अस्थमा (दमा) के घरेलू इलाज के लिए कारगर हैं ये उपाय

बेहतर परिणाम के लिए अस्थमा (दमा) के घरेलू इलाज की सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। बढ़ते प्रदूषण, खराब जीवनशैली जैसी वजहों से अस्थमा की समस्या बढ़ रही है। वैसे अस्थमा के कई कारण हो सकते हैं। जैस कि एलर्जी, धूम्रपान और तंबाकू का अधिक सेवन करने से। बहुत अधिक वजन, तनाव आदि की वजह से भी अस्थमा हो सकता है। आनुवंशिक कारण भी अस्थमा के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। बचपन में फेफड़ों का संक्रमण भी आगे चलकर अस्थमा का कारण बन सकता है।

अस्थमा के शुरूआती लक्षण

सही इलाज के लिए अस्थमा के शुरूआती लक्षणों को पहचानना जरूरी होता है। लक्षण जैसे कि सांस लेने में परेशानी होना, सांस लेते समय घरघराहट या सीटी की आवाज आना। बहुत अधिक खांसी आना। थोड़ी सी शारीरिक गतिविधि करते ही अधिक थकान का महसूस होना। बार-बार सर्दी और खांसी जैसी समस्याओं को सामने आना और अचानक नींद में कमी या बेचैनी महसूस होना। ये कुछ ऐसे लक्षण हैं जिनके सामने आने पर आपको बिना देर किये डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

अस्थमा (दमा) का घरेलू इलाज (dama ka ilaj) किस तरह करें ?
लौंग

अस्थमा (दमा) के घरेलू इलाज में लौंग एक बेहतर परिणाम देने वाली साबित हो सकती है। आयुर्वेद में लौंग के कई चमत्कारी गुणों के बारे में बताया गया है। लौंग अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति को भी लाभ पहुंचा सकती है। आप दिन दो बार लौंग का सेवन कर सकते हैं। इससे आपको लाभ होगा।

अदरक

अस्थमा के मरीजों को अदरक का अर्क भी बहुत फायदा पहुंचाता है। आप सुबह की चाय में अदरक का सेवन कर सकते हैं। आप रात में सोने से पहले अदरक का एक टुकड़ा मुंह में दवा लें और उसका रस धीरे-धीरे निगलें। सांस की समस्या को कम करने के लिए अदरक का अर्क अच्छा होता है।

सरसों

अगर आप असस्थमा से पीड़ित हैं तो सरसों के तेल का सेवन बढ़ा दें। सरसों में मौजूद औषधीय गुण फेफड़ों के लिए अच्छे होते हैं।

अंजीर का सेवन

शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अंजीर का सेवन किया जा सकता है। अंजीर आपके शरीर को अंदर से मजबूत बनता है। आप अंजीर सुबह सवेरे खाली पेट भी ले सकते हैं।

काली चाय

कुछ अस्थमा से पीड़ित व्यक्तियों को काली चाय पीने से लाभ होता है। काली चाय का सेवन करके देखें अगर आपकी समस्या में राहत हो तो इसे अपनाया जा सकता है।

शहद

शहद अस्थमा के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। शहद में मौजूद एंटीबैक्टीरियल तत्व शरीर में बुरे बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। साथ ही आपके शरीर को अंदर से मजबूती प्रदान करते हैं।

कच्चा प्याज

कच्चा प्याज भी कई अस्थमा के रोगियों को फायदा पहुंचाता है। इसका सेवन आपको कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी बचा सकता है। इसलिए खाने में प्याज का प्रयोग जरूर करें। अगर संभव हो तो खाने के साथ में सलाद की तरह कच्चे प्याज का इस्तेमाल करें।

फल

फलों के सेवन को बढ़ाना अस्थमा के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। फल शरीर की विटामिन की जरूरतों को पूरा करता है। इसके साथ ही यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। फल जैसे संतरा, कीनू या नींबू में मौजूद विटामिन सी आपके लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।

आंवला

विटामिन सी की बात हो और आंवले की बात न हो ऐसा कहां हो सकता है। आंवला अस्थमा के मरीजों के लिए रामबाण साबित हो सकता है। ध्यान रखने की बात ये है कि इसका सेवन नियमित रूप से करना जरूरी है।

गर्म सूप

अकसर अस्थमा के रोगियों की दिक्कद जाड़ों में बढ़ जाती है। जाड़ों सूप का दैनिक सेवन आपकी समस्या को कम कर सकता है। गर्म सूप सांस लेने में हो रही परेशानी को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

करेला

अस्थमा के घरेलू इलाज में करेला बहुत उपयोगी होता है। आप करेले को कच्चा भी खा सकते हैं। इसका जूस कई तरह की शारीरिक परेशानियों से निजाद दिला सकता है। करेला आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसका सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।

दूध

गरम दूध का नियमित सेवन आपकी अस्थमा की परेशानी को बहुत हद तक कम कर सकता है। गरम दूध पीने का सबसे अच्छा समय रात में सोने से पहले का होता है। इससे आपकी आंतरिक शारीरिक क्षमताओं में वृद्धि होती है।

स्वास्थ्य संबंधी समस्या के सामने आने पर सबसे पहले डॉक्टरीय सलाह लेनी चाहिए। आर्टिकल का उद्देश्य जानकारी देना मात्र है। हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें। आप सांझ संजोली पत्रिका से इस्टाग्राम पर जुड़ सकते हैं। आपको बेहतर और सटीक जानकारी प्रदान करना ही हमारा लक्ष्य है।

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