IBS: क्या संभव है आईबीएस Irritable Bowel Syndrome का घरेलू इलाज?

अधिकतर चिकित्सकों के अनुसार आईबीएस IBS या इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (Irritable Bowel Syndrome) का कोई इलाज नहीं है। ऐसे में आपको आईबीएस (इब्स) से होने वाली परेशानियों से बचने के लिए सही प्रकार से अपनी जीवनशैली में कारगर बदलाव करने की जरूरत होती है। इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से पीड़ित होने पर सही लाइफ स्टाइल मैनेजमेंट पाने के लिए आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए और आपको पता होना चाहिए कि जीवनशैली में कौन से बदलाव आपके लिए सबसे अच्छा काम करेंगे। आईबीएस के प्रबंधन में कई जीवन शैली में बदलाव शामिल हैं।

आईबीएस (IBS) पीड़त के लिए आहार (इब्स डाइट चार्ट)
आईबीएस Irritable Bowel Syndrome से पीड़ित व्यक्ति में कुछ खाद्य पदार्थ में मौजूद कार्बोहाइड्रेट जिन्हें पचाने में मुश्किल होती है को टाला जा सकता है। इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में आपको अपने खान-पान पर विशेष नजर रखने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं कि अधिकतर किन खाद्य पदार्थों से इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या बढ़ जाती है।

सेब, आम, ब्लैकबेरी, चेरी, नाशपाती, आलूबुखारा, और तरबूज सहित कुछ फल और उनके रस।
बीन्स, गोभी, फूलगोभी, लहसुन और दाल, मशरूम, प्याज, व मटर जैसी सब्जियां भी इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम या आईबीएस की समस्या को बढ़ा सकती हैं।
डेयरी उत्पाद, जैसे दूध, चीज, दही, कस्टर्ड और आइसक्रीम।
गेहूं और राई व शहद।
आईबीएस होने पर आपके प्रमुख लक्षणों के आधार पर, आपको कुछ खाद्य पदार्थों से बचने की आवश्यकता हो सकती है।

आईबीएस (IBS – Irritable Bowel Syndrome) में कब्ज की समस्या पैदा करने वाला आहार
खाद्य उत्पादों, जैसे अनाज और रोटी।
चिप्स और कुकीज
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
कैफीन
शराब
एक उच्च प्रोटीन आहार
डेयरी उत्पाद, विशेष रूप से पनीर

आईबीएस (IBS) वाले लोगों में दस्त को ट्रिगर करने वाले खाद्य पदार्थ
तला हुआ और वसायुक्त भोजन
बहुत अधिक फाइबर युक्त आहार
चॉकलेट
कैफीन
शराब
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
भारी भोजन
दुग्ध उत्पाद
लस युक्त खाद्य पदार्थ यह गेहूं, जौ और राई में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है।

आईबीएस (IBS) का ईलाज
विशेषज्ञों के अनुसार अधिकतर मामलों में आईबीएस का कोई पक्का ईलाज नहीं है। आपका डॉक्टर आपके लक्षणों को लक्षणों के आधार पर आपको कुछ दवाएं बता सकता है, जिससे आपको बहुत हद तक इसके कारण होने वाली असहनीय परेशानियों से निजात मिल सकती है, उदाहरण के लिएः कब्ज को कम करने के लिए फाइबर सप्लीमेंट आदि, दस्त को नियंत्रित करने के लिए लोपरामाइड व प्रोबायोटिक्स आदि।

यहां पर दी गई जानकारी विशेषज्ञों से बात करके दी गई है, लेकिन यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है, आपको आईबीएस से संबंधित किसी परेशानी के सामने आने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम तो नहीं आपकी लगातार आती डकार का कारण, आईबीएस के मरीज रखें इन बातों का ख्याल (Irritable bowel syndrome good diet plan/IBS diet sheet)

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