कहीं आपके कंधे के दर्द की वजह फ्रोजन शोल्डर की शुरूआत तो नहीं

फ्रोजन शोल्डर मतलब कंधे की अकड़न एक ऐसी समस्या है जो कंधे के जोड़ में अकड़न और परेशानी का कारण बनती है। इसे एडहेसिव कैप्सुलिटिस भी कहा जाता है। ये समस्या तब सामने आती है जब जब कंधे के जोड़ के आसपास के ऊतकों में सूजन आ जाती है। जिससे वे सख्त व कठोर हो जाते हैं। इस समस्या में दर्द होना आम बात है। साथ इससे कंधे का मूवमेंट भी प्रभावित होता है। इसमें सूजन की वजह से रोजमर्रा के कार्यों को करना भी मुश्किल हो जाता है।

सीताराम भरतिया इंस्टीट्यूट और होली फैमिली हॉस्पिटल, नई दिल्ली के सीनियर ऑर्थाेपेडिक कंसल्टेंट और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ बीरेन नादकर्णी ने फ्रोजन शोल्डर के बारे में जानकारी दी

फ्रोजन शोल्डर कैसे होता है

सीताराम भरतिया इंस्टीट्यूट और होली फैमिली हॉस्पिटल, नई दिल्ली के सीनियर ऑर्थाेपेडिक कंसल्टेंट और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ बीरेन नादकर्णी ने बताया कि कंधे हड्डियों, मांसपेषियों और टेंडन से बने होते हैं। जब कंधे के जोड़ के आसपास का कैप्सूल मोटा और कड़ा हो जाता है, तो यह कंधे की मूवमेंट का प्रभावित करने लगता है। जिससे दर्द और बेचौनी महसूस होती है। ध्यान न देने पर समस्या धीरे-धीरे बढ़ जाती है। इस समस्या के आरंभ में कंधे को हिलने-डुलने में दर्द होता है। इसके बाद कंधे के उतकों में कठोरता विकसित हो जाती है, जिससे मूवमेंट में फर्क पड़ता है।

मधुमेह और फ्रोजन शोल्डर के बीच संबंध

अधिकतर मामलों में आपकी उम्र उतनी ही अधिक होगी, जोखिम उतना अधिक होगा। साथ ही अनियंत्रित मधुमेह का स्तर कोलेजन को बदल सकता है। यह एक महत्वपूर्ण प्रोटीन होता है जो आपके संयोजी ऊतक को बनाता है। इसलिए स्पष्ट रूप से ये कहा जा सकता है कि मधुमेह वाले लोगों में फ्रोजन शोल्डर विकसित होने की संभावना अधिक होती है।

दरअसल जब चीनी कोलेजन से जुड़ती है, तो यह चिपचिपा हो जाता है। इसके साथ ही यह गतिशीलता को सीमित कर देता है और आपके कंधे को सख्त कर देता है। जिसकी वजह से आपको हल्के से गंभीर दर्द का अनुभव होगा। कुछ परिस्थितियों में, आपके कंधे को हिलाना असंभव तक हो जाता है।

पुरुषों की तुलना में महिलाओं को फ्रोजन शोल्डर होने का खतरा अधिक होता है। साथ ही 40 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को इससे पीड़ित होने की अधिक संभावना होती है।

इस समस्या से रोकथाम

डॉ बीरेन नादकर्णी ने बताया कि फ्रोजन शोल्डर का निदान इसके लक्षणों के आधार पर किया जा सकता है। याद रखें ये जरूरी है कि आपको अपने मधुमेह का नियंत्रित रखना है। इसके अलावा, अपने कंधे की गति की सीमा को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से स्ट्रेचिंग और शारीरिक व्यायाम करना बेहद महत्वपूर्ण है।

फ्रोजन शोल्डर का इलाज

इससे पीड़ित व्यक्ति शुरूआती स्तर पर को डॉक्टर कुछ दवाएं और विशेष व्यायाम सुझाते हैं। अधिकांश रोगी शुरू में गैर-ऑपरेटिव उपचारों का ही चयन करते हैं। कुछ लोग जोड़ों की परेशानी को दूर करने और गति की सीमा को बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड इंजेक्शन का भी विकल्प चुनते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि यदि आपको मधुमेह है, तो वे खतरनाक रूप से उच्च रक्त शर्करा का कारण बन सकते हैं। इसलिए इससे निदान पाने के लिए किसी अनुभवी चिकित्सक की देख-रेख में ही इलाज करवायें।

अगर आपको फायदा नहीं होता तो अधिक व्यापक प्रक्रियाओं जैसे ओपन कैप्सुलर रिलीज या आर्थाेस्कोपिक सर्जरी आदि का सहारा भी लिया जा सकता है।

फ्रोजन शोल्डर निपटने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें

इससे बचाव के लिए अपने मधुमेह के सही स्तर को बनाए रखें।

इससे पहले कि आपको फ्रोजन शोल्डर हो नियमित रूप से अपने कंधों को व्यायाम और स्ट्रेच करें।

दर्द के दूर करने के लिए दर्द निकारक उपयोग किया जा सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।

आप फीजियोथेरिपी की मदद से भी अपने कंधे को मजबूत व उसकी गति सीमा को बढ़ा सकते हैं।

अगर आप शुरूआती इलाज से आराम नहीं मिलता तो सर्जरी एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

दर्द के बावजूद भी अपनी बांह का पूरी तरह से इस्तेमाल करना बंद न कर दें।

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