इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम तो नहीं आपकी लगातार आती डकार का कारण, आईबीएस के मरीज रखें इन बातों का ख्याल (Irritable bowel syndrome good diet plan/IBS diet sheet)

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अधिकतर मामलों में डकार आना एक सामान्य सी शारीरिक प्रक्रिया है। लेकिन अगर आपको लगातार बार-बार दिन में डकार आती रहती है तो ये बिल्कुल भी सामान्य नहीं हैं। कुछ लोग जिन्हें बहुत डकारें आती हैं अकसर परेशान रहते हैं। अधिक डकार आना (आईबीएस IBS) इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के कारण भी हो सकता है। इसमें व्यक्ति को बहुत सारी डकारें और बल्चिंग आदि की समस्या हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार (आईबीएस IBS) इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से घबराने वाली कोई बात नहीं होती है लेकिन जो व्यक्ति इस समस्या से पीड़ित है उसे बहुत असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई बार अधिक डकारों की वजह से गले या जबड़े में दर्द का अनुभव हो सकता है और गंभीर स्थितियों में कुछ लोगों को पसलियों में भी दर्द की शिकायत हो सकती है। आईबीएस यानी इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की शिकायत होने पर डाॅक्टर दवा तो देते ही हैं, लेकिन कुछ सावधानियां भी बरतने को बोलते हैं, आइए एक नजर कुछ सावधानियों पर डालते हैंः

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम IBS का सामना करने वाले व्यक्ति को कुछ बातो का विशेष ध्यान रखना चाहिए

सबसे पहले आपको अपनी डाइट ठीक करनी चाहिए, फाइबर और पोषक तत्वों से युक्त भोजन करना चाहिए, तला हुआ या जिस खाद्य पदार्थ जैसे गोभी, पनीर आदि जिससे आपकी परेशानी बढ़ जाती है उसे बिल्कुन नहीं खाना चाहिए।

योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि आईबीएस से पीड़ित व्यक्ति को योग या दैनिक व्यायाम से फायदा हुआ है।
भोजन में ऐसे पदार्थों को शामिल करें जो आसानी से पच जाते हों, भारी भोजन और एक बार में अधिक भोजन करने से बचें।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम आईबीएस से पीड़ित व्यक्ति को चाय, कॉफी, चॉकलेट और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बना लेनी चाहिए।

उच्च फैट वाले खाद्य पदार्थों में आमतौर पर फाइबर में कम होते हैं, जो आईबीएस से संबंधित कब्ज के लिए समस्याग्रस्त हो सकते हैं। इसीलिए कम फैट वाले खाद्य पदार्थों को ही अपनी डाइट में शामिल करें।

बीन्स, दाल और मटर आम तौर पर प्रोटीन और फाइबर का एक बड़ा स्रोत हैं, लेकिन वे कुछ मामलों में आईबीएस से परेशान व्यक्ति के लिए गलत हो सकते हैं। कुछ मामलों में इनसे गैस, सूजन और ऐंठन में बढ़ोतरी हो सकती है।

यहां पर दी गई जानकारी विशेषज्ञों से बात करके दी गई है, लेकिन यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है, आपको आईबीएस से संबंधित किसी परेशानी के सामने आने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए।

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