मल कठोर होने से हैं परेशान ? ये घरेलू उपाय दिला सकते हैं आराम

कई बार लैट्रीन सूखने की समस्या बहुत गभीर हो जाती है। हर सुबह मल कठोर होने से कई तरह की परेशानियां पैदा हो जाती हैं। इस समस्या को कब्ज की समस्या भी कहते हैं। पेट साफ न होने के लक्षण परेशानी बढ़ने से पहले ही दिखने लगते हैं। इन लक्षणो को समय पर पहचानना जरूरी होता है। आपके घर में ही काम की चीजें मौजूद हैं जो कब्ज का रामबाण इलाज साबित हो सकती हैं। आइए मल कठोर होने से बचने के लिए कुछ घरेलू उपायों पर नजर डालते हैं।

नींबू का रस

लैट्रीन सूखने की परेशानी से बचने के लिए सोने से पहले और उठते ही एक गिलास पानी में आधा नींबू का रस मिलाकर पिएं। आप पानी को हल्का गुनगुना कर सकते हैं। हो सकता है शुरूआत में ये आपको इतना ज्यादा पसंद नहीं आएगा। लेकिन यकीन मानिए मल कठोर होने या लैट्रीन सूखने की समस्या में ये तरीका रामबाण साबित हो सकता है।

जैतून का तेल भी है कारगर

सुबह खाली पेट एक चम्मच जैतून के तेल का सेवन करना लाभकारी होता है। जैतून के तेल से मल को आंत में मूवमेंट में आसानी होती है। जैतून का तेल मल को भी नरम करता है, जिससे मल कठोर होने की समस्या से आराम मिलता है।

पानी से लाभ

पानी आपके मल सूखे होने की समस्या में बहुत फायदेमंद हो सकता है। समान्य तौर पर एक दिन में 2.5 लीटर लगभग 12 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। इससे आपका डाइजेशन सिस्टम को तरोताजा रहता है। इसके साथ ही आप गर्म पानी भी पी सकते हैं। सही मात्रा में पानी पीने से लैट्रीन सूखी होने की समस्या बहुत हद तक दूर हो सकती है।

उच्च वसा वाला भोजन

शरीर में अधिक वसा कई परेशानियों को पैदा कर सकती है। फास्ट फूड अधिक मात्रा में पित्त पैदा करता है। बर्गर और चिप्स जैसे खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन आपको कब्ज की स्थाई समस्या से ग्रस्त कर सकता है। इसलिए अगर आपको मल कठोर होने जैसी समस्याओं से बचना है तो उच्च वसा वाले भोजन से बचना चाहिए।

फाइबर युक्त भोजन

अधिकत मामलों में उच्च फाइबर से भरपूर आहार लेने से कब्ज को रोका जा सकता है। लेकिन आपके कब्ज या मल कठोर होने की समस्या अधिक समय से चल रही हो तो बिना देर किए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। फाइबर दो तरह के होते हैं, एक घुलनशील और दूसरे अघुलनशील। घुलनशील फाइबर आंतों में घुलकर भोजन को पाचन तंत्र के साथ आगे बढ़ने में मदद करते हैं। जबकि अघुलनशील फाइबर घुलते नहीं हैं। ये आंतों के माध्यम से अवशोषित भी नहीं होते हैं। इनका काम दरअसल मल में बल्क जोड़ना होता है। इसनकी मौजूदगी की वजह से कब्ज को कम करने में मदद मिलती है।

स्वास्थ्य संबंधी समस्या के सामने आने पर सबसे पहले डॉक्टरीय सलाह लेनी चाहिए। आर्टिकल का उद्देश्य जानकारी देना मात्र है। हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें। आप सांझ संजोली पत्रिका से इस्टाग्राम पर जुड़ सकते हैं। आपको बेहतर और सटीक जानकारी प्रदान करना ही हमारा लक्ष्य है।

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