लो कार्ब डाइट प्लान क्या आपका वजन कम कर सकता है

डाइट एक्सपर्ट, ईशा अग्रवाल से बातचीत पर आधारित

मोटापे की समस्या से कई लोग जूझ रहे हैं। ऐसे में युवाओं का रूझान लो कार्ब डाइट प्लान की तरफ बढ़ रहा है। लो कार्ब डाइट मतलब ऐसा आहार जिसमें कार्बाेहाइड्रेट की मात्रा कम से कम हो। क्या होती है लो कार्ब डाइट, क्या इससे वजन में कोई कमी आती है। कार्बाेहाइड्रेट जैसे जरूरी पोषक तत्व को अपने आहार से निकलना क्या सही है?

गुरूग्राम में रहने वाली प्राची (बदला हुआ नाम) एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करती हैं। उनकी उम्र 35 वर्ष है। करीब दो महीने पहले बढ़े हुए वजन को कम करने के लिए, उन्होंने अपने आहार में कार्बाेहाइड्रेट लेना बंद कर दिया। चावल, आलू जैसे खाद्य पदार्थाे को खाना बिल्कुल बंद कर दिया। लगभग 14 से 15 दिन बाद उन्हें शरीर में बहुत कमजोरी महसूस होने लगी।

परेशानी बढ़ने पर उन्होंने जांच करवाई। जांच में उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी उजागर हुई। जिसके बाद डॉक्टर ने उन्हें मल्टीविटामिन आदि दिए। डॉक्टर ने उन्हें संतुलित आहार लेने की सलाह दी। अब प्राची पहले से बेहतर महसूस कर रही हैं। उन्होंने अपने आहार में से कार्बाेहाइड्रेट को निकाल देने का आइडिया ड्राप कर दिया है और डाइटीशियन की सलाह से लो कार्ब डाइट प्लान अपनाया है।

कार्बाेहाइड्रेट न लेने के बारे में क्या कहते हैं विशेषज्ञ
Isha Aggarwal, Dietitian

डाइट एक्सपर्ट, ईशा अग्रवाल ने बताया कि वजन कम करने के लिए कार्बाेहाइड्रेट बिल्कुल न लेना गलत है। आप किसी अच्छे डाइट एक्सपर्ट से डाइट प्लान करवा सकते हैं। डाइट एक्सपर्ट आपकी जरूरत के हिसाब आपकी डाइट प्लान करता है। वजन बढ़ने की डर से बहुत से लोग कार्बाेहाइड्रेट लेने का गलत समझते हैं। जबकि शरीर को सही तरह से चलाने के लिए कार्ब की जरूरत होती है। कार्बाेहाइड्रेट शरीर का मुख्य ऊर्जा स्रोत होता है।

कार्बाेहाइड्रेट की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी हो सकती है। इसके साथ-साथ कार्ब की कमी से आप हाइपोग्लाइकेमिया के शिकार हो सकते हैं। मानसिक थकान, सांसों की दुर्गंध, मतली और सिरदर्द आपको परेशान कर सकता है। गंभीर परिस्थितियों कार्बाेहाइड्रेट की कमी जोड़ों की समस्या व गुर्दे की पथरी का कारण भी बन सकती है।

सबसे ज्यादा कार्बाेहाइड्रेट किसमें होता है?

चावल, केला, सेब, आम, खजूर, किशमिश, बीन्स, चना, डिब्बा बंद फल, डोनट्स, सोडा, आलू या कॉर्न चिप्स, फ्रेंच फ्राइज़ आदि में सबसे ज्यादा कार्बाेहाइड्रेट पाया जाता है।

कार्बाेहाइड्रेट सबसे कम किस चीज में पाया जाता है?

लो कार्ब्स फूड में जैतून, स्ट्राबेरी, ब्रोकोली, टमाटर, प्याज जैसे खाद्य पदार्थ आते हैं। इसके साथ-साथ डार्क चॉकलेट, स्प्राउट्स, बादाम, अखरोट, मूंगफली, चिया बीज, पनीर, दही, जैतून का तेल, नारियल का तेल आदि में भी कार्बाेहाइड्रेट की मात्रा कम होती है।

वजन कम करने के लिए कार्बाेहाइड्रेट छोड़ना सही है?

नहीं, वजन घटाने के लिए किसी भी मैक्रो पोषक तत्व को छोड़ना ठीक नहीं है। भारतीयों का मुख्य भोजन रोटी, डोसा या चावल होता है। वजन घटाने के लिए पसंदीदा भोजन छोड़कर हमारी भूख और ज्यादा बढ़ जाती है। सही तरीके से डाइट प्लान करने के लिए हमेशा डाइट एक्सपर्ट का सहारा लेना चाहिए। बिना विशेषज्ञ की सलाह लिए डाइट प्लान नहीं बनाने चाहिए।

अगर कार्बाेहाइड्रेट की बात करें तो, ये हमारे शरीर की ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। ये हमारे मस्तिष्क, गुर्दे, हृदय की मांसपेशियों और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को ईंधन देने का कार्य करता है।

शरीर के हिसाब से ही कार्बाेहाइड्रेट में कमी की जाती है। शरीर को कितना कार्बाेडाड्रेट चाहिए इसका फैसला आपके डाइटीशियन को करने दीजिए। एक व्यक्ति को हर दिन कितने कार्ब्स जरूरत है। ये व्यक्ति की उम्र, लिंग, वजन और अन्य गतिविधि आधार पर तय होता है।

सांझ संजोली पत्रिका की कोशिश आप तक सटीक और रोचक ख़बरे पहुंचाने की होती है। इसी वजह सांझ संजोली मैगज़ीन तेजी से लोकप्रिय होने वाली मैगज़ीन की श्रेणी मे आ गई है। आप सभी का इसके लिए धन्यवाद। फेसबुक पेज को फॉलो करें