पुरुष बांझपन के शुरूआती लक्षणों को पहचानना है बहुत जरूरी

पुरुष बांझपन यानी मेल इंफर्टिलिटी से आज कई लोग परेशान हैं। सही समय पर पुरुष बांझपन के शुरूआती लक्षणों की पहचान न होने से समस्या बढ़ जाती है। हाल ही में हुए शोध की मानें तो बांझपन पीड़ित जोड़ों में से 50 प्रतिशत मेल इंफर्टिलिटी के कारण होते हैं। समस्या की बात ये है कि बहुत से पुरुष नहीं जानते कि इस समस्या को कैसे पहचाना जा सकता है। साथ ही इंफर्टिलिटी होने पर क्या करना है। आज हम आपको कुछ ऐसे पुरुष बांझपन के कुछ संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं। इस संकेतों के सामने आने पर आपको सतर्क हो जाना चाहिए और जल्द से जल्द विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए। पुरुष बांझपन के 6 संकेतः

शांता फर्टिलिटी सेंटर, नई दिल्ली की मेडिकल डायरेक्टर व फर्टिलिटी एक्पर्ट डॉक्टर अनुभा सिंह से बातचीत पर आधारित

यौन इच्छा में कमी

सेक्स की इच्छा में कमी बांझपन का पहला इशारा हो सकता है। ये इशारा आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर का कम होना हो सकता है। अगर आप अचानक अपने सेक्स ड्राइव में कमी महसूस करते हैं तो ये पुरुष बांझपन का इशारा हो सकता है। इसके साथ-साथ आपको स्खलन व इरेक्शन से संबंधित समस्या भी हो सकती है।

असामान्य पुरूष स्तन वृद्धि

बढ़े हुए असमान्य पुरुष स्तन पुरुष बांझपन का इशारा हो सकते हैं। यह शरीर में टेस्टोस्टेरोन के असमान्य स्तर की वजह से हो सकता है। हार्मोन असंतुलन आपके यौन प्रदर्शन को भी प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही यह मोटापे का लक्षण भी हो सकता है। यह जरूरी है कि आप अपने डॉक्टर से जांच जरूर करवा लें। इस समस्या का इलाज किया जा सकता है। कुछ दवाएं और सही पोषक तत्वों वाला भोजन आपकी मदद कर सकता है।

बालों का अचानक झड़ना

बाल झड़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। लेकिन अचानक बाल झड़ना शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर का कम होना हो सकता है। यह अचानक आने वाला बदलाव पुरुष बांझपन का संकेत हो सकता है। बांझपन के शुरूआती लक्षण छिपे हुए और बहुत छोटे हो सकते हैं। इसलिए शुरूआती बांझपन के लक्षणों को समझना और विशेषज्ञ से जांच करवाना बहुत जरूरी होता है।

टेस्टिकल पेन

अगर आप टेस्टिकल पेन महसूस करते हैं तो बिना देर किए आपको विशेषज्ञ से जांच करवानी चहिए। यह बांझपन के साथ-साथ प्रोस्टेट कैंसर जैसी घातक बीमारियों का कारण हो सकता है। टेस्टिकल दर्द को नजरअंदाज करना बहुत गंभीर हो सकता है। इस तरह की समस्या से बचने के लिए नियमित व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ-साथ इस समस्या से बचने के लिए धूम्रपान से दूरी बनाना भी बहुत जरूरी होता है।

अंडकोष आकार

अंडकोष का सामन्य होना बहुत जरूरी होता है। अगर आपको अंडकोष में कोई गंभरी बदलाव नजर आते हैं तो बिना देर किए जांच करवाना जरूरी होता है। छोटे सख्त अंडकोष आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। अंडकोष शुक्राणुओं को बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मेल फर्टिलिटी के लिए शुक्राणुओं की संख्या महत्वपूर्ण होती है। बच्चा न होने में शुक्राणुओं की कम संख्या बहुत हद तक जिम्मेदार होती है।

हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें।

यह भी पढ़ेंः