ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या, क्या कहते हैं विशेषज्ञ

ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या आज-कल बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है। इन दिनों कम उम्र में भी लोग इस पीड़ादायक परेशानी का सामना कर रहे हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस के मुख्य लक्षण जोड़ों में दर्द और जकड़न महसूस होना है। साथ ही जोड़ को हिलाने में समस्या भी इस बीमारी की तरफ इशारा हो सकता है। कुछ लोगों में इसके अन्य लक्षण जैसे सूजन, प्रभावित जोड़ को हिलाने पर झंझरी या कर्कश आवाज आने जैसा महसूस हो सकता है। कुछ लोगों में लक्षण हल्के हो सकते हैं। जबकि कुछ मरीजों में गंभीर समस्याओं का अनुभव होता है, जिससे दैनिक गतिविधियों को करना भी मुश्किल हो जाता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस से लगभग कोई भी जोड़ प्रभावित हो सकता है, लेकिन इस स्थिति में अक्सर घुटनों, कूल्हों और हाथों के छोटे जोड़ों में समस्या होती है।

जोड़ों के दर्द के अलावा, इन लक्षणों को भी नजरअंदाज न करेंः

जोड़ के आसपास सूजन या लाली होना
गतिशीलता में कमी
जोड़ के आस-पास भारीपन
अधिक थकावट (ऊर्जा की कमी) या कमजोरी
बहुत ज्यादा डिप्रेशन
लगातार बने रहने वाला हल्का या तेज बुखार

अगर आपमें ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षण हैं तो आपको विशेषज्ञ के पास जांच के लिए जाना चाहिए ताकि वे आपको जरूरी इलाज बता सकें।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

सीताराम भरतिया इंस्टीट्यूट और होली फैमिली हॉस्पिटल, नई दिल्ली के सीनियर ऑर्थाेपेडिक कंसल्टेंट और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ बीरेन नादकर्णी कहते हैं कि इन दिनों ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या युवाओं मे भी देखने को मिल रही है। हम पेटेला-फेमोरल गठिया के बहुत से युवा रोगियों को भी देख रहे हैं, जो कई बार घुटने की उपरी भाग में सूजन की शिकायत लेकर आते हैं। कई मामलों में दोष बढ़े हुए वजन का होता है। परेशानी बढ़ने पर उन्हें घुटने टेकने या सीढ़ियों का उपयोग करने तक में कठिनाई का अनुभव होता है। बढ़ा हुआ वजन युवाओं में घुटने की समस्याओं को बढ़ा रहा है।

डॉ. नाडकर्णी ने बताया कि समस्याओं को अनदेखा न करें परेशानी के शुरूआती चरण में ही तुरंत इलाज करवाना महत्वपूर्ण है। ज्यादा देर करने के समस्या बहुत अधिक बढ़ जाती है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण

दैनिक जीवन में आपके जोड़ों को लगातार किसी न किसी प्रकार की क्षति का सामना करना पड़ता है। ज्यादातर मामलों में, आपका शरीर क्षति की मरम्मत स्वयं कर देता है और आपको किसी भी लक्षण का अनुभव तक नहीं होता। लेकिन ऑस्टियोआर्थराइटिस में, आपकी हड्डियों के सिरों पर मौजूद सुरक्षात्मक कार्टिलेज टूट जाता है, जिससे दर्द, सूजन और जोड़ को हिलाने में समस्या होती है। इसमें हड्डी की वृद्धि विकसित हो सकती है, और क्षेत्र लाल और सूज सकता है।
यह तब होता है जब जोड़ों में कार्टिलेज खराब होने लगता है। इन दिनों हम 30 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में भी बहुत अधिक मामले देख रहे हैं। ऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ, जैसे जंक फूड और तले हुए खाद्य पदार्थ कार्टिलेज के लिए खराब हैं। मोटापा भी ऑस्टियोआर्थराइटिस को दावत देता है।

कई चीजों को ऑस्टियोआर्थराइटिस के विकास के लिए जिम्मेदार माना जाता है, जैसे किः

हड्डी में लगी कोई चोट जिसे ठीक होने का पूरा मौका नहीं मिला हो।
गठिया से ग्रसित लोगों को इसका खतरा बना रहता है।
जैसे-जैसे आप बड़े होते जाते हैं, आपकी बढ़ती उम्र भी इस समस्या का जन्म दे सकती है।
पारिवारिक इतिहास भी हो सकता है एक कारण, ऑस्टियोआर्थराइटिस परिवारों में चल सकता है।
मोटा होना आपके जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, विशेष रूप से उन पर जो आपका अधिकांश भार सहन करते हैं, जैसे कि आपके घुटने और कूल्हे
ऑस्टियोआर्थराइटिस पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक आम है।
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