शादी से पहले अपडेट करें “मेडिकल-कुडंली”

शादी से पहले कपल करा रहें हैं जरूरी मेडिकल टेस्ट!

कहते हैं शादी एक अटूट बंधन होता है। सही सेहत मतलब बेहतर मेडिकल-कुडंली! इस बंधन में बधने के बाद आप और आपका साथी एक दूसरे के सुख-दुख के साथी हो जाते हैं। इसी अटूट बंधन की शुरूवात करने से पहले अपनी पार्टनर की स्वास्थ्य जांच पर जोर देने लगे हैं, जिसकी सहायता से वह अपने साथी के स्वास्थ्य के बारे में पहले से ही सब कुछ जान पाते हैं। बदलती लाइफ स्टाइल से आजकल कई बीमारियां कम उर्म में ही शरीर को अपना घर बना लेती हैं, इन सभी बीमारियों का पता पहले चल जाए तो उनसे बचना या उनका इलाज करना बेहद आसान हो जाता है। बीमारी के जिन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं वो बाद में जाकर विकराल रूप धारण कर लेती हैं।

रोगों के होने की संभावना और मेडिकल-कुडंली

आजकल युवा मेडिकल-कुडंली के साथ-साथ रक्त कुंडली की भी जांच पर जोर देते हैं, इस तरह से कई आनुवांशिक बीमारियों से भी बचा जा सकता है। फिर एड्स जैसी बीमारी के प्रसार में भी इससे रोक लगेगी। आज डायबिटीज और कैंसर पीडितो की एक बडी आबादी आनुवांशिक कारणों से प्रभावित है। चिकित्सकों का कहना है कि अगर माता-पिता दोनों के वंशवृक्ष में ऐसी बीमारियों के जीन मौजूद है तो अगली पीढी को रोगों के होने की संभावना कई गुना बढ जाती है।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर शोभा गुप्ता कहती हैं कि मेडिकल टेस्ट जरूरी हैं ताकि बीमारियों की पहचान उनके उपचार के मौके खत्म होने से पहले कर ली जाए या कई बीमारियों की आशंका को जीवनशैली में बदलाव, खानपान पर नियंत्रण और हल्की एक्सरसाइज द्वारा ही खत्म किया जा सके। ज्यादातर चेकअप बहुत कम समय में, आसान और दर्द रहित होते हैं। शादी से पहले कुछ टेस्ट करवाना इसलिए भी जरूरी है कि गर्भावस्था के समय आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े और सेहतमंद बच्चा पैदा हो।

आरएच इनकमपैटिबिलिटी (मेडिकल-कुडंली)

अधिकतर लोग आरएच पॉजीटिव होते हैं लेकिन जनसंख्या का एक छोटा हिस्सा (करीब 15 प्रतिशत) आरएच नेगेटिव होता है। आरएच फैक्टर हर लाल रक्त कणिकाओं पर एक प्रोटीन होता है। अगर आप में आरएच फैक्टर है तो आप आरएच पॉजिटिव हैं। अगर नहीं है, तो आप आरएच नेगेटिव हैं। वैसे आरएच फैक्टर आपके सामान्य स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता है। मां और बच्चे का आरएच फैक्टर अलग-अलग होगा तो यह गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चा दोनों के लिए ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है और घातक भी हो सकता है। अलग-अलग आरएच फैक्टर वाले लोगों को आपस में शादी ना करने की सलाह दी जाती है।

Gynecologist Dr. Shobha Gupta tells that if you have lower abdominal pain or irregular menstruation or excessive bleeding during menstruation, get ovarian cyst tested. If a cyst is detected during a normal pelvic test, an abdominal ultrasound is performed to check for this.
शादी से पहले मेडिकल टेस्ट, युवाओं में फैल रही है जागरूकता (Photo Pixabay)
ओवेरियन सिस्ट टेस्ट

स्त्री रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर शोभा गुप्ता बताती हैं अगर आपको पेट के निचले हिस्से में दर्द हो या अनियमित मासिक धर्म हो या मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग हो तो ओवेरियन सिस्ट का टेस्ट कराएं। अगर सामान्य पेल्विक परीक्षण के दौरान सिस्ट का पता चलता है तो इस बात की जांच करने के लिए एबडोमिनल अल्ट्रासाउंड किया जाता है। वैसे तो छोटे आकार के सिस्ट अपने आप ही ठीक हो जाते हैं।

अगर ओवेरियन ग्रोथ या सिस्ट का आकार 3 इंच से बड़ा होगा तो आपको ओवेरियन कैंसर होने की आशंका है। इस स्थिति में डॉक्टर कुछ और टेस्ट कराने की सलाह देते हैं ताकि ओवेरियन सिस्ट के कारणों का पता लगाया जा सके और उचित निदान किया जा सके। अब तो पैरेंट्स भी स्वयं इसकी इजाजत देने लगे हैं। ज्यादातर मामलों में रूटीन टेस्ट ब्लड ग्रुप, अचआईवी और डायबिटीज वगैरह के टेस्ट कराए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार माॅडन लाइफ स्टाइल के कारण लोगों मं अवेयरनेस आई है। वह कहते हैं कि विवाह बंधन वाला जोडा यदि ब्लड टेस्ट के साथ एचआईवी, आनुवांशिक बीमारियों, थैलसीमिया और हेमोफिलिया की जांच भी कराए तो बेहतर होगा। जागरूक लोग इसमें कोई बुराई नहीं समझते। हीमोग्लोबीन, कैल्शियम, मलेरिया, युरिन टेस्ट, इलेक्ट्रोलाइट आदि की जांच भी बेहद मददगार साबित होती है। जो लोग फिजिकली एक्टिव नहीं हैं या ओवर वेट हैं, उन्हें कोलेस्ट्राॅल और लिपिड प्रोफाइल जरूरी चेक करा लेना चाहिए।

स्वास्थ्य जांच करवाने के कई फाएदे हैं, इससे हमें यह जानकारी मिलेगी कि हम फिट हैं या नहीं, अगर आप पूरी तरह से फिट है तो आपको अपना नया जीवन शुरू करने से पहले पाॅजिटिव उर्जा मिलेगी। बीमारी की जानकारी वक्त रहते मिल जाएगी जिसे खतरनाक होने से रोका जा सकेगा, साथ ही ऐसी बीमारी जो पुश्तैनी है उसे रोकने के लिए वक्त रहते जरूरी कदम उठा पाएंगे।

स्वास्थ्य जांच करवाने से पहले डाॅक्टरों द्वारा सुझाए कुछ मंत्र-

♦ अपनी मेडिकल फैमिली हिस्ट्री को जान लें, टेस्ट और उससे जुडे सभी सवाल एक पेपर पर लिख लें।
♦ चेकअप करवाने जाते समय अपने साथ सभी पुराने टेस्ट की रिपोर्ट साथ लेकर जाएं।
♦ किसी बीमारी का इलाज चल रहा हो तो उसकी प्रिस्क्रिप्शन साथ लेकर जाएं।
♦ चेकअप से एक दिन पहले कोई दवा लेने से बचें, इसके लिए अपने डाॅक्टर से जरूरी सलाह लें।
♦ जांच में अगर कोई चीज असामन्य लगती है तो उसे नजरअंदाज न करे तुरंत डाॅक्टर से परामर्श लें।

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