वजाइना से जुड़ी परेशानियां होंगी दूर रखें इन बातों का ख्याल

पीरियड के दौरान और गर्मी के कारण वजाइना से जुड़ी परेशानियां बढ़ जाती हैं। प्राइवेट पार्ट या उसके आस-पास लाल चकत्ते या बहुत ज्यादा खुजली किसी प्रकार के इंफेक्शन का इशारा हो सकते हैं। कई मामलों में बहुत देर गीलेपन के कारण ऐसी समस्या सामने आ सकती है। जिससे एक या दो दिन में आराम मिल जाता है। लेकिन अगर आपकी समस्या बढ़ रही है और आराम मिलता नहीं दिख रहा है तो बिना देर किए विशेषज्ञ से इसकी जांच करवाना जरूरी होता है। गीलापन बैक्टीरिया के लिए प्रजनन स्थल बनाता है जो संक्रमण का कारण बन सकता है।

गर्मियों के दिनों में जब पसीना ज्यादा आता है, जिससे ऐसी समस्या अधिक देखने को मिलती है। आपको जितनी जल्दी हो सके अपने गीले आंतरिक वस्त्रों को बदल लेना चाहिए। यदि आप वर्कआउट कर रहे हैं और पसीने से तर हो रहे हैं, तो वर्कआउट के बाद अपने कपड़ों को बदल दें और एक साफ और सूखी अंडरवियर पहनें। वजाइना से जुड़ी परेशानियां या प्राइवेट पार्ट से जुड़ी समस्याएं ये अधिकतर साफ-सफाई का ख्याल न रखने से पनपती हैं।

मदर्स लैप आईवीएफ सेंटर की गायनाकोलॉजिस्ट व आईवीएफ विशेषज्ञ डॉक्टर शोभा गुप्ता ने महिलाओं को होने वाली समस्याओं के बारे में दी जरूरी जानकारी

सरवाइकल कैंसर और प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई

वजाइना से जुड़ी परेशानियां न हों इससे बचने के लिए आपको निश्चित रूप से अपने योनि क्षेत्र को साफ रखने की जरूरत है। वैसे भी यह एक नाजुक क्षेत्र है, जो संक्रमण और जलन के प्रति अधिक संवेदनशील होता है। क्षेत्र को हल्के साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं, और सुनिश्चित करें कि हर एक दिन अपने अंडरवियर को बदलें। सरवाइकल कैंसर से बचने के लिए नियमित जांच और टीकाकरण जरूरी हैं। इससे महिलाओं को समय पर उसका इलाज कराने में मदद कर मिलती है। असामान्य रक्तस्राव, पैल्विक दर्द, या पेशाब के दौरान दर्द होने पर बिना देर किए जांच जरूर करवाएं।

पैड्स कितनी देर में बदलें

अच्छा ये रहता है कि आप हर 3 या 4 घंटे में अपना पैड बदलें। अच्छी कंपनी के अधिकतर पैड्स को रात या फ्लो न होने पर आप 5 से 6 घंटों तक भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सही समय पर पैड बदलना अच्छी स्वच्छता की निशानी है। इससे खराब गंध की समस्या को रोकने में मदद मिलती है। अधिक फ्लो के दौरान आपको पैड भर जाने से पहले उसे बदल लेना चाहिए। अगर आपका पैड गीला या असहज महसूस कराता है, तो उसे बदल दें। पसीना और बैक्टीरिया, जो आमतौर पर वैसे भी होते हैं, अगर लंबे समय तक एक जगह पर छोड़ दिया जाए तो खराब गंध और इंफेक्शन की समस्या पैदा कर सकते हैं।

जननांगों पर पाउडर का प्रयोग

महिलाओं को अपने जननांगों पर पाउडर और डिओडोरेंट्स का उपयोग नहीं करना चाहिए। इनका प्रयोग आपकी समस्या को बढ़ा सकता है। फिरभी अगर इसकी जरूरत महसूस होती है, तो किसी उत्पाद का प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

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