आपकी गर्दन का दर्द कहीं सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस तो नहीं? ऐसे करें पहचान

गर्दन का दर्द कई लोगों को परेशान करता है। इसके कई कारण हो सकते हैं। सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस उन्हीं कारणों में से एक है, दुनिया भर इससे लाखों लोग पीड़ित हैं। अधिकतर मामलों में ये समस्या उम्र के साथ बढ़ जाती है। सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस में, ऊपरी कशेरुकाओं को बनाने वाली डिस्क बदलने लगती हैं, और गर्दन को कुशन करने की उनकी क्षमता प्रभावित होने लगती है। हालांकि कुछ मात्रा में कशेरुकाओं पतन स्वाभाविक है। लेकिन कम उम्र में सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस से पीड़ित होने पर लोग गर्दन के हल्के या गंभीर दर्द और जकड़न से पीड़ित हो जाते हैं।

एक बार जब कार्टिलेज खराब हो जाता है और चिकनाई कम हो जाती है, तो कशेरुक पर खुरदुरे पैच विकसित होने लगते हैं। रीढ़ की हड्डी से जुड़ी नसें रीढ़ से बाहर निकलते समय कशेरुकाओं के बीच संकुचित हो जाती हैं, जिसकी वजह से सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस हो जाता है।

सीताराम भरतिया इंस्टीट्यूट और होली फैमिली हॉस्पिटल नई दिल्ली के सीनियर ऑर्थोपेडिक कंसल्टेंट और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ बीरेन नादकर्णी ने बताया कि “एक अनुमान के मुताबिक 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 85 प्रतिशत लोग सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस से पीड़ित हैं। कई बार कम उम्र के वयस्कों में भी ये परेशानी देखी जाती है। कई मरीजों को दर्द का अधिक अनुभव नहीं होता है। मांसपेशियों को आराम देने वाले इलाज और सही उपचार लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।”

“गंभीर मामलों में, सर्जिकल विकल्प भी उपलब्ध होता हैं। इसके लक्षणों में शरीर में कमजोरी और दर्द शामिल होता है। गंभीर मामलों में, डिस्क तंत्रिका पर दबाव डाल सकती है और चेतना और गतिशीलता को भी नुकसान हो सकता है। यह जरूरी है कि लोग इससे जुड़े लक्षणों को समय पर पहचाने। जिससे इलाज में मदद हो सकती है।”

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस लक्षण

ज्यादातर मामलों में, स्पोंडिलोसिस के शुरुआती लक्षण साफ नहीं होते हैं। धीरे-धीरे समस्या बढ़ने पर ये दिखना शुरू हो जाते हैं। आमतौर पर इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को गर्दन में लगातार दर्द और अकड़न महसूस होने लगती है। स्थिति बिगड़ने पर नेक स्पोंडिलोसिस के लक्षण अधिक स्पष्ट हो जाते हैं। धीरे-धीरे, व्यक्ति दिन-प्रतिदिन के शारीरिक कार्यों को करने में असमर्थ हो जाता है।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के कुछ अन्य लक्षण

चलने में परेशानी होना
हाथ और पैर में कमजोरी
सिर दर्द
गर्दन का दर्द
सिर घुमाए कटर-कटर की आवाज
खड़े या चलते समय संतुलन खोना
कंधे/गर्दन की मांसपेशियों में ऐंठन
अपना सिर घुमाने या अपनी गर्दन को किसी भी दिशा में मोड़ने में परेशानी

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस होने का क्या कारण हैं

जब आपकी रीढ़ की हड्डी और गर्दन को बनाने वाली हड्डियों और कार्टिलेज में टूट-फूट होने लगती है तो सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की परेशानी सामने आती है। जिससे गर्दन का दर्द उभर कर सामने आता है। आइए ऐसे ही कुछ कारणों पर नजर डालते हैं।

डिस्क की समस्या

डिस्क आपकी रीढ़ की हड्डी के कशेरुकाओं के बीच कुशन की तरह काम करती है। 40 साल की उम्र तक, ज्यादातर लोगों की रीढ़ की हड्डी की डिस्क सूखने लगती है और सिकुड़ने लगती है, जिससे कशेरुकाओं के बीच अधिक हड्डी-पर-हड्डी जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

हर्नियेटेड डिस्क

उम्र आपके स्पाइनल डिस्क के बाहरी हिस्से को भी प्रभावित करती है। दरारें अक्सर दिखाई देती हैं, जिससे उभड़ा हुआ (हर्नियेटेड) डिस्क हो जाता है। जिससे कभी-कभी रीढ़ की हड्डी और तंत्रिका जड़ों पर दबाव पड़ जाता है और ये समस्या पैदा हो जाती है।

कठोर लिगामेंट्स

लिगामेंट्स ऊतक के तार होते हैं जो हड्डी को हड्डी से जोड़ते हैं। स्पाइनल लिगामेंट्स उम्र के साथ सख्त हो सकते हैं, जिससे आपकी गर्दन कम लचीली हो जाती है और सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की स्थिति पैदा हो जाती है।

व्यायाम जो सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस से दिलायेंगे आराम

गर्दन के कुछ साधारण व्यायामों से पीड़ित सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लक्षणों को कम कर सकता है।

गर्दन खिंचाव

अपने शरीर को सीधा रखें।
अपनी ठुड्डी को इस तरह से आगे की ओर धकेलें कि गले में खिंचाव आए।
गर्दन की मांसपेशियों को धीरे से तनाव दें।
इसे 5 सेकंड के लिए होल्ड करें।
अपने सिर को उसकी केंद्र स्थिति में लौटाएं।
अपनी ठुड्डी को ऊंचा रखते हुए अपने सिर को पीछे धकेलें, और 5 सेकंड के लिए रुकें।
इसे आप 5 बार कर सकते हैं।

गर्दन झुकाना

अपने सिर को आगे की ओर झुकाएं ताकि ठुड्डी छाती को छुए।
गर्दन की मांसपेशियों को धीरे से तनाव दें।
इसे 5 सेकंड के लिए होल्ड करें।
सिर को तटस्थ स्थिति में लौटाएं।
इसे आप 5 बार कर सकते हैं।

गर्दन को अगल-बगल झुकाना

अपने सिर को कंधे की ओर झुकाएं।
गर्दन की मांसपेशियों को धीरे से तनाव दें।
इसे 5 सेकंड के लिए होल्ड करें।
अपने सिर को केंद्र में लौटाएं और दूसरे कंधे पर दोहराएं।
इसे भी आप 5 बार कर सकते हैं।

नोटः इस बात का ध्यान रखें कि सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के मरीज किसी भी व्यायाम की शुरूआत करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें। गलत या गलत तरीके से किए जाने वाले व्यायाम आपकी परेशानी को बढ़ा सकते हैं।

सांझ संजोली पत्रिका से जुड़ने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को भी फॉलो कर सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः