हर खांसी को न समझें कोरोना वायरस!

कोरोनावायरस  की वजह से पूरा विश्व परेशान है। इस वायरस को लेकर लोगों कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं। सरकार पूरा प्रयत्न कर रही है कि लोग किसी भी तरह की भ्रांतियों में न पड़ें। कोरोना वायरस से उत्पंन होने वाले लक्षणों में खांसी आना एक बड़ी समस्या है, लेकिन हर एक खांसी कोरोना वायरस की वजह से नहीं होती है। आइए जानते हैं खासी आने के कुछ कारणों परः

खांसी आने के कई कारण हो सकते हैं। खांसी के सामान्य कारणों में शामिल हैं

एलर्जीः परागकण- धूल, जानवरों का फर आदि से एलर्जी उत्पंन हो सकती है।

गले में इरीटेशन- धूम्रपान, पैसिव स्मोकिंग, प्रदूषण, रासायनिक धुएं, इत्र व एयर फ्रेशनर से भी कभी-कभी खांसी हो सकती है।

कुछ अन्य कारण- सामान्य सर्दी, ऊपरी श्वसन मार्ग में संक्रमण, फ्लू, निमोनिया, काली खांसी, अस्थमा, रिफ्लेक्स, साइनस संक्रमण, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, ब्रोन्किइक्टेसिस, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), फेफड़े में संक्रमण, कैंसर आदि के कारण।

सूखी खांसी- यह आमतौर पर सर्दी और फ्लू के वायरस, एलर्जी, एसिड रिफ्लेक्स व सिगरेट के धुएं से जलन का परिणाम हो सकती है।

खांसी जो 3 सप्ताह से अधिक समय तक रहती है ऐसे में हृदय रोग, अस्थमा, फेफड़े की बीमारी, ब्रोंकाइटिस आदि भी खांसी के कारण हो सकते हैं, इसलिए खांसी की समस्या को हल्के में बिल्कुन नहीं लेना चाहिए व जल्द से जल्द किसी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

खांसी को ठीक करने के लिए प्राकृतिक और घरेलू उपचार

खांसी आना आपको असहज बनाता है, और कई बार यह कई तरह की समस्याओं को भी बढ़ा देता हैं। ऐसे में निम्न बातों को अपनाकर आप इस समस्या से कुछ हद तक बच सकते हैं। इन उपयों को अपनाने के साथ-साथ आपको यह भी सलाह दी जाती है कि यह समस्या उत्पंन होने पर अपने नजदीकी चिकित्सक से अवश्य अपनी जांच करवा लें। क्योंकि इससे आपको खांसी आने के कारण को पहचानने में मदद मिलेगी। आइए जानते हैं घरेलू तरीके जिनको अपनाकर आप इस समस्या से बच सकते हैंः

हाइड्रेटेड रहना आपके शरीर के लिए बहुत जरूरी है, बलगम वाली खांसी में यह आपके बलगम को पतला करने में भी मदद करता है। इसीलिए सही मात्रा में पानी जरूर पिएं।

इनहेल स्टीम, स्टीम लेने से आपको फेफड़ों की समस्या में आराम मिलता है। इसके लिए पानी उबालें और एक कटोरे में डालें, कटोरे से स्टीम को इनहेल करें, ऐसा करते समय कम से कम 1 फुट दूरी बनाए रखें। आप अपने सिर के पीछे एक तौलिया रखें जिससे स्टीम जल्दी से उड़ न जाए।

हल्के खारे पानी से गरारे कर सकते हैं यह गले से बलगम को साफ करता है।

आप रात में अपने सिर को ऊंचा करने के लिए एक अतिरिक्त तकिया का उपयोग कर सकते हैं।

धूम्रपान बिल्कुल न करें और पैसिव स्मोकिंग के धुएं से बचें।

धूल, इत्र, या प्रदूषण से एलर्जी होने पर इनसे बचने का सही प्रबंध जैसे मास्क आदि का प्रयोग करें।

शहद का प्रयोग करें। कई मामलों में यह एक कफ खत्म के रूप में भी कार्य करता है।

अदरक की चाय गले की सूजन को दूर करती है, दिन में दो बार आप अदरक की चाय पी सकते हैं।

आप पुदीने का भी प्रयोग भी भोजन में कर सकते हैं, यह फेफड़ों में बलगम को ढीला करने में मदद करता है।

एप्पल सिरका शहद के साथ मिला कर ले सकते हैं यह बलगम को पतला करने में मदद करता है।

हल्दी का प्रयोग करें, हल्दी पाचन समस्याओं को कम करने में मदद कर सकती है और जीईआरडी के कारण होने वाली खांसी होने पर मदद कर सकती है।

खाने में आप गरम सूप ले सकते हैं यह ऊपरी श्वसन पथ के संक्रमण के लक्षणों को कम कर सकता है।

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