कोरोना वायरसः इन बीमारियों से ग्रस्त हैं तो रहें अधिक सतर्क!

शांता आईवीएफ सेंटर की विशेषज्ञ डाॅक्टर अनुभा सिंह से सांझ संजोली (Sanjh Sanjoli Magazine) टीम की बातचीत पर आधारित

फेफड़े की समस्या से परेशान लोगों को कोरोना वायरस का खतरा अधिक हो सकता है, जैसे किः
धूम्रपान करने वालों को इस चाहिए कि वे धूम्रपान छोड़कर स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाएं। दरअसल जो लोग धूम्रपान करते हैं उन्हें फेफड़ों की बीमारी जैसे कि दमा आदि होने का खतरा ज्यादा होता है। धूम्रपान आपको जोखिम में डालता है क्योंकि यह आपके रक्षा तंत्र को प्रभावित करता है। इसलिए धूम्रपान को छोड़ने में ही समझदारी है। इसके लिए आप किसी कुशन चिकित्सक का भी सहारा ले सकते हैं। इसके साथ-साथ अगर आपको उच्च रक्तचाप की समस्या भी है तो आपके लिए खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है। जरूरी है कि आप व्यवस्थित जीवनशैली अपनाएं और संतुलित व पोषक तत्वों से युक्त भोजन करें।

दिल और रक्त वाहिका से संबंधित
दिल और रक्त वाहिका से संबंधित रोगों से ग्रस्त लोगों को कोरोना वायरस से ग्रस्त होने का खतरा ज्यादा हो सकता है जैसे किः दिल से संबंधित बीमारी या पहले कभी दिल का दौरा झेल चुके व्यक्ति को, हृदय वाल्व रोग से ग्रस्त व्यक्ति को, दिल के लय की स्थिति, धमनी रोग, उच्च रक्त चाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल से ग्रस्त व्यक्ति को कोरोना वायरस का खतरा अधिक हो सकता है।

मधुमेह से परेशान लोग विशेष ध्यान देंः
सभी प्रकार के मधुमेह कोरोना वायरस संक्रमण से जोखिम को बढ़ा सकते हैं। मधुमेह प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है। रक्त में अधिक शर्करा उन कोशिकाओं को प्रभावित करती है जो संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं इसलिए मधुमेह ग्रस्त व्यक्ति अधिक सावधानी बरतें।

उम्र
युवा लोगों की तुलना में कोरोना वायरस से गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा अधिक उर्म के लोगों को ज्यादा होता है। उम्र बढ़ने के साथ हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली में परिवर्तन होता है, और कमजोर प्रतिरक्षा वायरस की लड़ने में असमर्थ होती है। फिरभी व्यक्ति जो 70 साल का है और बहुत सक्रिय और स्वस्थ है, वह उस उम्र में कम सक्रिय व्यक्ति की तुलना में कम जोखिम में होगा। इसलिए जरूरी है कि आप संतुलित और स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाएं। असंतुलित जीवनशैली कम उर्म के लोगों को गंभीर खतरे में डाल सकती है। आए दिन इस वायरस के कई वेरियंट सामने आ रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि वैक्सीन जरूर लगवाएं और स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाएं।

कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोग
जिन लोगों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई है उन्हें कोरोनोवायरस से संक्रमित होने का खतरा अधिक है, कुछ बीमारियों के दौरान भी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, ऐसे लोगों को अपना विशेष ध्यान देने की जरूरत है उदाहरण के लिए कैंसर से पीड़ित लोग, एचआईवी एड्स से पीड़ित लोग, जिन लोगों का ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुआ हो।

  • आर्टिकल का उद्देश्य जानकारी देना मात्र है, कृपया किसी समस्या से ग्रस्त होने पर जल्द से जल्द विशेषज्ञ से संपर्क करें।