तुलसी के 10 चमत्कारी फायदे जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान!

तुलसी के पौधे में कई औषधीय गुण होते हैं। चलिए आज जानते हैं तुलसी के 10 चमत्कारी फायदे । पत्तियों में मौजूद रस आपकी स्मृति को भी तेज करता हैं। ये आपके कफ को हटाने में मदद करती हैं। पत्तियां पेट को स्वस्थ्य रखने में भी अपना योगदान देती हैं और सही मात्रा में पसीना भी उत्पन्न करती हैं।

बुखार और जुकाम

तुलसी की पत्तियां कई बुखार के लिए एक विशिष्ट इलाज हैं। बरसात के मौसम में, जब मलेरिया और डेंगू बुखार का खतरा बढ़ जाता है, चाय के पत्तों के साथ उबले हुए पत्ते इन रोगों के खिलाफ निवारक के रूप में कार्य करते हैं। तीव्र बुखार के मामले में, पत्तों का अर्क, इलायची के साथ आधा लीटर पानी में उबाला जाता है और चीनी और दूध के साथ मिलाकर देने से तेज बुखार में फायदा हो सकता है। तुलसी के 10 चमत्कारी फायदे जिसमें से ये फायदा सचमुच बेहद असरदार है।

कुछ शोधों में ये बात कही गई है कि तुलसी के पत्तों के रस का उपयोग बुखार को कम करने के लिए किया जा सकता है। ताजे पानी में तुलसी के पत्तों का अर्क हर 2 से 3 घंटे दिया जाना चाहिए। बीच-बीच में ठंडे पानी के घूंट देते रह सकते हैं। बुखार होने पर सबसे पहले डाॅक्टर की सलाह जरूरी है, उसकी सलाह के बाद ही आप किसी अन्य इलाज को अपनाएं।

खांसी

तुलसी कई आयुर्वेदिक कफ सिरप में पड़ने वाला महत्वपूर्ण घटक है। तुलसी के पत्तों को चबाने से फ्लू के साथ-साथ खांसी से भी राहत मिलती है। आप खांसी आने पर तुलसी का प्रयोग करके काढ़ा और चाय भी बना सकते हैं ये भी फायदेमंद साबित होगा।

गले में खराश

गले में खराश होने पर तुलसी के पत्तों के साथ उबला हुआ पानी पीया जा सकता है। इस पानी का उपयोग गार्गल के रूप में भी किया जा सकता है। इससे गले की खराश में आश्चर्यजनक लाभ मिलता है।

श्वसन विकार

ये जड़ी बूटी श्वसन प्रणाली विकार के उपचार में उपयोगी है। शहद और अदरक के साथ मिश्रित पत्तियों का अर्क ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, इन्फ्लूएंजा, खांसी और सर्दी के लिए एक प्रभावी उपाय है। लौंग और नमक के साथ मिश्रित पत्तियों का अर्क इन्फ्लूएंजा के मामले में भी राहत दे सकता है। उन्हें आधा लीटर पानी में उबाला जाना चाहिए जब तक कि केवल आधा पानी शेष न रह जाए।

तनाव

तुलसी के पत्तों को एंटी-स्ट्रेस एजेंट माना जाता है। हाल के अध्ययनों से पता चला है कि पत्तियां तनाव के खिलाफ महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करती हैं। यहां तक कि एक स्वस्थ व्यक्ति तनाव को रोकने के लिए, तुलसी की 10-12 पत्तियों को दिन में दो बार चबा सकते हैं। यह रक्त को भी शुद्ध करता है।

मुंह में संक्रमण

मुंह में छाले और संक्रमण के लिए तुलसी के पत्ते प्रभावी होते हैं। चबाये गए कुछ पत्ते इन स्थितियों को ठीक करने की आश्चर्यजनक ताकत रखते हैं।

कीट के काटने पर

तुलसी की पत्तियां एक रोगनिरोधी तत्व की तरह कार्य करती हैं। ये पत्तियां कीट के डंक या काटने पर एक अच्छा उपचार साबित हो सकती हैं। उपचार के लिए आप पत्तियों के रस का एक चम्मच ले सकते हैं और कुछ घंटों के बाद इसी प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं। प्रभावित भागों पर ताजा रस भी लगाना चाहिए।

त्वचा विकार

दाद और अन्य त्वचा रोगों के उपचार में तुलसी का रस फायदेमंद है। ल्यूकोडर्मा के उपचार में कुछ चिकित्सकों द्वारा भी इसे सफलतापूर्वक आजमाया गया है। इसके साथ ही तुलसी आपकी त्वचा में उभरने वाले मौसमी दानों या फुंसियों को भी रोकने का भी काम करती है।

सिरदर्द

तुलसी सिर दर्द के लिए एक अच्छी दवा साबित हो सकती है। चंदन के पेस्ट के साथ मिश्रित पत्तियां, माथे पर गर्मी, सिरदर्द से राहत पाने और सामान्य रूप से ठंडक प्रदान करने के लिए भी लगाई जा सकती हैं। सिर दर्द के दौरान आप तुलसी के पत्तियों से बनी चाय पी सकते हैं, इससे भी आपको आराम मिलेगा।

दांत की समस्या

तुलसी दांत विकारों में उपयोगी है। इसके पत्तों को धूप में सुखाकर पाउडर बनाया जाता है, जिसका उपयोग दांतों को ब्रश करने के लिए किया जा सकता है। इसे पेस्ट बनाने के लिए सरसों के तेल में मिलाकर टूथपेस्ट के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह दांत को स्वस्थ्य रखने, खराब सांस का मुकाबला करने और मसूड़ों की मालिश करने के लिए बहुत अच्छा है। यह पायरिया और दांतों के अन्य विकारों के लिए भी उपयोगी है।

हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें। आप सांझ संजोली पत्रिका से इस्टाग्राम पर जुड़ सकते हैं। आपको बेहतर और सटीक जानकारी प्रदान करना ही हमारा लक्ष्य है।