पीसीओएस का इलाज सही समय पर शुरू करना है जरूरी

दिल्ली की मशहूर आईवीएफ व स्त्री रोग विशेषज्ञ, डाॅक्टर शोभा गुप्ता से बातचीत पर आधारित

पीसीओएस का इलाज कराने के लिए इसकी सही समय पर पहचान जरूरी है। इस बीमारी को पहचाने के लिए पीसीओएस के लक्षण जानने जरूरी हैं। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) का प्रमुख लक्षण असमान्य पीरियड्स होता है। मासिक धर्म की गड़बड़ी के साथ अनियमित मासिक धर्म का होना। पीरियड्स का कम समय तक रहना जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। पीड़ित में मुंहासे, शरीर पर बालों का अधिक बढ़ना जैसे लक्षण देखे जाते हैं।

पीसीओएस (PCOS) के अन्य लक्षण

अचानक वजन का बढ़ना

शरीर में बढ़ा इंसुलिन का स्तर

स्किन का आयली हो जाना

बालों में रूसी होना

बांझपन की समस्या

त्वचा का रंग बदलना

बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल

बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर

महिलाएं जिन्हें पीसीओएस है के अंडाशय में अकसर कई छोटे सिस्ट हो जाते हैं। इससे पीड़ित महिलाओं में इंसुलिन की समस्या भी देखी जाती है।

पीसीओएस का इलाज

इसका इलाज आमतौर पर लक्षणों को ध्यान में रख कर किया जाता है। लक्षणों को देखते हुए कुछ टेस्ट भी आपको करवाने पड़ सकते हैं। प्रारंभिक जांच में जो समस्याएं सामने आती हैं, उनके आधार पर इलाज किया जाता है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के दौरान मरीज में अकसर शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इसलिए मरीज को डायबटीज की दवाएं भी दी जाती हैं। इसकी वजह से बांझपन जैसी समस्या सामने आ सकती है। उसके लिए डाॅक्टर जांच के बाद उपयुक्त दवाएं लेने की सलाह देते हैं। पीसीओएस के कारण निःसंतानता के लिए आईयूआई या आईवीएफ का सहारा भी लेना पड़ सकता है।

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome) से पीड़ित मरीजों के लिए सुझाव

इस सिंड्रोम से पीड़ित मरीजों के लिए कम कार्ब आहार अच्छा रहता है। कार्ब कम लेने से शरीर में इंसुलिन का स्तर कम होता है। जिससे आपका वजन भी नियंत्रित रहता है। इस बीमारी में व्यायाम का बहुत अधिक रोल होता है। नियमित व्यायाम करने से शरीर में अतिरिक्त ग्लूकोज का सही प्रयोग हो पाता है। जो आपके मधुमेह का बढ़ने से रोकता है। इसके साथ अपने आहार में फाइबर को जरूरी जोड़ें।

फाइबर का सेवन आपको कम कैलोरी पर अधिक समय तक भरा हुआ महसूस करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, जटिल, उच्च-फाइबर कार्ब्स आपके रक्त शर्करा को नहीं बढ़ाएंगे (और अधिक भोजन की इच्छा पैदा करेंगे) उसी तरह जैसे सरल, शर्करा वाले कार्ब्स करते हैं। अगर आपको पीसीओएस है तो आहार में रेशेदार पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद साबित होगा। सामान्य रूप से हर महिला को प्रतिदिन कम से कम 21 से 25 ग्राम फाइबर लेना चाहिए। जैसे कि साबुत अनाज, पत्तेदार सब्जियां, फलियां, शकरकंद आदि।

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