पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकती है ये बड़ी समस्या!

अग्नाशय की समस्या, जांच व सावधानियां

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अगर आपके पेट के ऊपरी भाग में लगातार दर्द बना रहता है तो, इसे नजरअंदाज न करें। इसे हल्के में लेना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। ये इशारा हो सकता है, अग्न्याशय के रोग से संबंधित किसी समस्या का, इससे बचाव बेहद जरूरी है।

अग्नाशय की समस्याओं के लक्षण
रोगग्रस्त अग्न्याशय (अग्नाशय एंजाइम) के कई लक्षण हो सकते हैं, लेकिन कुछ आम लक्षण हैं जिनके सामने आने पर आपको बिना देर किए चिकित्सकीय जांच के लिए जाना चाहिए। अधिकतर पाए जाने वाले लक्षण ये हैंः

पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द

भूख में कमी

त्वचा और आंखों का पीला होना (पीलिया)

पीठ दर्द

सूजन

जी मिचलाना

उल्टी

पाचन अपच

वसायुक्त मल जैसी समस्या होना

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अग्नाशय से संबंधित समस्याओं के सामने आने पर आपको कुछ टेस्ट करवाने होते हैं, जिससे पूरी तरह से समस्या का पता चल पाता है। अग्नाशय की जांच कई प्रकार से की जा सकती है, आपकी समस्या को देखते हुए डाॅक्टर आपको इनमे से कोई सुझाव दे सकता है।
सामान्य परीक्षण – इसमें रक्त परीक्षण, शारीरिक परीक्षण और एक्स-रे आदि किए जाते हैं।

अल्ट्रासाउंड – ध्वनि तरंगें अग्न्याशय की एक तस्वीर बनाती हैं, जिससे समस्या का पता चल जाता है।

सीटी स्कैन – एक विशेष एक्स-रे अग्न्याशय के तीन आयामी चित्र लेता है, ये परीक्षण आपकी समस्या हो समझने में मददगार होता है।

एमआरआई – यह टेस्ट आम भाषा में सीटी स्कैन के समान ही होता है, लेकिन इसमें चुंबकत्व का उपयोग तीन आयामी चित्रों के निर्माण के लिए किया जाता है।

एंडोस्कोपी – इस टेस्ट में एक पतली दूरबीन गले से नीचे डाली जाती है और समस्या को समझा जाता है।

लैप्रोस्कोपी – इसमें पेट में डाला गया एक पतला उपकरण होता है जिसके माध्यम से जांच की जाती है।

बायोप्सी – इसमें अग्नाशय के ऊतक का एक छोटा टैग सुई के साथ निकाला जाता है और उसकी प्रयोगशाला में जांच की जाती है।

अग्नाशय को स्वस्थ्य रखने के लिए क्या करेंः
कुछ कारण जो अग्नाशयी समस्याओं को जन्म दे सकते हैं, उनसे बचना मुश्किल है। फिरभी एक स्वस्थ जीवन शैली का पालन करने से अग्नाशय को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती हैः

  1. संतुलित, कम वसा वाला आहार खाएं, जिसमें साबुत अनाज, फल और सब्जियां हों।
  2. स्वस्थ वजन और व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाएं। बहुत तेजी से वजन घटाने से बचें, इससे यकृत की समस्या पैदा हो सकती है।
  3. शराब के सेवन से बचें, क्योंकि शराब अग्नाशय के कैंसर के अलावा कई अन्य समस्याओं को भी जन्म दे सकती है।
  4. धूम्रपान से बचें।
  5. रेगुलर हेल्थ चेकअप जरूर करवाएं, अधिकतर मामलों में अग्नाशय के कैंसर का पता लगाना बहुत मुश्किल है, इसलिए इसे स्क्रीनिंग के साथ जल्दी पकड़ना जीवन रक्षक हो सकता है।
यहां दी गई जानकारी बातचीत पर आधारित है, कृपया अपने विवेक से काम लें। किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से ग्रसित होने पर सबसे पहले चिकित्सकों से जांच करवायें।

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