कोरोना वैक्सीन लगने के बाद क्या है डाॅक्टरर्स के अनुभव! – Doctors reaction after corona vaccine

रियल लाइफ हीरोज़ हमारे डाॅक्टरर्स, दिन रात जिन्होंने डटकर किया कोरोना वायरस से मुकाबला, चलिए जानते हैं वैक्सिीन लगने के बाद उनके अनुभवों के बारे में..

डाॅक्टर्स और हेल्थ वर्कर हमारे रियल हीरोज है, ये डाॅक्टर ही हैं जिन्होंने फ्रंट लाइन में खड़े होकर कोरोना वायरस से लड़ने में देश की मदद की। जब हम इस महामारी से बचने के लिए अपने घरों में रहकर सुरक्षित महसूस कर रहे थे। उसी वक्त हेल्थ वाॅरियर्स अपनी और अपनों की परवाह किए बगैर अस्पतालों में मरीजों सेवा में लगे हुए थे। अब जब वैक्सीन आ गई है, हेल्थ वारियर्स का चुनाव सबसे पहले वैक्सीन लगवाने के लिए किया गया है। विडम्बना ये है कि वैक्सीन को लेकर कई लोग कई प्रकार के नकारात्मक भ्रम फैला रहे हैं। इसी भ्रम को दूर करने के लिए सांझ संजोली की टीम ने कोविड-19 वैक्सीन लगवा चुके हेल्थ वाॅरियर्स हमारे डाॅक्टर्स से बात की आइए जानते हैं कि वैक्सीन लगवाने के बाद क्या है डाॅक्टर्स की रायः (Doctors reaction after corona vaccine)

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जिस दिन मैंने टीके के बारे में खबर सुनी, मैं उत्साहित और खुश था। टीके के बारे में बहुत भ्रम और अफवाहों के बाद भी मैंने इस वैक्सीन को लेने का फैसला किया। पूरे दिन मैंने अपनी ड्यूटी की और लगभग 4 बजे मुझे इस टीके के लिए कॉल आया। बिना समय बर्बाद किए मैनें कोविड-19 वैक्सीन ली। टीकाकरण के बाद मुझे 30 मिनट तक इंतजार करने के लिए कहा गया, जहां मैं अपने सहयोगियों से मिला जो प्रतीक्षा कक्ष में भी थे। हम सभी खुश और उत्साहित थे। अगले दिन मैंने बिना किसी लक्षण के अपनी दिनचर्या के अनुसार काम किया। कुछ समय बाद मुझे शरीर में दर्द और बुखार महसूस जरूर हुआ जो कि हल्का था लेकिन इसका असर मैने अपने मरीजों की देख-रेख के काम पर नहीं पड़ने दिया और पैरासिटामोल ले लिया। उसके बाद मुझे कभी कुछ महसूस नहीं हुआ। आज टीकाकरण के 3 सप्ताह बाद भी मैं फिट और ठीक हूं। यह टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। टीके के दूसरे चरण का मैं बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।  डॉ0 हरमीत सिंह, हेड इमरजेंसी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल

वैक्सीन के प्रभाव और संभावित दुष्प्रभावों के बारे में सोशल मीडिया पर लगातार गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं। हालांकि, मेरे लिए यह एक सुखद क्षण था। वैक्सीन को एक प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर द्वारा उचित देखभाल के साथ इंजेक्ट किया गया था, मुझे कोई साइड इफेक्ट हुआ, इंजेक्शन के बाद मुझे कोई छुट्टी नहीं लेनी पड़ी और यहां तक कि उसी शाम क्लीनिक में भी मैने अपने मरीजों की देख-रेख की। कृपया अफवाहों पर विश्वास न करें, कोविड-19 का टीका जरूर लगवाएं और वायरस के खिलाफ अपने और अपने परिवार की रक्षा करें। डाॅ0 अंकुर अग्रवाल, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ व रेटिना सर्जन, महाराजा अग्रसेन हाॅस्पिटल 

मैनें कोविड-19 की वैक्सीन ली है, मुझे इसे लेने के बाद किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। मुझे न तो कोई बुखार और न ही किसी दर्द का अनुभव हुआ। मेरी राय में ये वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है, और सभी को ये वैक्सीन लेनी चाहिए। डाॅ0 मनीष पांडे, सीनियर कंसलटेंट आंकोलाॅजी, एक्शन कैंसर हाॅस्पिटल

कई अन्य लोगों की राय के विपरीत, मुझे पूरा यकीन था कि हम पहले वैक्सीन लेंगे और दूसरों के लिए एक उदाहरण स्थापित करेंगे। यह एक उत्सवी माहौल था जो लोगों की टीकाकरण को लेकर आशंकाओं को दूर करने के लिए आवश्यक था। व्यक्तिगत रूप से मेरा टीकाकरण दर्द रहित हो गया और अब मैं बिल्कुल ठीक हूं, हमेशा की तरह अपने काम को जारी रखता हूं। अब वैक्सीन लगने के बाद, हेल्थकेयर कामगारों को कोविड-19 का जोखिम कम हो जाएगा, और हम अपने मरीजों की सेवा को जारी रख सकेंगे। हमारे सकारात्क अनुभव दूसरे लोगों में भी आत्मविश्वास पैदा करेगे।  डॉ0 अंकित भाटिया, एसोसिएट कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, वैशाली

गुजरा हुआ साल हम सबके लिए चुनौतीपूर्ण था। कोविड-19 की वजह से हम सब ने बहुत सारी कठिनायों का सामना किया। 2021 कोविड वैक्सीन के रूप में आशा की किरण लेकर आया है। मैं यह बताना चाहूंगी कि मैने जनवरी में वैक्सीन लगवाई थी। मैं उसके बाद बिल्कुल ठीक रही, कुछ लोगों को हल्का बदन दर्द और बुखार आ रहा है। ये लक्षण तो किसी सामान्य वैक्सीन के बाद भी देखने को मिलते हैं। कोविड वैक्सीन बिल्कुल सुरक्षित है और हम सबको इसे लगवाना चाहिए, इसको लगवाएं और खुद से साथ-साथ देश को भी सुरक्षित बनाएं। डॉ निधि एम देव, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

मैने कोविड वैक्सीन ली है, और इसके बाद मुझे कोई भी साइड इफ्ेक्ट महसूस नहीं हुआ। इंजेक्शन लगने वाली जगह पर जरा सा दर्द हुआ। ये दर्द दो दिन में ठीक हो गया। मैं सबको यही सलाह दूंगा कि कोविड को हराने के लिए वैक्सीन जरूर लगवाएं। डाॅ0 जे बी शर्मा, हेट आफ डिपार्टमेंट मेडिकल आंकोलाॅजी, एक्शन कैंसर हाॅस्पिटल

एक चेस्ट विशेषज्ञ के रूप में मैं पिछले 10 महीनों से कोविड-19 रोगियों की देखभाल कर रहा हूं। इस दौरान मैंने इस बीमारी के सबसे गंभीर मामलों को देखा है। मेरी जानकारी के अनुसार, पूरी शताब्दी में मानव जाति ने इस तरह की भयानक महामारी का सामना नहीं किया था। हमारी पल्मोनोलॉजिस्ट टीम के दो सदस्य इस महामारी की चपेट में भी आ गए, लेकिन भगवान की कृपा और दवाओं से वे इस गंभीर खतरे से उबर गए। मैंने कोरोना वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन ली जिसके बाद शुरू में इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द था क्योंकि यह एक इंट्रामस्क्युलर वैक्सीन है। दूसरे ही दिन मैं पूरी तरह से सहज था और अपने नियमित काम जैसे वार्ड विज़िट और ब्रोंकोस्कोपी प्रक्रियाओं को पूरा किया। अगले दिन मुझे शरीर में दर्द हुआ जो परेशान कर रहा था इसलिए पेरासिटामोल लिया, जिससे बहुत मदद मिली। मुझे दर्द के लिए हर छह घंटे में पेरासिटामोल की आवश्यकता थी और कोई अन्य परेशान करने वाले लक्षण नहीं थे। बिना किसी लक्षण के मेरा दिन पूरी तरह से सामान्य था और अब सब कुछ वापस दिनचर्या में है। डॉ0 शरद जोशी, प्रिंसीपल कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी, मैक्स सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल, वैशाली

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