंगे। इतना जरूर है कि फिल्म आपको बांधे रखेगी। साथ बेहतर अदाकारी और बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी फिल्म से दर्शकों का जुड़ाव बनाती है।

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