बांझपन की समस्या से लड़ने के लिए जरूरी है सही जानकारी का होना

बांझपन की समस्या के प्राथमिक कारण क्या हैं?

पुरुषों में बांझपन की समस्या का प्राथमिक कारण शुक्राणु विकार है। शुक्राणुु कैसे विचरण करते हैं इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। महिलाओं में बांझपन का प्राथमिक कारण ओव्यूलेशन की समस्या है। आमतौर पर, हर महीने महिला डिंबोत्सर्जन करती है, आमतौर पर मासिक धर्म चक्र के मध्य में, जो औसत 28 दिन का होता है। ओव्यूलेशन डिसऑर्डर से पीड़ित महिलाओं में ओव्यूलेशन नहीं हो पाता है। महिलाओं में बांझपन की समस्या के अन्य सामान्य कारणों में फैलोपियन ट्यूब की समस्या होती है, जो अंडे को गर्भाशय की यात्रा करने से रोकता है। इसके साथ कई अन्य कारण भी है जो बांझपन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। लगभग एक साल तक कोशिश करने के बावजूद भी गर्भधारण न होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

डाॅक्टर श्वेता गोस्वामी, आईवीएफ विशेषज्ञ (जीवा फर्टिलिटी सेंटर)

बांझपन के भावनात्मक प्रभाव से निपटने के लिए क्या करें?

गुरूग्राम के कपल सुनील (बदला हुआ नाम) की पत्नी 38 वर्षीय अर्चना (बदला हुआ नाम) ने बांझपन की समस्या आने पर अपनी और पति की संपूर्ण जांच करवाई। जांच से पता चला कि सुनील के पर्याप्त मात्रा में शुक्राणुु नहीं बन रहे हैं। इसके बाद दम्पत्ति ने शुक्राणुु डोनर प्रक्रिया का चुनाव किया, जिसमें शुक्राणुओं को अर्चना के गर्भाशय में डाल दिया गया, अब दम्पत्ति की प्यारी सी संतान है। देखा जाए तो यह पूरी प्रक्रिया निर्णयों की एक श्रृंखला है। हर एक निर्णय करने के लिए आपको पूरी तरह से तैयार होना पड़ता है।

अकसर आपके डाॅक्टर आपको मनोचिकित्सक की सलाह भी लेने को कहते हैं, क्योकि किसी प्रकार का तनाव अच्छा नहीं होता है। सुनील कहते हैं कि पहले तो मुझे इस बात पर विश्वास ही नहीं हुआ, मुझे लगा कि मैंने अपनी पत्नी को निराश कर दिया है। लेकिन बाद में विशेषज्ञों ने मुझे बताया कि यह स्थिति कितनी ज्यादा काॅमन है। मेरा आत्मविश्वास बरकरार रखने में विशेषज्ञों और पत्नी की बहुत बड़ी भूमिका थी। इस केस से आपको पता चल गया होगा कि, आपके साथी और विशेषज्ञ की भूमिका बांझपन के भावनात्मक प्रभाव से निपटने के लिए बहुत अहम होती है।

मेल के लिए टेस्ट जो बांझपन की समस्या के बारे में बताते हैंः

पुरुष प्रजनन क्षमता के लिए आवश्यक है कि अंडकोश पर्याप्त स्वस्थ शुक्राणु पैदा करता हो। परेशानी का पता लगाने के लिए जननांगों की जांच सहित कुछ सामान्य शारीरिक जांच के लिए विशेषज्ञ आपको बोल सकते हैं जैसे किः

सीमन विश्लेषण- आपका डॉक्टर सीमन की जांच के लिए कह सकता है। कुछ मामलों में, शुक्राणु की उपस्थिति के लिए मूत्र का परीक्षण भी किया जा सकता है।

हार्मोन परीक्षण- आपके टेस्टोस्टेरोन व हार्मोन के स्तर को निर्धारित करने के लिए रक्त परीक्षण के लिए भी आपके विशेषज्ञ बोल सकते हैं।

आनुवांशिक परीक्षण – आनुवांशिक परीक्षण यह निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है कि बांझपन का कारण आनुवांशिक दोष है या नहीं।

अन्य परीक्षण – कुछ मामलों में, शुक्राणु की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के लिए अन्य परीक्षण भी किए जा सकते हैं, जैसे कि डीएनए असामान्यताओं के लिए वीर्य नमूना का मूल्यांकन करना, वृषण बायोप्सी जैसे कुछ अन्य जांच भी की जा सकती है।

महिलाओं के लिए टेस्ट जो बांझपन की समस्या के बारे में बताते हैंः

महिलाओं के लिए प्रजनन क्षमता बहुत हद तक स्वस्थ अंडों पर निर्भर करती है। साथ ही फैलोपियन ट्यूब की समस्या भी बांझपन को जन्म देती है। महिला बांझपन की समस्या के कारण का पता लगाने के लिए कुछ जांचों को करवाने के लिए आपके विशेषज्ञ बोल सकते हैं, उनमें कुछ निम्न हैं –

ओव्यूलेशन परीक्षण- इसके लिए आपके खून की जांच की जा सकती है।

हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राफीः यह जांच आपके गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूबों की स्थिति का मूल्यांकन करती है और रुकावटों या अन्य समस्याओं के बारे में पता लगाती है। एक्स-रे कंट्रास्ट आपके गर्भाशय में इंजेक्ट किया जाता है, और यह निर्धारित करने के लिए एक एक्स-रे लिया जाता है कि क्या गुहा सामान्य है और यह देखने के लिए कि द्रव आपके फैलोपियन ट्यूब से बाहर निकलता है या नहीं।

ओवरीयन परीक्षण – यह परीक्षण अंडोत्सर्ग के लिए उपलब्ध अंडों की मात्रा निर्धारित करने में मदद करता है।

हार्मोन परीक्षण – हार्मोन परीक्षण में आपके ओव्यूलेटरी हार्मोन के स्तर की जांच होती हैं, साथ ही साथ पिट्यूटरी हार्मोन की जांच होती है जो प्रजनन प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

इमेजिंग परीक्षण – पेल्विक अल्ट्रासाउंड गर्भाशय या डिम्बग्रंथि रोग के बारे में जानने के लिए किया जाता है।

अन्य परीक्षण – कुछ मामलों में हिस्टेरोस्कोपी भी की जाती है आपके लक्षणों के आधार पर आपके डॉक्टर गर्भाशय की बीमारी को देखने के लिए हिस्टेरोस्कोपी का अनुरोध कर सकते हैं। कुछ मामलों में लैप्रोस्कोपी की जरूरत भी पड़ सकती है। बांझपन का कारण पता लगाने के लिए परीक्षणों की आवश्यकता होती है। यह सिर्फ आपके डॉक्टर तय करते हैं कि आपको कौन सी जांच करवानी है, और कब करवानी है। बिना चिकित्सक की राय के आपकों किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहिए।

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