मसूड़ों में इन्फेक्शन से छुटकारे के लिए जरूरी है ये जानकारी!

कम उर्म में मसूड़ों में इन्फेक्शन दांत गिरने का बड़ा कारण होते है। मसूड़े हमारे दांतों की सुरक्षा के लिए एक आधार का काम करते हैं। मसूड़े की समस्याओं के मुख्य कारणों में से एक दांतों में बैक्टीरिया है। मसूड़ों में बैक्टीरिया हानिकारक विषाक्त पदार्थों का उत्पादन करते हैं। यही पदार्थ हमारे मसूड़ों को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। बैक्टीरियल प्लाक का इलाज सही समय पर करना जरूरी होता है। नहीं तो यह दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाता है। दांतों के खराब स्वास्थ्य से मुंह की कई तरह की समस्याएं और कई अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं। जैसे कि
हृदय रोग।
जबड़े की हड्डी को नुकसान।
शरीर में संक्रमण।
मुंह में सूखापन।
दांतों में सड़न।

मसूड़ों में इन्फेक्शन के लक्षण

स्वस्थ मसूड़े गुलाबी रंग के नजर आते हैं। इसके साथ ही मसूड़ों को सख्त होना चाहिए। कई बार थोड़ी समस्या होने पर हम उसे नजरअंदाज कर देते हैं। मसूड़ों में इन्फेक्शन को शुरूआत में पहचानना जरूरी होता है। जिससे उनका बेहतर इजाज किया जा सके। मसूड़ों में इन्फेक्शन के शुरूआती लक्षण आप इस तरह पहचान सकते हैंः

मसूड़ों में लालपन,
दर्द के साथ सूजन,
दांतों में ब्रश करने पर खून आना,
सांसों की तेज दुर्गंध,
मसूड़ों में दर्द।
मसूढ़ों का सिकुड़ना भी मसूड़े की बीमारी का इशारा होता है।
जरूरी है कि इन लक्षणों के सामने आते ही आप दंत रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

मसूड़ों का इलाज

दंत रोग चिकित्सक द्वारा जांच के बाद मसूड़े की समस्या का इलाज किया जा सकता है। मसूड़े की सूजन के मामले में, दांतों के आसपास टैटार या कैवटी को हटाने के लिए दांत की सफाई की आवश्यकता होती है। इसके बाद डॉक्टर की दी दवाओं का सेवन समस्या को कम करता है। कुछ घरेलू तरीके भी हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें कि मसूड़ों की समस्या सामने आने पर सबसे पहले विशेषज्ञ से जांच जरूर करवा लेनी चाहिए।

मसूड़ों में सूजन कम करने के लिए आप ग्रीन टी पी सकते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो मसूड़ों में सूजन को कम करते हैं।

एक रसायन हाइड्रोजन पेरोक्साइड बैक्टीरिया को मारने में मदद करता है। जब आप इसे माउथवॉश के रूप में प्रयोग करते हैं तो ये फायदा पहुंचाता है। ध्यान रहे इसे निगला नहीं जाता है।

गर्म खारे पानी से कुल्ला करने से मसूड़ों के इन्फेक्शन में फायदा होता है।

पानी में बेकिंग सोडा डालकर कुल्ला करने से दांतों और गमलाइन को फायदा होता है।

मान्यता है कि तिल का तेल मसूड़ों में बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा, मसूढ़ों की बीमारी से बचने के लिए रोजाना ब्रश करना चाहिए।

नोटः इस आर्टिकल का उद्देश्य जानकारी देना है। ध्यान रखें कि मसूड़ों से संबंधित किसी भी परेशानी के सामने आते ही, सबसे पहले चिकित्सक की सलाह लें।

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