फिशर की समस्या से आपको बचाएंगे ये उपाय

दस्त, कब्ज, या गुदा के पास की मांसपेशियों में असामान्य रूप से तनाव के कारण फिशर की समस्या उत्पंन हो सकती है। इसके कारण दरारे बन जाती है। ये दरारें महिलाओं में बच्चे के जन्म के दौरान भी हो सकती हैं, कई बार महिलाओं में ये समस्या प्रसव के बार आ जाती है। गुदा क्षेत्र में अत्यधिक तनाव से फिशर हो सकता है। जिसकी वजह से दर्द, ऐंठन और अधिक तनाव महसूस होता है। चिकित्सक आपको अधिक असुविधा से बचाने के लिए मल को नरम और आसानी से पारित होने की दवा भी दे सकते हैं। कुछ घरेलू उपाय है जिनका ख्याल रख कर इस समस्या से बचा जा सकता है। आइए उन पर नजर डालते हैंः

फाइबर की मात्रा बढ़ाएं

उचित मात्रा में फाइबर मल को बहुत सख्त (कब्ज) होने से रोकने में मदद करता है। आसानी से मलत्याग फिशर की समस्या को खत्म करने में मददगार हो सकता है। अपने आहार में आप

चोकर युक्त अनाज
बीन्स
मटर दाल
चने
मसूर की दाल
लोबिया
सोयाबीन, आदि का सेवन कर सकते हैं।

पर्याप्त मात्रा में पानी

कब्ज होने का एक बड़ा कारण सही मात्रा में पानी न पीना भी होता है। पानी मल को नरम और मलत्याग को आसान बनाता है। ये जरूरी है कि दिन में एक निश्चित अंतराल पर आप पानी पीते रहें। घर से बाहर जाने पर अपने साथ पानी की एक बोतल भी रख सकते हैं। आप पानी में नींबू आदि का मिश्रण बना के भी ले सकते हैं।

पेरिअनल त्वचा

मलत्याग के बाद सही प्रकार से सफाई बहुत जरूरी है। अगर सफाई के दौरान आपको दर्द महसूस हो रहा है तो आप हैंड शॉवर का उपयोग कर सकते हैं। ध्यान रखें कि पानी के प्रेषर को अधिक न करें, इससे समस्या बढ़ सकती है। साथ ही आप टॉयलेट पेपर के बजाय, वेट टिषूू पेपर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

व्यायाम

आपके शरीर को स्वस्थ्य और निरोगी रखने के लिए व्यायाम जरूरी होता है। आपको चाहिए कि आप रोजाना व्यायाम के लिए समय जरूर निकालें। इसके लिए आप एक तय समय को चुन सकते हैं। दरअसल फिषर की समस्या कई बार अधिक वजन होने की वजह से भी हो सकती है। ऐसे में व्यायाम आपको फिषर के साथ-साथ षरीर की कई अन्य परेषानियों से भी बचा सकता है।

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