अधिक डकार आना हो सकता है बड़ी परेशानी का इशारा!

डकार आना एक सामान्य शारीरिक कार्य है, खासकर भारी भोजन के बाद। बर्पिंग तब होता है जब पेट की हवा को मुंह के माध्यम से बाहर निकाल दिया जाता है। यह आमतौर पर तब होता है जब पेट निगलने वाली हवा से भर जाता है। जब आप बहुत जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं तो बर्पिंग सामान्य है। जब डकार या बर्पिंग की समस्या अत्यधिक हो जाती है, तो आपको अपने शरीर पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह कोई आंतरिक समस्या भी हो सकती है। आइये जानते हैं कुछ कारण जिनकी वजह से यह समस्या उत्पंन हो सकती हैः

1. पेट में अल्सर
खाली पेट हो या खाना खाने के बाद जब पेट में धीमा लेकिन लगातार बना रहने वाला दर्द होता है, तो यह लक्षण आपको पेट में अल्सर का भी हो सकता है। यह तब होता है जब पेट के अंदर की सुरक्षात्मक बलगम की परत से छेड़छाड़ की जाती है और नुकसान पेट की परत या छोटी आंत को होता है। बर्पिंग अल्सर का लक्षण हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप एसिड अन्नप्रणाली में जा सकता है।

ऐसी स्थिति होने पर कब लें डाॅक्टर की सलाह
जब आप पेट में ऐंठन, मतली, उल्टी और अत्यधिक सूजन महसूस कर रहे हों। अल्सर के कारण होने वाले कई लक्षण परेशानियां भी खड़ी कर सकती हैं इसलिए एक सही इलाज करवाना बहुत महत्वपूर्ण होता है।

2. इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम

ऐसी स्थिति तब उत्पंन होती है जब होता है जब बड़ी आंत में जलन होती है, जिससे दस्त, कब्ज, पेट में ऐंठन, मतली और अत्यधिक सूजन होती है। इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम का निदान करना अक्सर कठिन होता है। पेट में अत्यधिक बुदबुदाहट इस बात का संकेत हो सकता है कि आप आईबीएस से पीड़ित हैं, जो पेट में गैस के अत्यधिक निर्माण के कारण हो सकता है।

ऐसी स्थिति होने पर कब लें डाॅक्टर की सलाह
यदि आपको अन्य लक्षणों के साथ-साथ डकार भी एक महीने के बाद नहीं आती है, तो आपको अपने डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए। यदि आपको आईबीएस होनें का संदेह है, तो इसके लक्षणों पर नजर रखना महत्वपूर्ण है और पूरा विवरण आपको अपने चिकित्सक को देना जरूरी होता है।

3. एसिड रिफलेक्स

एसिड रिफलेक्स या भाटा विकारएक ऐसी स्थिति है जिसमें ग्रासनली का निचला छोर सही प्रकार से काम नहीं करता है और अम्लीय पदार्थ वापस अन्नप्रणाली में प्रवाहित होता है। कई बार हम एसिड को बेअसर करने के प्रयास में अधिक हवा निगल लेते हैं जिससे वर्पिंग और भी अधिक बढ़ जाती है। इस स्थिति में आप संभवतः अन्य अप्रिय लक्षणों का भी अनुभव कर सकते हैं जैसे छाती और गले में जलन, पेट फूलना, पेट में दर्द, निगलने में कठिनाई और मतली आदि।

ऐसी स्थिति होने पर कब लें डाॅक्टर की सलाह
आम तौर पर समय-समय पर एसिड रिफ्लक्स का अनुभव करना, विशेष रूप से भारी भोजन खाने या अधिक भोजन खाने के बाद हो सकता है। ऐसे में शरीर में एसिड की एक बड़ी मात्रा का उत्पादन होता हैं। लेकिन अगर आपको अकसर एसिड रिफ्लक्स का अनुभव होता है, तो आपके डॉक्टर को जल्द से जल्द दिखाना चाहिए, क्योंकि इसे नजरअंदाज करना आपकों कई अन्य कठनाइयों में डाल सकता है।

4. मधुमेह

अधिक बर्पिंग यह संकेत देता है कि आपका पाचन तंत्र सुस्त है और आप भोजन को पचाने में परेशानी महसूस कर रहे है, जिससे बड़ी मात्रा में गैस बनती है। हाइपोथायरायडिज्म जैसी अन्य स्थितियां भी धीमी गति से चयापचय का कारण बन सकती हैं, जिससे आपके शरीर को भोजन पचाने में मुश्किल होती है। इसके कारण आपको अत्यधिक उबासी भी आ सकती है।

ऐसी स्थिति होने पर कब लें डाॅक्टर की सलाह
यदि आप अत्यधिक थकान और प्यास जैसे अन्य लक्षणों के साथ पाचन की परेशानी भी का अनुभव करते हैं, तो आपको ग्लूकोज परीक्षण के लिए अपने चिकित्सक से मिलने की आवश्यकता है। कुछ मामलों में यह पूर्व-मधुमेह या टाइप 2 मधुमेह का संकेत दे सकता है। इसीलिए बिना देर किए चिकित्सक की सलाह लेना बहुत जरूरी होता है।

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