शहद में होते हैं ये चमत्कारी गुण जानकर हो जाएंगे हैरान!

पोषक तत्व (Nutrients)
ये तो हम सभी जानते हैं कि मधुमक्खियां शहद इकट्ठा करती करती हैं, मधुमक्खियां मुख्य रूप से फूलों के रस से शहद बनाती हैं। शहद की सुगंध, रंग और स्वाद मुख्यतः फूलों के प्रकार पर निर्भर करती है। अगर पोषक तत्वों की बात करें तो 1 चम्मच शहद (21 ग्राम) में 64 कैलोरी और 17 ग्राम शुगर होता है, शहद में फ्रक्टोज, ग्लूकोज, माल्टोज और सुक्रोज आदि भी पाए जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि शहद में इसमें लगभग कोई फाइबर, वसा या प्रोटीन नहीं होता है। अच्छी क्वालिटी वाले शहद में कई महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इनमें फ्लेवोनोइड्स जैसे कार्बनिक अम्ल भी पाए जाते हैं। कई शोधों में एंटीऑक्सिडेंट को दिल के दौरे, स्ट्रोक और कुछ प्रकार के कैंसर के खतरे को कम करने से भी जोड़ा गया है। साथ ही यह आखों के लिए भी फायदेमंद होता है।

मधुमेह (Diabetes)
यह बात विश्वास के कही जा सकती है कि शहद डायबटीज से ग्रस्त व्यक्ति के लिए चीनी से कम नुकसानदायक है। कुछ शोधों के अनुसार शहद टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में हृदय रोग के खतरे को कम कर सकता है। शहद खराब कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और सूजन को कम कर सकता है। हालांकि, कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि यह रक्त शर्करा के स्तर को भी बढ़ा सकता है लेकिन चीनी की तुलना में कम। मधुमेह वाले लोगों के लिए शहद, चीनी की तुलना में थोड़ा बेहतर हो सकता है, फिर भी इसका सेवन सावधानी से किया जाना चाहिए और विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। शहद मिलावटी न हो इसका ध्यान रखें, अधिकांश देशों में शहद की मिलावट गैरकानूनी है।

ब्लड प्रेशर में शहद (Honey in blood pressure)
इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं। रक्तचाप हृदय रोग के खतरे को बढ़ाता है, कई अध्ययनों के अनुसार शहद इसे कम करने में मदद कर सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट यौगिक होते हैं जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

बच्चों के लिए किस प्रकार उपयोगी (How useful for children)
शहद बच्चों में खांसी को कम में मदद कर सकता है, ऊपरी श्वसन संक्रमण वाले बच्चों में खांसी एक आम समस्या है। ये संक्रमण बच्चों और माता-पिता दोनों के लिए चिंता का विषय बन जाता है। कई शोधों में यह बात सामने आई है कि खांसी को कम करने के लिए शहद एक बेहतर विकल्प हो सकता है। एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि यह खांसी के लक्षणों पर काम करता है जिससे खांसी से पीड़ित व्यक्ति को आराम मिलता है। फिरभी खांसी आने पर यही बात सबसे उत्तम है कि आप बिना देर किए बच्चे को नजदीकी चिकित्सक के पास ले जाएं।

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हृदय रोग (Heart disease)
इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट हृदय स्वास्थ्य सकारात्कम प्रभाव डालते हैं। शहद फिनोल और अन्य एंटीऑक्सिडेंट यौगिकों का एक समृद्ध स्रोत है। शोधों में इनमें से कई को हृदय रोग के खतरे को कम करने के लिए जाना जाता है। ये यौगिक आपके दिल में धमनियों की मदद कर सकते हैं, जिससे आपके दिल में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। वे रक्त के थक्के के गठन को रोकने में भी मदद कर सकते हैं, जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है।