क्या आपके बच्चे भी जा रहे हैं लाॅकडाउन के बाद स्कूल, रखें इन बातों को ख्याल!

लंबे अर्से के बाद स्कूल खुल चुके हैं, लंबी छुट्टियों के बाद स्कूल जाना बच्चों के लिए उत्साह से भर देने वाला होता है। स्कूल जाने से बच्चे नियमित रूप से सोने के दिनचर्या, होमवर्क, परीक्षाओं और नए वातावरण को दैनिक रूप से जीते हैं। लेकिन इस खास समय जब वायरस का डर हर एक माता-पिता को सता रहा है, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली और उत्तर भारत में पड़ रही अत्यधिक सर्दी परेशानी का कारण बन सकते हैं। सौभाग्य से, बच्चों को स्कूल में सफल शुरुआत के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और बीमारियों को रोकने में मदद करने के लिए कुछ प्राकृतिक तरीके हैं, आइए उस पर नजर डालते हैः

आहार
कम उम्र में बच्चों को स्वस्थ खाने की आदतों का महत्व जानना जरूरी होता है, संतुलित आहार जो कीटाणुओं को दूर रखने सहित स्वास्थ्य पर कई सकारात्मक प्रभाव डालता है। प्रोसेस्ड फूड से परहेज करें और भरपूर फल, सब्जी, प्रोटीन और साबुत अनाज खाने पर जोर दें। चीनी को सीमित करें, अपने बच्चे के दिन की शुरुआत एक संतुलित नाश्ते से करें, जैसे कि फल, दही और दलिया या ऑमलेट। दोपहर के भोजन में संतुलित और पौष्टिक आहार व स्नैक्स की आदत बच्चों में डालें, जैसे कि पनीर, मौसमी सब्जियों के साथ गेहूं की रोटी और फल आदि। रात के खाने में भी सब्जियों को जरूर शामिल करें।

प्रतिरक्षा बूस्टर
अगर आपका बच्चा जल्दी-जल्दी बीमार होता हो तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। जल्द से जल्द किसी अच्छे विशेषज्ञ से संपूर्ण जांच करवाएं, बहुत कुछ संभव है कि बच्चे में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी हो। ऐसी स्थिति में डाॅक्टर आपको मल्टीविटामिन आदि देने के लिए सलाह दे सकता है। प्रतिदिन के आहार में आप बच्चों को विटामिन सी और जस्ता से युक्त खाद्य पदार्थ दे सकते हैं। ये पदार्थ प्रतिरक्षा स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। बच्चे की जांच के बाद आप अपने डाॅक्टर से संतुलित आहार का चार्ट अवश्व बनवा लें, और उसी के अनुसार बच्चे को पोषक तत्वों से भरपूर आहार दें।

बच्चों के स्ट्रेस की गंभीरता समझें
तनाव और कमजोर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के बीच सीधा संबंध है, सुनिश्चित करें कि पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के पास खेलने और आराम करने का पर्याप्त समय है। समय के साथ-साथ पेंटिंग और ड्राइंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें। व्यायाम भी एक आदर्श क्रिया है जो प्रतिरक्षा को भी मजबूत करता है, तनाव को दूर करता है और बचपन के मोटापे से बचाता है। विशेषज्ञ यह भी सुझाव देते हैं कि बच्चे को योग और ध्यान करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इससे प्रतिरक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ एकाग्रता में भी सुधार होता है।

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