यह आदत आपको कई परेशानियों से रखेगी दूर!

छोटी दूरी तक जाने के लिए पैदल चलने की आदत, आपकी सेहत में आश्चर्यजनक बदलाव ला सकती है:

लोगों की पैदल चलने की आदत कहीं पीछे छूट गई है। टू-व्हीलर (Two-wheeler) और फोर-व्हीलर (Four-wheeler) बेशक आज जरूरत का हिस्सा है, लेकिन हम सबने अपने आपको इसका आदी इस हद तक बना लिया है कि हम आसपास भी कहीं दो कदम चलकर जाना पसंद नहीं करते। महज 500 मीटर की दूरी भी हमें खलती है और हम फौरन अपनी बाइक या कार उठा लेते हैं। यही कारण है कि आजकल डायबिटीज, मोटापा, ब्लडप्रेशर, आर्थराइटिस, तनाव, हार्ट डिजीज जैसी तमाम समस्याएं कम उम्र के युवाओं को भी तेजी से घेर रही हैं। अगर आपको भी इस तरह की आदत लगी हुई है और चंद कदम चलना दुश्वार होता है तो इसे समय रहते बदल दीजिए, वर्ना बहुत परेशानी में पड़ जाएंगे।

नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. रमाकांत शर्मा का कहना है कि पैदल चलने (Walking) के अनगिनत फायदे हैं। यदि आप वास्तव में चुस्त और दुरुस्त रहना चाहते हैं तो आपको रोजाना कुछ देर पैदल जरूर चलना चाहिए। जानिए पैदल चलने के फायदे—

मोटापे की समस्या

मोटापे की समस्या आजकल आम है, युवाओं की छोड़िए छोटे बच्चे भी इससे पीड़ित हैं। मोटापा बेशक अपने आप में बीमारी नहीं है, लेकिन ढेरों बीमारियों का जरिया है। मोटापे की वजह हमारा गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल है। हम दिन भर में खाने से जो कैलोरी लेते हैं, उसे बर्न करने के लिए कुछ भी नहीं करते। लिहाजा मोटापा बढ़ता चला जाता है और धीरे धीरे हमें तमाम बीमारियां कम उम्र से ही घेरना शुरू कर देती हैं। यदि आप नियमित वॉक करते हैं तो इससे आपकी एक्सट्रा कैलोरी बर्न होती है, जिससे शरीर पर फैट जमा नहीं होता और हमारा शरीर फिट रहता है।

डायबिटीज के लिए अचूक उपाय

एक समय था जब डायबिटीज को बुजुर्गों की बीमारी कहा जाता था, लेकिन आजकल डायबिटीज बच्चों और युवाओं के बीच भी तेजी से बढ़ रही है। इसका बड़ा कारण है कि बच्चे इनडोर गेम्स तक सीमित हो चुके हैं, वहीं बड़े लैपटॉप और मोबाइल तक। शारीरिक गतिविधियां न के बराबर ही होती हैं। लेकिन आपको शायद मालूम न हो कि पैदल चलना मधुमेह को नियंत्रित रखने का अचूक उपाय है। यदि आप दिन में लगभग 3000 से 7500 कदम रोज पैदल चलें तो आप डायबिटीज के खतरे से हमेशा बाहर रहेंगे और यदि इस समस्या से ग्रसित हैं तो आपकी शुगर नियंत्रित रहेगी।

हाई बीपी और हार्ट डिजीज से बचाव

हार्ट अटैक और हार्ट से जुड़ी अन्य बीमारियों का बड़ा कारण हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल की समस्या होते हैं। यदि आप रोजाना एक घंटे की वॉक कर लें तो आपका बीपी और खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है। इसके चलते हार्ट डिजीज से बचाव होता है। यदि आप सुबह समय नहीं निकाल सकते तो सुबह और शाम आधा आधा घंटे टहल लें।

तनाव से मिलती मुक्ति

आजकल लोगो पर वर्क प्रेशर इतना ज्यादा है कि न चाहते हुए भी तनाव हो जाता है। तनाव के चलते ब्रेन संबन्धी व हृदय संबन्धी बीमारियां होती हैं। लेकिन नियमित एक घंटा पैदल चलने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन का उत्पादन कम हो जाता है। इसके चलते हमें तनाव से मुक्ति मिलती है और हम बड़ी से बड़ी समस्याओं को भी आसानी से पार कर जाते हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस का घटता रिस्क

ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या आजकल 30 से कम आयु के युवाओं में भी देखने को मिलने लगी है। ये हड्डी का रोग है। ऑस्टियोपोरोसिस के दौरान हड्डियों में बीएमडी कम हो जाने से फ्रेक्चर का खतरा बढ़ जाता है। घुटने व कूल्हे खराब हो सकते हैं और इन्हें रिप्लेस कराने की नौबत भी आ सकती है। लेकिन नियमित रूप से वॉक करने वालों में ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम काफी कम होता है।

इन समस्याओं से भी मिलती राहत

यदि आप कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचना चाहते हैं तो आपको पैदल चलने की जरूरत है। ये बात मेडिकल रिसर्च में भी सामने आयी है कि रोजाना वॉक करने से कैंसर का रिस्क कम होता है। इसके अलावा भी वॉक करने के तमाम फायदे हैं। इससे याददाश्त बेहतर होती है, इम्युन सिस्टम मजबूत रहता है, पाचन तंत्र दुरुस्त होता है व फेफड़ों के कार्य करने की क्षमता में इजाफा होता है।

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