स्तन कैंसर के संकेतों को न करें अनदेखा

ज्यादातर मामलों में, स्तन कैंसर के शुरुआती चेतावनी के संकेत नहीं मिलते हैं। स्तन कैंसर का कोई प्रारंभिक लक्षण नहीं हो सकता है, और कई मामलों में, यह पहली बार स्क्रीनिंग मैमोग्राफी पर पाया जाता है। स्तन कैंसर का सबसे आम संकेत स्तन में एक नई गांठ का पैदा होना होता है। इसके अलावा, निम्नलिखित स्तन कैंसर के संभावित संकेत हो सकते हैं –

  1. स्तन में गाढ़ापन या गांठ जो आसपास के क्षेत्र से अलग महसूस होती है
  2. निप्पल का निकलना (पिछली उपस्थिति से बदलाव के रूप में)
  3. निप्पल डिस्चार्ज या लालिमा
  4. स्तन या निप्पल में दर्द
  5. आपके बगल या कॉलरबोन में सूजन का मतलब हो सकता है कि स्तन कैंसर उस क्षेत्र के लिम्फ नोड्स में फैल गया है
  6. स्तन के भाग की सूजन
  7. स्तन की त्वचा में परिवर्तन
  8. त्वचा के रंग में अप्रत्याशित बदलाव
  9. स्तन की त्वचा का डिंपल या पक जाना
  10. हाल ही में स्तन विषमता का उत्पन्न होना

स्तन कैंसर का कारण क्या है?
मैक्स हाॅस्पिटल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर विकास गोस्वामी ने सांझ संजोली (Hindi Magazine) से बात करते हुए बताया कि कई कारक हैं जो स्तन कैंसर के विकास की संभावना को बढ़ाते हैं। यद्यपि हम इन जोखिम कारकों में से कुछ को जानते हैं जैसे किः

हम जानते हैं कि डीएनए में उत्परिवर्तन के कारण सामान्य स्तन कोशिकाएं कैंसर हो जाती हैं, और हालांकि इनमें से कुछ विरासत में मिली होती हैं। प्रोटो-ओंकोजीन कोशिकाओं को बढ़ने में मदद करते हैं। यदि ये कोशिकाएं उत्परिवर्तित होती हैं, तो वे बिना किसी नियंत्रण के कोशिकाओं के विकास को बढ़ा सकती हैं। इस तरह के उत्परिवर्तन को ऑन्कोजीन के रूप में जाना जाता है। ऐसी अनियंत्रित कोशिका वृद्धि से कैंसर हो सकता है। स्तन कैंसर का खतरा उन महिलाओं में अधिक होता है जो इससे संबंधित किसी बीमारी से पीड़ित हैं। बहन, मां या बेटी के किसी करीबी रिश्तेदार के पीड़ित होने से महिला में इसका खतरा दोगुना हो जाता है।

जागरूकता के लिए उठाए जा रहे हैं कारगर कदम
फ्युजीफिल्म ने ब्रेस्ट की सही समय पर जांच को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में “परी लाएगी परिवर्तन” नाम का अभियान शुरू किया है।

इसके बारे में बताते हुए फ्युजीफिल्म इंडिया के प्रबंध निदेशक हारुतो इवाता ने कहा कि भारत में, प्रमुख समस्या कैंसर का देर से पता लगाना है और नियंत्रण की कुंजी सही समय पर सटीक उपचार देना है। और फुजीफिल्म की परिवार्तन पहल महिलाओं को आत्म-तैयार होने के लिए प्रोत्साहित करती है। हमें उम्मीद है कि यह पहल कम उर्म की महिलाओं को किसी प्रकार का लक्षण दिखने पर सही समय पर जांच के लिए प्रेरित करेगी। हम इस मिशन के लिए समर्पित हैं और हमारा मानना है कि बीमारी के बारे में जागरूकता इस बीमारी से लड़ने का बड़ा हथियार है।

फ्युजीफिल्म इंडिया के एक्जीक्यूटिव प्रसिडेंट व हेल्थ विभाग प्रमुख चंद्रशेखर सिब्बल ने बताया कि हम शुरुआती पहचान के महत्व को समझते हैं और उन्नत उपचारों के साथ जीवित रहने की दरों में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने महिलाओं मे ब्रस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से परिवर्तन अभियान की शुरुआत की है। हमें पूरी उम्मीद है कि हम अपने इस अभियान में सफल होंगे। मदर्स डे पर हम महिलाओं से उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

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