इन प्रश्नों में छुपा है नींद न आने की बीमारी का इलाज! ध्यान से जवाब दीजिएगा

हममे से कई लोग नींद न आने की बीमारी का इलाज ढूढते रहते हैं। नींद न आना एक बड़ी परेशानी है। आज हम कुछ ऐसे सवालों के बारे में बात करने जा रहे हैं। जिनका उत्तर देने के बाद आप अपनी समस्या को सही तरह से समझ पाएंगे। नींद की गुणवत्ता को पहचानने के लिए इन प्रश्नों का उत्तर आपके के साथ-साथ आपके डॉक्टर के लिए भी जानना बहुत जरूरी है। ये हैं वे प्रश्नः

1- पहला प्रश्न होता है कि आप कितनी आसानी से सो जाते हैं?
2- आप रात में कितनी बार उठते हैं और क्या आप फिर आसानी से सो जाते हैं?
3- आपकी नींद कितनी गहरी या हल्की होती है?
4- क्या आपके जागने का कोई खास समय है?
5- क्या आप अपने दांत पीसते हैं, खर्राटे लेते हैं या स्लीप एपनिया का अनुभव करते हैं?
6- क्या आपको रात को पसीना आता है?
7- रात की नींद के बाद आप कितना आराम महसूस करते हैं?

अपने आप से ये प्रश्न पूछने से यह भी पता लगाने में मदद मिलती है कि क्या आप जिस स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। वह वास्तव में आपके सोने के पैटर्न से आ रही है? इन विशेष प्रश्नों के उत्तर आपकी नींद की समस्या को सुलझाने का पहला कदम साबित हो सकते हैं।

नींद न आने की बीमारी का इलाज के लिए कुछ जरूरी सुझाव

अगर आप अपनी नींद में सुधार करना चाहते हैं, तो निश्चित रूप से आपको कुछ सुझावों पर गौर करने की जरूरत है। आइए जानते हैं कि अपनी नींद की गुणवत्ता में सुधार के लिए आप किन छोटे-छोटे बदलावों को अपना सकते हैंः

सोने से पहले नहाना

कुछ लोग ये सोंचते हैं कि सोने से पहले नहाने से नींद भाग जाती है। लेकिन कई लोगों ने ये अनुभव किया है कि रात में नहाने के बाद सोने से नींद अच्छी आती है। इसके साथ ही लाइट बंद करने पहले पांच मिनट गहरी श्वास लेने का अभ्यास फायदेमंद रहता है। इससे तनाव को कम करने में मदद मिलती है। तनाव में कमी आपकी नींद की गुणवत्ता को बढ़ा देती है।

सोने से पहले टीवी

सोने से ठीक पहले टीवी देखना आपकी नींद को नुकसान पहुंचा सकता है। देर शाम स्क्रीन समय से बचें। खासकर ऐसा कंटेंट जो आपको सोंचने या चिंता करने पर मजबूर कर सकता हो। अधिक सोंचने या चिंता करने से नींद में रूकावट पैदा होती है।

आपकी दिनचर्या

अपनी दिनचर्या को प्रकृति के अनुसार ढालने का प्रयत्न करें। जैसे गर्मियों और सर्दियों में सूर्योदय के अनुसार ही अपने उठने का समय निर्धारित करें। विशेषज्ञों के अनुसार हर दिन लगभग एक ही समय पर उठना अच्छा होता है।

आपका आहार

भारी भोजन और बहुत शराब से पीने से बचें। भारी भोजन अपच जैसी समस्याओं को जन्म देता है। पेट की परेशानी होने से नींद की समस्या पैदा हो सकती है। इसके साथ शराब आपके दिमाग की कार्यशैली को प्रभावित करता है। इस वजह से नींद के लिए जिम्मेदार रसायन का उत्सर्जन बाधित होता है। जिस वजह आपको नींद से जुड़ी समस्याओं को सामना करना पड़ सकता है।

कमरे का तापमान

नींद के लिए बाहरी कारकों में सबसे जरूरी कारक कमरे का तापमान होता है। गर्मियों में अधिक या जाड़ों में कमरे का कम तापमान आपकी नींद का सबसे बड़ा दुश्मन साबित हो सकता है। खासकर गर्मियों में आपको बेहतर नींद लेने के लिए आपके शरीर के तापमान को कम करने की आवश्यकता होती है। गर्मियों में शाम को ठंडे पानी का स्नान फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि इससे शरीर के तापमान में गिरावट आएगी जिससे आपको नींद आने में मदद मिलेगी।

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