सर्दियों में सूखी त्वचा से बचने के लिए सही जानकारी है जरूरी

लोग अकसर सर्दियों में सूखी त्वचा की शिकायत करते है। इससे बचने के लिए लोग अकसर सर्दियों में रूखी त्वचा के लिए क्रीम का प्रयोग करते हैं। लेकिन कई बार इससे भी बहुत अधिक फायदा नहीं मिलता। कई विशेषज्ञ इस बात की सलाह देते हैं कि सर्दियों में रूखी त्वचा के लिए साबुन का प्रयोग अधिक नहीं करना चाहिए। अब सवाल उठता है कि क्या सर्दियों में सूखी त्वचा को रोकना संभव है भी या नहीं? त्वचा को सूखने से रोकने के लिए सर्दियों के महीनों के दौरान इनडोर वातावरण को नम बनाये रखना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। कभी-कभी स्नान की आवृत्ति में कमी और हार्ड साबुन के प्रयोग से बचना व डिटर्जेंट के संपर्क में कमी भी सूखी त्वचा को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

अच्छी हाइड्रेटेड त्वचा के लिए रोजाना दो या तीन बार एक अच्छी कोल्ड क्रीम का प्रयोग करें। गुनगुने पानी से सूखी त्वचा में सुधार किया जा सकता है और त्वचा की अतिरिक्त सफाई से बचा जा सकता है। लेकिन ज्यादा गर्म पानी से नहाने से त्वचा का रूखापन बढ़ सकता है। इसलिए अधिक गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए। कोमल क्लीन्जर के उपयोग से सूखी त्वचा को रोका जा सकता है। सूखी और संवेदनशील त्वचा के लिए हल्के क्लींजर या साबुन रहित उत्पाद का प्रयोग करना चाहिए।

रूखी त्वचा एक बड़ी समस्या

शुष्क त्वचा एक बहुत ही सामान्य स्थिति है इसकी वजह से शरीर में खुर और शुष्क पैच उभर आते हैं।

खुजली सूखी त्वचा के सबसे आम लक्षणों में से एक है।

रूखी त्वचा की वजह से होने वाली स्क्रैचिंग को रोकना मुश्किल हो सकता है।

शुष्क त्वचा अधिक सर्दी के महीनों में आम होती है।

युवा लोगों की तुलना में बुजुर्गों को शुष्क त्वचा का खतरा अधिक होता है।

एक्जिमा के इतिहास वाले व्यक्तियों में सूखी त्वचा अधिक आम है।

हाइपोथायरायडिज्म वाले लोगों में सूखी त्वचा अधिक आम है।

बार-बार खुजली-खरोंच से त्वचा मोटी हो सकती है और काली पड़ सकती हैं।

अत्यधिक सूखापन त्वचा में दरार होने का कारण बन सकता है।

चिकनाई बढ़ाने वाले लोशन और क्रीम खुजली को कम करने में मदद कर सकती हैं।

सूखी त्वचा का मुख्य लक्षण खुजली है। शुष्क त्वचा वाले लोगों में अकसर त्वचा पर खुरदरी, सूखी, लाल पैच देखे जा सकते हैं और ये पैच अकसर खुजली वाले होते हैं। प्रभावित त्वचा के क्षेत्रों में हाथ, निचले पैर, पेट और टखनों और तलवों जैसे जगहें शामिल होती हैं। जैसे-जैसे त्वचा की सूखापन अधिक गंभीर होता जाता है त्वचा में दरारें पैदा होने लगती हैं।

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