बहुत ज्यादा थकावट का कारण ये तो नहीं! ध्यान दें

कम ऊर्जा की समस्या और बहुत ज्यादा थकावट

आपका लंच तो नहीं है कारण

बहुत ज्यादा थकावट होने पर किसी भी काम में मन नहीं लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार लंच अच्छा और पोषक तत्वों से भरा होना बहुत जरूरी है। प्रोटीन युक्त दोपहर का भोजन रक्त शर्करा के स्पाइक्स के प्रभाव को कम करने में मदद करेगा जो शारीरिक ऊर्जा में कमी का कारण बन सकता है। प्रोटीन को सीमित करने के नकारात्मक प्रभाव शरीर पर पड़ते हैं। साथ ही मनोदशा, शरीर की प्रतिरक्षा के साथ-साथ आपकी ऊर्जा भी प्रभावित होती है।

प्रोटीन और कार्ब्स

आपका भोजन ऐसा होना चाहिए जिसमें प्रोटीन और कार्ब्स की मात्रा संतुलित रूप में हो। इस तरह आप शरीर की जरूरत के अनुसार उर्जा का स्त्रोत शरीर को मुहैया करवा पा रहे होंगे। साथ ही इससे उर्जा की कमी या बहुत ज्यादा थकावट से जूझ रहे लोगों की समस्या का भी अंत हो सकता है।

आपकी न पूरी होने वाली नींद भी बन सकती है बहुत ज्यादा थकावट का कारण

हाल ही के एक अध्ययन में पाया गया कि रात की नींद आप में इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ाती है। जिससे शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही आहार में मैग्नीशियम का सेवन भी आपको फायदा पहंुचा सकता है। यह आपको अच्छी नींद लेने में मदद कर सकता है। गहरे रंग के पत्तेदार साग जिसमें इस पोषक तत्व की मात्रा प्रचुर रूप में होती है का सेवन जरूर करें।

पर्याप्त सक्रियता

अगर आप पर्याप्त व्यायाम न करें तो आपकी शारीरिक ऊर्जा टैंक हो जाएगी, जिसका अर्थ ये है कि आपको कोई भी व्यायाम करने में शून्य रुचि होगी। इससे आपका वजन अप्रत्याशित रूप से बढ़ सकता है। कई तरह की बीमारियां आपको घेर सकती हैं। इससे बचने और बेहतर उर्जा पाने के लिए प्रतिदिन हल्के व्यायाम की आदत डालें। इसका सकारात्मक प्रभाव पहले हफ्ते से ही दिखने लगता है।

विटामिन बी12 की कमी भी हो सकती है थकावट

विटामिन बी12 की कमी की वजह से आपमें उर्जा का स्तर कम रंह सकता है। सबसे खराब स्थिति में, विटामिन बी 12 की कमी से एनीमिया तक हो सकता है। रक्त निर्माण के लिए विटामिन बी12 आवश्यक है। अगर आपको पर्याप्त विटामिन बी12 नहीं मिल रहा है, तो यह आपके मानसिक ऊर्जा के स्तर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। जिसकी वजह से आपको लगातार थकावट महसूस होती रहेगी।

टेक का बहुत ज्यादा इस्तेमाल आपको आलसी तो नहीं बना रहा

क्या आप मोबाइल या लैपटॉप पर हमेशा आईलाइन रहते हैं। हालिया शोध में पाया गया कि स्मार्टफोन के लगातार उपयोग से मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जिससे थकान, चिंता और अवसाद होता है। शारीरिक गतिविधियों को महत्व नहीं देना परेशानी का सबब हो सकता है। आपको अपनी ऑनलाइन गतिविधियों के साथ-साथ ऑफलाइन गतिविधियों को भी बढ़ावा देना चाहिए। बिना शारीरिक गतिविधियों के आप आलस्य से भर सकते हैं। जो आपकी शारीरिक उर्जा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

सांझ संजोली पत्रिका से जुड़ने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को भी फॉलो कर सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः