लो बीपी बन सकता है इन गंभीर समस्याओं का कारण

दिल हर धड़कन के साथ पूरे शरीर में रक्त का संचार करता है। दिल की धड़कन के दौरान धमनियों पर दबाव पड़ने को सिस्टोलिक दबाव कहा जाता है। हृदय के करीब धमनियों के भीतर बोरिसेप्टर छोटी तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

जिन लोगों के रक्तचाप सही होता हैं, उनमें स्ट्रोक, गुर्दे की बीमारी और हृदय रोग का खतरा कम होता है। जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, वे लोग जो स्वस्थ्य शरीर के वजन को बनाए रखते हैं। जब शरीर के अंगों को पर्याप्त रक्त पहुंचाने के लिए रक्तचाप पर्याप्त नहीं होता है, तो अंग ठीक से काम नहीं करते हैं और इससे अस्थायी या स्थायी रूप से वे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि अपर्याप्त रक्त मस्तिष्क में न बहता हो, तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्राप्त नहीं होते हैं। इस वजह से आप चक्कर या गंभीर स्थितियों में बेहोश भी हो सकते हैं।

हृदय रोगः गंभीर परिस्थियों में सीने में दर्द या यहां तक कि दिल का दौरा भी पड़ सकता है जब कोरोनरी धमनियों (दिल की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों) में रक्त पहुंचाने के लिए अपर्याप्त रक्तचाप होता है।

गुर्दे की बीमारीः जब अपर्याप्त रक्त किडनी को पहुंचाया जाता है, तो गुर्दे शरीर से कचरे को खत्म करने में विफल हो जाते हैं और कई तरह की समस्याएं सामाने आती है।

निम्न रक्तचाप परेशानियों की शुरूआत
जब रक्तचाप शरीर के अंगों को पर्याप्त रक्त नहीं दे पाता है, तो शरीर के अंग ठीक से काम नहीं कर पाते हैं और अस्थायी या स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। लो बीपी के लक्षण उसके होने के कारण पर निर्भर करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि रक्त मस्तिष्क में अपर्याप्त रहता है, तो मस्तिष्क की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व प्राप्त नहीं होते हैं जिससे चक्कर आना या बेहोशी हो सकती है। लो बीपी के सबसे आम लक्षण हैं चक्कर आना और बेहोशी। लो बीपी के लक्षण निम्नलिखित हैं –

1. ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन
बैठने या लेटने के बाद खड़े होने पर अकसर कम रक्तचाप के लक्षण सामने आते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खड़े होने के कारण शरीर के निचले हिस्से की नसों में रक्त जाता है जिससे रक्तचाप कम हो सकता है। यदि रक्तचाप पहले से ही कम है तो उसके लक्षण और बिगड़ सकते हैं। कम रक्तचाप के कारण खड़े होने पर चक्कर आना या बेहोशी हो सकती है।

2. दिल की बीमारी
सीने में दर्द या दिल का दौरा, कोरोनरी धमनियों (हृदय की मांसपेशियों को रक्त प्रदान करने वाली धमनियां) में रक्त प्रदान करने के लिए अपर्याप्त प्रेशर के कारण होता है। अगर आपका बीपी लो है तो यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है।

3. गुर्दे की बीमारी
जब गुर्दों को अपर्याप्त रक्त मिलता है, तो गुर्दे शरीर से व्यर्थ पदार्थ निकालने में विफल हो जाते हैं और रक्त में अवांछित पदार्थों की बढ़ोतरी हो जाती है जिससे गुर्दे की बीमारियां सामने आ सकती हैं।

4. शॉक
यह एक जानलेवा स्थिति है जिसमें लगातार कम रक्तचाप के कारण गुर्दे, यकृत, हृदय, फेफड़े और मस्तिष्क जैसे अंग तेजी से विफल हो जाते हैं।

लो बीपी से बचने के निम्नलिखित उपाय हैं –

1. अल्कोहल का सेवन कम करें
शराब निर्जलीकरण कर सकती है और रक्तचाप को कम कर सकती है। इसीलिए अल्कोहल का सेवन बिल्कुल न करें। पानी पीने से निर्जलीकरण दूर होता है और रक्त की मात्रा बढ़ जाती है।

2. संतुलित आहार
अनाज, फल, सब्जियां और मछली सहित विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ खाएं जिनसे आपको अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व मिलें। संतुलित आहार आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है।

3. अपने शरीर की मुद्रा का ध्यान रखें
टगर आप बहुत देर से बैठें हैं तो उठने के समय जल्दबाजी न करें। एक पैर को दूसरे पैर पर चढ़ाकर न बैठें, ऐसा करने से भी लो ब्लड प्रेशर बालों को तकलीफ हो सकती है।

4. भोजने की मात्रा में रखें नज़र
भोजन के बाद रक्तचाप के तेजी से कम होने को रोकने के लिए, दिन में कई बार छोटे हिस्से में भोजन खाएं और आलू, चावल, पास्ता व रोटी जैसे उच्च कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।

आपके डॉक्टर आपको भोजन के साथ कैफीनयुक्त कॉफी या चाय पीने की सलाह दे सकते हैं ताकि अस्थायी रूप से आपका रक्तचाप बढ़ जाए लेकिन कैफीन अन्य समस्याएं भी पैदा कर सकता है इसीलिए अधिक कैफीनयुक्त पेय पदार्थ पीने से पहले अपने चिकित्सक से बात अवश्य करें।

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