तम्बाकू का सेवन बना सकता है आपको बहुत बीमार!

तम्बाकू इंसान के लिए हानिकारक है, लेकिन फिर भी हम इसका सेवन करने से बाज नहीं आते हैं। ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे (जीएटीएस) के अनुसार राजधानी में 10.5 प्रतिशत युवा, 16.7 प्रतिशत पुरूष व 2.8 प्रतिशत महिलाएं गुटखे, खैनी और जर्दे का उपयोग करते हैं। हर साल तम्बाकू खाने से लगभग 6 मिलियन लोग अपनी जिंदगी से हांथ धोते है, सर्वे के अनुसार अगर यही स्थिति रही तो यह आंकडा 2020 तक 10 मिलियन को भी पार कर लेगा। वहीं भारत में हर साल 0.9 लोग तम्बाकू की आदत की वजह से अपनी जान गंवाते हैं। वहीं अगर तम्बाकू के इस्तेमाल की बात करें तो ग्लोबल एडल्ट तम्बाकू सर्वे के आकड़ों के अनुसार पूरे विश्व में लगभग 1.2 बिलियन लोग तम्बाकू उत्पादों को सेवन करते हैं। अगर यही स्थिति रही तो 2020 तक यह आंकडा 1.6 बिलियन को भी पार कर लेगा। वहीं सिर्फ भारत में आश्चर्यजनक रूप से लगभग 274.9 मिलियन लोग तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। तम्बाकू के इस्तेमाल में भारत का तीसरा स्थान है, जोकि सचमुच चिंता का विषय है।

अधिकांश लोगों का मानना है कि तम्बाकू की वजह से मुंह का कैंसर या सांस की बीमारी ही होती हैं। लेकिन तम्बाकू की वजह से बांझपन, आस्टियोपाॅरोसिस, व चर्म रोगियो की संख्या लगातार बढ़ रही है।  पुरूषों में संतान पैदा न कर पाना कई कारकों पर निर्भर करता है, उनमें से सबसे बड़ा कारक तम्बाकू है। महिलाओं में भी तम्बाकू का सेवन बहुत अधिक बढ़ गया है, जिसकी वजह से लगातार लगातार बांझपन के मामले बढ़ रहे हैं। पुरूषों के अधिक तम्बाकू सेवन से उनके स्पर्म की गुणवत्ता में भारी कमी आती है, जिसकी वजह से उन्हें सन्तान होने में दिक्कत होती है।

इसके बारे में बात करते हुए शांता आईवीएफ सेंटर की आईवीएफ एक्सपर्ट डाॅक्टर अनुभा सिंह ने बताया कि तम्बाकू का सेवन बहुत हद तक पुरूषों में सपर्म की गुणवत्ता घटाने के लिए जिम्मेदार है। इसकी वजह से स्पर्म काउंट कम हो सकते है, साथ ही इसकी वजह से कम गुणवत्ता वाले स्पर्म की संख्या भी बढ़ सकती है। बांझपन का खतरा आपके हर बार तम्बाकू खाने से और बढ़ता चला जाता है। साथ ही जो महिलाएं तम्बाकू का सेवन करती है, वो चाहे जिस रूप में भी हो बांझपन का खतरा बेहद बढ़ जाता है। हुक्का बार का चलन आजकल बहुत चल रहा है, युवा उसके आदी होते जा रहे हैं। जिस वजह से भी बांझपन बहुत बढ़ रहा है और अगर गर्भावस्था के दौरान भी तम्बाकू का सेवन किया जाता है तो इसका बच्चे पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है। बच्चों में विकार की भी संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।

एक शोध के अनुसार देश में 19.5 फीसदी महिलाएं धूम्रपान करती हैं, वहीं ऐसे 42 फीसदी पुरूष हैं जो धूम्रपान करते हैं। शोध के अनुसार विश्व में तंबाकू सबसे ज्यादा सिगरेट के माध्यम से लिया जाता है। यही तंबाकू कैंसर का सबसे बडा कारण है। तंबाकू के सेवन से कैंसर का खतरा तीन गुना बढ जाता है। सिगरेट, सिगार, तंबाकू आदि के ज्यादा इस्तेमाल से मुँह का कैंसर हो जाता है। कई ऐसे अध्ययन सामने आए हैं जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि तम्बाकू को सेवन करने से बांझपन का खतरा दोगुना हो जाता है। जो महिलाएं तम्बाकू का सेवन करती हैं उनके अंडाशय को क्षति पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है और कई बार बच्चे में भी विक्रतियां हो सकती हैं।

तम्बाकू और त्वचा
अगर त्वचा की बात करें तो तम्बाकू त्वचा पर बहुत बुरा असर डालती है। तम्बाकू की वजह से त्वचा पर कम उर्म में झुर्रियां पडने लगती हैं, साथ कम उर्म में ही व्यक्ति की उर्म अपनी वास्तविक उर्म से कहीं ज्यादा लगने लगती है। जितना ज्यादा तम्बाकू आप खाते जाते हैं, उसका नुकसान त्वचा पर उतना ही ज्यादा पडता जाता है। राजधानी में ऐसे कई मामले आपको आसानी से मिल जाएंगे, जिनमें तम्बाकू की वजह से त्वचा में बहुत नुकसान हुआ होगा।

इस बारे में त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर निवेदिता दादू ने बताया कि सिगरेट और तम्बाकू सिर्फ आपके चेहरे की त्वचा पर ही बुरा प्रभाव नहीं डालता बल्कि इसकी वजह से शरीर के कई अन्य हिस्सों की त्वचा पर भी बेहद बुरा प्रभाव पडता है जैसे हांथों के बगलों पर आदि पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। तम्बाकू त्वचा पर दो तरह से प्रभाव डालती है। पहली तो तम्बाकू हवा में जा कर त्वचा की उपरी भाग को नुकसान पहुंचाती है। वहीं दूसरी तरफ तम्बाकू शरीर के अंदर जा कर त्वचा में खून का बहाव कम कर देती है जिसकी वजह से त्वचा को जरूरी पोषण व आक्सीजन आदि नहीं मिल पाते हैं।

किसी भी रूप में तम्बाकू का सेवन काॅलेजिन और इलेस्टिन को क्षति पहुंचाता है जिसकी वजह से उन फाइबर्स को नुकसान पहुचता है जिसकी वजह से त्वचा में लचीलापन व चमक बनी रहती है। इसके साथ-साथ जब हम तम्बाकू या सिगरेट पीते हैं तो चेहरे व आंखों के हाव-भाव से भी झुर्रियां पड़ती हैं, जिन्हें आप नकार नहीं सकते हैं। भारत में तम्बाकू खाना बहुतों की आदत में शुमार है, इसकी वजह से त्वचा का कैंसर भी हो सकता है।

तम्बाकू से कैसे पाएं छुटकारा

– तम्बाकू का सेवन पूरी तरह से त्याग दें
– संतुलित आहार लें जो कि कैल्सियम और विटमिन से युक्त हो
– शराब का सेवन न करें
– रोजाना व्यायाम करें
– प्रक्रति को अपना दोस्त बनाएं
– अपने तनाव को काबू में रखें यह भी बांझपन व त्वचा की रंगत कम करता है

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