दिवाली के दिन सूरन या जिमीकंद की सब्जी खाने की वजह, पढ़ें पूरा विश्लेषण!

दिवाली के दिन सूरन या जिमीकंद की सब्जी पका कर खाने की परंपरा है। साल के बाकी दिनों में जिमीकंद बाजार में भी इतना ज्यादा नहीं बिकता है। लेकिन दिवाली के आस-पास इसकी मांग बढ़ जाती है। दरसअल जिमीकंद या सूरन को दिवाली के शुभ अवसर पर पूरे परिवार द्वारा मिलकर खाना बहुत शुभ माना गया है। उत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में ये मान्यता है। दीपावली वाले दिन सूरन की सब्जी खाने की परंपरा की शुरूआत बनारस से हुई मानी जाती है।

दिवाली और सूरन की सब्जी का महत्व

हमारे बड़ों के अनुसार इस मान्यता की शुरूआत बनारस से सदियों पहले हुई थी। दिवाली के दिन जिमीकंद की सब्जी पूरे परिवार एक साथ बैठकर खाते है। जिमीकंद या सूरन एक गोलाकार सब्जी है। इस सब्जी को मिट्टी के नीचे आलू की तरह उगाया जाता है। साथ ही आलू की ही तरह इसे जड़ को खोदकर निकाला जाता है। और क्या आप जानते हैं कि इसे हटाने के बाद इसकी जड़ें मिट्टी में ही रहती हैं। जड़ों से ही दुबारा फिर से इसमें सूरन तैयार हो जाता है। अपनी जड़ों से भी सूरन या जिमीकंद का दुबारा उत्पंन होना ही इसकी विशेषता है। ऐसी मान्यता है कि जिस तरह जिमीकंद उत्पत्ति और उन्नती का प्रतीक है। दिवाली के दिन उसके सेवन से हमारे जीवन में भी उन्नती आती है।

सूरन या जिमीकंद की सब्जी

सूरन की सब्जी दिखने में गोलाकार होती है। दिखने में ये आलू का ही बड़ा रूप लगती है। इसे पकाने के लिए भी कुकर में कई सीटियां लगानी पड़ती हैं। इसे काटते समय सावधानी रखनी चाहिए, कठोर होने की वजह से हांथ कटने का डर भी रहता है। कई बार घर में महिलाएं इसे काटते समय होने वाली असुविधा से बचने के लिए, हांथों में तेल लगाकर इसे काटती हैं। बस कटने से बचने का ध्यान रखना चाहिए।

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ग्लूकोज की कम मात्रा

जमीने के नीचे पैदा होने वाली सूरन की सब्जी में ग्लूकोज की मात्रा कम होती है। जिसकी वजह से मधुमेह के रोगियों के लिए भी ये सब्जी बहुत अच्छी होती है। डायबिटीज के मरीज इसे आराम से खा सकते हैं। कुछ विशेषज्ञ शुगर में इस सब्जी के सेवन की सलाह भी देते हैं। कुछ मामलों मे लगातार सेवन से शुगर के मरीजों को फायदा हुआ। दरअसल सूरन की सब्जी में कई सेहत से जुड़े गुण होते हैं। शायद इस लिए भी इसे दिवाली के शुभ दिन सेवन करना अच्छा बताया गया है।

जिमीकंद सेहत के लिए सौभाग्यशाली

सूरन या जिमीकंद में पोषक तत्वों का खजाना होता है। इस सब्जी में एंटीऑक्सीडेंट, बीटा कैरोटीन जैसे पौष्टिक तत्व होते हैं। इन तत्वों की मौजूदगी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। जिमीकंद में मौजूद विटामिन और मिनरल हमारे शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। जमीन के नीचे उत्पंन होने वाली सूरन की सब्जी में भरपूर मात्रा में कैलोरी, वसा, कार्ब्स, प्रोटीन, पोटेशियम और घुलनशील फाइबर जैसे तत्व होते हैं। जोकि आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होेते हैं। यह सब्जी कई घातक बीमारियों में भी बेहद फायदेमंद होती है।

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