सेहत के लिए जरूरी हैं मौसमी फल और सब्जियां

मौसमी फल और सब्जियां जीवन को सेहतमंद बनाने का आसान रास्ता है। हर गर्मीयों में हम तरबूज, खरबूज लीची व आम जैसे फल को तो हम बेहद चाव से खाते है। और क्यों न खायें फल इतने स्वादिष्ट, रस भरे व खट्रठे – मिठे होते है जो हमें और हमारे जीभ को बहुत भाते है। पर जब बात लौकी करेले जैसी सब्जियों की आती है तो नाक भौ सिकोड़ने लगते है। इन सब्जियों की अनदेखी सेहत के साथ -साथ जेब पर भी भारी पड़ती है। सर्दियों में आने वाली विभिन्न सब्जियां भी हमारे शरीर में पोषक तत्वों की बढ़तरी करती है। पोषक तत्वों के साथ-साथ ये स्वाद से भी भरपूर होती हैं। 

क्यों जरूरी है गर्मी में मौसमी फल और सब्जियां अपनी डाइट में शामिल करना “बता रही है त्वचा रोग विशेषज्ञ व होम्योपैथ फिजीशियन डॉ करूणा मल्होत्रा

प्रकृति ने हर मौसम के मिजाज के अनुसार हमें कुछ विशेष फल और सब्जियां उपलब्ध कराई है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग गर्मियों के फलों को तो बड़े चाव से खाते है, लेकिन सब्जियों की जब बात आती है। तो गर्मियों में भी महंगे दामों पर सर्दियों की सब्जियां खरीदकर खाना उन्हें जयादा सुहाता है। लेकिन ये आदत न केवल जेब पर भारी पड़ता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी काफी नुकसानदायक है। तो इन गर्मियों में इन मौसमी सब्जियों और फलों को खांए, जो आपकी सेहत भी बना दें और पैसे भी बचा दें।

मौसमी फल और सब्जियां

गर्मियों की सब्जियां उन्हें कहा जाता है। जो अप्रैल से लेकर अगस्त माह तक उपलब्ध रहती है। इनमें लौकी, करेला, तौरी, कद्दू, खीरा, टिंडा, परमल, और चैलाई प्रमुख है। गर्मी के मौसम में अधिकतर लोगों में पेट संबंधी विकार हो जाते है। इनसे बचने के लिए इस मौसम में पैदा होने वाली ताजी सब्जियां खाना सेहतमंद है। गर्मियों में मिलने वाली ये सब्ज्यिां मुलायम त्वचा वाली, गूदेदार और नमी से भरपूर होती है। सब्जियों की ये खूबियां मौसम के लिहाज से बिल्कुल उपयुक्त है। ये सभी सब्जियां ठंडी, पचने में आसान और उन सभी पोषक तत्वों से भरपूर होती है,जो इस गर्म और नमी वाले मौसम से शरीर का तालमेल बैठाने के लिए जरूरी है। इनमें कैलोरी और वसा दोनों कम होती है।

उच्च पोषण

मौसमी उपज ताजा होती है और स्वाद बेहतर, मीठा और पूरी तरह से पका हुआ होता है। जब फलों और सब्जियों को उपभोग के लिए चुना जाता है जो कि बेल या पेड़ पर प्राकृतिक रूप से पके हुए हैं और सही समय पर काटे गए हैं, तो इसमें बहुत अधिक स्वाद और पोषण होगा। मौसम में खरीदे जाने वाले उत्पाद के ताजा होने की संभावना अधिक होती है। दरअसल इनकी कटाई के करीब खपत होती है और इनमें पोषण अधिक होता है। कुछ एंटी-ऑक्सीडेंट जैसे विटामिन सी, फोलेट और कैरोटीन ज्यादा दिनों तक स्टोरेज में रहने के कारण तेजी से घट जाते हैं। इसके साथ ही मौसमी फलों और सब्जियों का सस्ता होना आपकी जेब पर भी भारी पड़ता है।

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