दांत घिसने के कारण को जानना है जरूरी, समय रहते बच सकते हैं आपके दांत

आजकल युवाओं को भी दांत घिसने के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। दांतों की सेहत के लिए अच्छी देखभाल जरूरी होती है। दांत घिसने का सबसे मुख्य कारण दांतों की सड़न होता है। एक अनुमान के मुताबिक दांतों की सड़न दुनिया की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली समस्याओं में से एक है। ये समस्या बच्चों, युवाओं और अधिक उर्म के वयस्कों में सबसे आम है। समय पर इलाज न मिलने पर यह आपके दांतों की गहरी परतों को प्रभावित कर सकता हैं। जिसकी वजह से दांत दर्द और दांत को नुकसान हो सकता है।

दांत घिसने के शुरूआती लक्षणों को पहचानना है जरूरी

आमतौर पर दांत घिसने के कारण या कैवटी के शुरूआती लक्षण समस्या के जगह के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। परेशानी की शुरूआत में तो आपको आमतौर पर लक्षण भी नजर नहीं आते हैं। जैसे-जैसे समस्या बढ़ती जाती है लक्षण उभर कर सामने आते है। आइए नजर डालते हैं दांत घिसने या कैवटी के शुरूआती लक्षणों परः

  • तेज दांत दर्द जिसका कारण कई बार समझ में नहीं आता है।
  • दांत संवेदनशीलता, पानी के साथ-साथ कई बार हवा से भी झनझनाहट महसूस होती है।
  • मीठा, गर्म या ठंडा खाते या पीते समय हल्का या तेज दर्द महसूस होना।
  • कई बार दांतों में दिखाई देने वाले छेद या गड्ढे, जो समय से साथ बढ़ते रहते हैं।
  • दांतों पर भूरा, काला या सफेद दाग दिखाई देना।
  • खाते समय तेज दर्द जो मसूड़ों तक महसूस होता है।

आइए कुछ दांत घिसने के कारणों पर नजर डालते हैंः

दांतों की बनावट

मुंह में उन दातों के घिसने या कैविटी का खतरा ज्यादा होता है, जो सही प्रकार से सफाई से दूर होते हैं। कुछ लोगों में दातों की बनावट की वजह से सफाई पीछे के दातों में सही तरह से नहीं हो पाती है। जिसकी वजह से समस्या बढ़ जाती है। उन दांतों में बहुत सारे छोटे-छोटे खांचे, गड्ढे बन जाते है। जिसमें भोजन के कण एकत्रित हो जाते हैं। जिससे समस्या पैदा होती है।

आपका भोजन

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ जो आपके दांतों से लंबे समय तक चिपके रहते हैं। ऐसे में सड़न का खतरा बढ़ जाता है। सड़न की वजह से दातों का क्षय तेज हो जाता है। इसलिए दातों की सही तरह से सफाई बहुत जरूरी होती है। दिन में दो बार ब्रुश करना दांतों की समस्या से आपको बचा सकता है।

मीठे पेय पदार्थ

जब आप लगातार मीठा पेय पीते हैं तो आप मुंह के बैक्टीरिया को एसिड पैदा करने के लिए अधिक ईंधन देते हैं। जो आपके दांतों पर हमला करते हैं और उन्हें खराब कर देते हैं। बहुत अधिक मीठे पेय पदार्थों और सोडा पीने से बचना चाहिए।

सही प्रकार से ब्रुश न करना

यदि आप खाने-पीने के तुरंत बाद अपने दाँत साफ नहीं करते हैं, तो कैविटी जल्दी बनने लगती है। और इससे दांतों के क्षय का पहला चरण शुरू हो सकता है।

उम्र

बहुत छोटे बच्चों और किशोरों में भी दांतों की समस्या बहुत आहम हैं। हांलाकि वृद्ध लोगों में अधिक जोखिम होता है। समय के साथ, दांत खराब हो सकते हैं और मसूड़े पीछे हट सकते हैं। वयस्क जो अधिक दवाएं ले रहे हैं उनमें लार का स्तर कम हो सकता है। जिससे दांतों के सड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

सूखा मुंह

अगर आपका मुंह लगातार सूखा रहता है तो दांतों की समस्या का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। शुष्क मुंह लार की कमी के कारण भी हो सकता है। दरअसल लार आपके दांतों की सफाई करके दांतों की सड़न को रोकने में मदद करती है। लार में पाए जाने वाले पदार्थ बैक्टीरिया द्वारा उत्पादित एसिड का मुकाबला करने में भी मदद करते हैं। इसलिए अगर आपको सूखे मूंह की समस्या है तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह करना जरूरी हो जाता है।

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