कैल्शियम की कमी और अधिकता दोनों ही हानिकारक!

आमतौर पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कैल्शियम की कमी अधिक पायी जाती है क्योंकि पीरियड्स के दिनों में और गर्भावस्था के दौरान उनमें कैल्शियम की खपत अधिक होती है। कैल्शियम की कमी के कारण महिलाओं में समय से पहले ही आर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस या अन्य जोड़ों से संबन्धित परेशानियां देखने को मिलने लगती हैं। लेकिन कुछ महिलाएं अपनी सेहत को लेकर काफी कॉन्शियस होती हैं। वे अपनी सेहत और बेहतर फिगर के लिए अपने खानपान का ध्यान तो रखती ही हैं, साथ ही सप्लीमेंट भी लेती हैं ताकि भविष्य में उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। अगर आप भी ऐसा कुछ कर रही हैं तो एक बार किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें क्योंकि जिस तरह कैल्शियम की कमी तमाम बीमारियों की वजह है, उसी तरह इसकी अधिकता भी कई मुसीबतें खड़ी कर देती है। वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मवीर शर्मा से जानते हैं इसके बारे में।

प्रश्न: कैल्शियम का शरीर के विकास में क्या रोल होता है?
उत्तर: कैल्शियम हमारे शरीर की हड्डियों और दांतों को मजबूत करने का काम करता है। इसके अलावा मांसपेशियों की मजबूती, नर्व फंक्शन व दिल की धड़कनों को नियंत्रित करने में भी इसका बड़ा रोल होता है।

प्रश्न: कैल्शियम की कमी से क्या परेशानियां हो सकती हैं?
उत्तर: कैल्शियम की कमी से हमारी हड्डियां व दांत कमजोर होते हैं। आर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस, मांसपेशियों में क्रैंप, नाखून कमजोर होना, पीरियड्स के दौरान अधिक दर्द, सिरदर्द, डिप्रेशन, दिल की धड़कनों की अनियमितता हो सकती है।

प्रश्न:  कैल्शियम की कमी होने पर क्या करें?
उत्तर: बताए गए लक्षण यदि दिखें तो अलर्ट हो जाएं और विशेषज्ञ से परामर्श करें।  विशेषज्ञ की सलाह से जरूरी टैस्ट कराएं और दी गई दवा और सभी निर्देशों का पालन करें।

प्रश्न: यदि खुद कैल्शियम सप्लीमेंट खरीदकर खाएं तो क्या होगा?
उत्तर: विशेषज्ञ व्यक्ति की रिपोर्ट देखकर उसे उसकी जरूरत के हिसाब से दवाएं निर्देशित करते हैं। कई बार बहुत ज्यादा कमी न होने पर दवाओं की जरूरत नहीं होती, ऐसे में डॉक्टर सिर्फ वे कैल्शियम युक्त आहार खाने की सलाह देते हैं। लेकिन अगर बगैर परामर्श के कैल्शियम सप्लीमेंट लिया जाए तो शरीर को कैल्शियम आवश्यकता से अधिक भी मिल सकता है। अधिक कैल्शियम के भी काफी नुकसान होते हैं।

प्रश्न: अधिक कैल्शियम के क्या नुकसान हैं?
आवश्यकता से अधिक कैल्शियम लेने से शरीर में स्टोन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा हड्डियों में कड़ापन आ सकता है। हड्डियां कमजोर होकर जल्दी टूटने की समस्या हो सकती है। हृदय संबंधी समस्या भी हो सकती है। यहां तक कि प्रोस्टेट कैंसर भी हो सकता है।

प्रश्न: सामान्य रूप से व्यक्ति को कितना कैल्शियम लेना चाहिए?
उत्तर: पुरुषों को कम से कम 1000 से 1200 मिलीग्राम, महिलाओं व बुजुर्गों को 1200 से 1500 मिलीग्राम और बच्चों को कम से कम 1300 और अधिक से अधिक 2500 मिलीग्राम कैल्शियम प्रतिदिन लेना चाहिए।

प्रश्न: किन चीजों से कैल्शियम मिल सकता है?
उत्तर: हरी सब्जियां, दूध, दही, कच्चा पनीर, ब्रोकली, चुकंदर, पालक, केला, सोयाबीन, अंडे, मछली, बादाम, काजू आदि।

प्रश्न: जितना कैल्शियम हम लेते हैं, क्या सब शरीर में अवशोषित हो जाता है?
उत्तर: ये बहुत सही सवाल है, याद रखिए कि कैल्शियम हमारे शरीर को तब ही लगता है जब इसे विटामिन डी मिलता है। विटामिन डी कैल्शियम को अवशोषित करने का काम करता है। यदि विटामिन डी की शरीर में कमी रहेगी तो हमारी डाइट में लिया हुआ कैल्शियम व्यर्थ हो जाएगा। विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए रोजाना सुबह की धूप लें। ये बेहद अच्छा और प्राकृतिक सोर्स है।  

प्रश्न:  कैल्शियम की जरूरी मात्रा शरीर तक पहुंचाने के लिए डाइट में क्या लेना चाहिए?
उत्तर: सामान्य व्यक्ति रोजाना कम से कम दो गिलास दूध लें। अगर दो बार दूध नहीं ले सकते तो एक बार लें और इसके अलावा दिन में दही, छाछ, कच्चा पनीर आदि कोई अन्य डेयरी प्रोडक्ट लें। हरी सब्जियां खाएं। फल खाएं। 

यह भी पढ़ेंः