बच्चों के कान में दर्द को न करें अनदेखा

Ear Infection in kids: बच्चे कान के संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। बच्चों में कान का संक्रमण बहुत आम है। एक अनुमान में अनुसार हर तीन में से दो बच्चों को कान में संक्रमण हो जाता है। बच्चों को कान के संक्रमण का खतरा अधिक होता है, इसके सबसे बड़ा कारण है कि बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली अपरिपक्व होती है, और इससे संक्रमणों की संभावना अधिक बढ़ जाती है। कान में तीन तरह के संक्रमण होते हैं। कान का भीतरी संक्रमण, व मध्य भाग के साथ-साथ या बाहरी कान में संक्रमण हो सकता है। प्रत्येक प्रकार के कान के संक्रमण में अलग-अलग लक्षण सामने आते हैं।

कान की समस्याओं के लक्षण
कान का दर्द बच्चों में कान के संक्रमण का मुख्य संकेत है। कान के संक्रमण वाले बच्चों को दर्द के कारण सोने में परेशानी हो सकती है। अन्य लक्षणों में कानों से आने वाला डिस्चार्ज या तरल पदार्थ, बुखार, सुनने में परेशानी, चक्कर आना या नाक से खून आना शामिल हैं। इसके साथ-साथ कुछ अन्य लक्षण हैं जैसे किः

कान में रिंगिंग जैसी आवाज आना।
इसके साथ ही बच्चे दबाव को दूर करने के लिए अपने कान रगड़ सकते हैं।
सुनने में परेशानी। जिन बच्चों को सुनने में समस्या है, वे चिड़चिड़े हो सकते हैं।
संतुलन की समस्याएं और चक्कर आना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

बहुत छोटे बच्चे में कान के संक्रमण के लक्षण
कई बार कान का संक्रमण को बहुत छोटे बच्चे में पहचानना कठिन हो जाता है। बच्चे कान में होने वाले दर्द को बोल कर बताने में असमर्थ होते हैं। बच्चे अपने दर्द का वर्णन करने के लिए बहुत छोटे हैं। कई बार वे अपने कान को खींचकर या हांथ मार कर कान के दर्द का संकेत दे सकते हैं। काम की समस्या होने पर बच्चे चिड़चिड़े हो सकते हैं, या अच्छी तरह से नहीं खा सकते हैं या सो नहीं सकते हैं। एक इशारा ये भी हो सकता है कि शिशु अपनी बोतल से पीने से मना कर दे या दूध पिलाते समय बहुत रो रहा हो। ये कान दर्द का लक्षण हो सकता है क्योंकि निगलने से उनके कान में दर्द होता है। शिशुओं में कान के संक्रमण के कुछ अन्य लक्षणः

बुखार
कान की जलन
सुनने में परेशानी
अपर्याप्त भूख
उल्टी
दस्त

कान के दर्द का घरेलू उपचार
आपके बच्चे के कान दर्द में मदद करने के लिए कुछ घरेलू उपचार हैं। ईयर ड्राप्स राहत दे सकती हैं, लेकिन इनका उपयोग पहले बच्चे के डॉक्टर से जांच के बिना नहीं किया जाना चाहिए। अधिक दर्द होने पर दर्द निवारक और बुखार की दवाओं का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन ये भी चिकित्सक की सलाह पर प्रयोग करें। नमक के पानी से गरारे करना कान के दर्द से कुछ राहत दे सकता है। आप कान में गर्म जैतून के तेल की कुछ बूंदें डाल सकते हैं। यह प्रक्रिया आपके कान के दर्द को शांत कर सकती है लेकिन इसके साथ-साथ आपको सलाह यही दी जाती है कि बिना देर कि बच्चे को डाक्टर के पास ले जाएं, चिकित्सक जांच के बाद आपको उपयुक्त और सटीक सलाह दे सकते हैं। देर करने से तकलीफ और बढ़ सकती है।

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