पीरियड्स के दौरान अधिक दर्द, इस बीमारी की तरफ इशारा तो नहीं!

एक औरत होने के नाते हर महीने पीरियड्स में होने वाले दर्द किसी भी महिला के लिए नई बात नहीं है। लेकिन पीरियड्य के दौरान अधिक दर्द किसी गंभीर बीमारी की तरफ इशारा हो सकता है। हर 10 में से एक महिला इस बीमारी से जूझ रही है लेकिन अधिकतर महिलाओं को इस बीमारी का तब पता चलता है जब वे मां बनने का फैसला करती हैं। दुनिया भर में करोड़ों महिलाएं इस बीमारी से जूझ रही हैं लेकिन इस बीमारी के बारे में लोगों के बीच जागरुकता बिल्कुल नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक, 10 में एक महिला (12 से 40 उम्र की) एंडोमेट्रियोसिस नाम की बीमारी से ग्रसित है। अधिकतर महिलाओं को इसके बारे में जानकारी नहीं होती है और वे भी इसे पीरियड्स के दौरान होने वाला सामान्य दर्द समझते हैं।

एंडोमेट्रियोसिस और प्रजनन क्षमता

एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी समस्या है जिसमें गर्भाशय के अंदर पाया जाने वाला एक ऊतक (टिश्यू) बढ़कर गर्भाशय के बाहर फैलने लगता है। यह ऊतक अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब या गर्भाशय के बाहरी हिस्सों में और अन्य आंतरिक हिस्सों में फैल सकता है। एंडोमेट्रियोसिस होने पर मासिक धर्म के दौरान तेज दर्द हो सकता है। यह ऊतक गर्भाशय के अंदर वाले ऊतक जैसा ही होता है लेकिन पीरियड्स के दौरान यह बाहर नहीं निकल पाता है जिससे दर्द होता है। कभी-कभी यह ऊतक निशान छोड़ देते हैं या द्रव से भरे अल्सर बनाते हैं। इससे महिलाओं की प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है।

जीवा फर्टिलिटी सेंटर की आईवीएफ विशेषज्ञ डाॅक्टर श्वेता गोस्वामी का कहना है कि अकसर महिलाओं को इस बीमारी का तब तक पता नहीं चलता है जब तक वे प्रेगनेंसी के दौर से नहीं गुजरती हैं। इन्फर्टिलटी की समस्या से जूझ रहीं एक तिहाई महिलाओं को एंडोमेट्रोसियोसिस बीमारी से ग्रसित पाया गया। एंडोमेट्रोसियोसिस बीमारी होने का मतलब यह नहीं है कि आप प्रेगनेंट नहीं हो सकती हैं। महिलाओं के प्रजनन अंग पर एंडोमेट्रियल ग्रोथ होने पर अंडा और शुक्राणुओं का मार्ग अवरुद्ध हो सकता है। यूटेरस पर पड़े निशान एग को फर्टिलाइज करने की प्रक्रिया में परेशानी खड़ी करते हैं और गर्भधारण नहीं हो पाता है।

एंडोमेट्रिओसिस के लक्षण

  • डाॅक्टर श्वेता गोस्वामी बताती है कि एंडोमेट्रियोसिस के मुख्य लक्षणों में से पीरियड्स के दौरान सामान्य से ज्यादा दर्द होना है। ऊतक किस जगह पर बढ़ रहा है, उसके हिसाब से बैक पेन, दर्दनाक मूत्र विसर्जन, पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग, अनियमित पीरियड्स, कब्ज, डायरिया, बार-बार पेशाब लगना, थकान, शारीरिक संबंध बनाते समय या बाद में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • एंडोमेट्रियोसिस के कुछ चक्रीय लक्षण भी होते हैं यानी महिलाओं के मासिक धर्म शुरू होने से पहले या कुछ समय बाद होने के दौरान ही नजर आते हैं। आंत्र समस्याएं जैसे समय-समय पर सूजन, शौच में दर्द, मूत्र में खून आना, गुदा से खून आना, कंधे का दर्द इत्यादि।
  • एंडोमेट्रिओसिस से महीने में कई बार रक्तस्त्राव कई बार हो सकता है और सामान्य से अधिक भी।
  • अगर आपके परिवार में किसी को एंडोमेट्रिसियोसिस है तो आपको यह बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। लक्षण दिखने पर अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर कर लें।

नियमित व्यायाम है लाभकारी

योगा प्रैक्टिशनर व न्यूट्रिशनिस्ट परमिता सिंह ने बताया कि अनियमित मासिक चक्र से नियमित व्यायाम के द्वारा बहुत हद तक छुटकारा पाया जा सकता है। माहवारी के दौरान कुछ महिलाओं को दर्द न के बराबर तो कुछ महिलाओं में अधिक दर्द हो सकता है। इस दौरान कई महिलाओं में कम उर्जा व चिड़चिड़ेपन की भी शिकायत हो सकती है। अगर आप प्रतिदिन संतुलित आहार लेती हैं और नियमित रूप से व्यायाम करती हैं तो पीरियड्स के समय होने वाली समस्याओं से बहुत हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।

उन्होंने ने बताया कि पीरियड्स के दौरान अगर महिलाएं व्यायाम करती हैं तो इससे मूड भी अच्छा रहेगा, साथ ही फ्रेश भी महसूस करेंगी। इस समय अगर आप हल्का व्यायाम करती हैं तो आपको दर्द से आराम मिलेगा, साथ ही इस बात पर भी ध्यान देना जरूरी है कि यदि आपको दर्द ज्यादा है तो जबरदस्ती वर्कआउट न करें और खुद को आराम दें। मासिक धर्म के दौरान आपको आवश्यकता से अधिक मेहनत नहीं करनी चाहिए। पीरियड्स के दौरान प्रत्येक महिला की असुविधा का स्तर अलग-अलग होता है, इसीलिए उन्हें उतना ही व्यायाम करना चाहिए जितना वे आसानी से कर सकती हैं।

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