क्या हैं एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं में बच्चा होने की संभावनाएं

आज हम एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं में बच्चा होने की संभावनाएं जानने की कोशिश करेंगे। महिलाओं जो एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) से पीड़ित हैं, क्या उन्हें प्रजनन संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल इसमें से पीड़ित महिलाओं में गर्भाशय के अंदर के टिशूज बढ़कर गर्भाशय के बाहर फैलने लगते हैं। इसके साथ-साथ फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय में भी फैलने लगते हैं। जिसकी वजह से महिलाओं को तेज दर्द का अनुभव होता है। इससे पीड़ित होने पर श्रोणि में दर्द, पीरियड्य के दौरान ज्यादा दर्द, संभोग में अधिक दर्द का सामना करना पड़ सकता है। कुछ मामलों में एंडोमेट्रियोसिस बांझपन का कारण भी बन सकता है।

शांता फर्टिलिटी सेंटर, नई दिल्ली की आईवीएफ एक्सपर्ट डॉक्टर अनुभा सिंह से बातचीत पर आधारित

एंडोमेट्रियोसिस और बांझपन

एक अनुमान के मुताबिक प्रत्येक 10 में से 1 महिला एंडोमेट्रियोसिस की समस्या से आंशिक या गंभीर रूप से प्रभावित रहती है। अब बात करते हैं कि एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिलाओं में बच्चा होने की संभावनाएं रहती हैं या नहीं। इस बीमारी के बावजूद भी महिला एक स्वस्थ्य मां बन सकती है। अधिकतर मामलों में आंषिक रूप से पीड़ित महिलाओं में गर्भधारण करने में कोई कठिनाई नहीं होती है। लेकिन इलाज में देरी और एंडोमेट्रियोसिस की समस्या बढ़ने पर बीमारी की गंभीरता बढ़ जाती है। गंभीर स्थितियों में गर्भाधान की संभावना कम हो सकती है। सही समय और उचित इलाज से गंभीर एंडोमेट्रियोसिस के साथ भी, मां बनना संभव हो सकता है। पीड़त को मां बनने में बीमारी की गंभीरता और उम्र इलाज में बहुत बड़ा रोल निभाते हैं।

एंडोमेट्रियोसिस का इलाज और मातृत्व का सुख

आंशिक रूप से पीड़ित महिला में कुछ दवाएं उपचार के लिए बेहतर विकल्प होती हैं। इसके साथ ही सर्जिकल उपचार एक विकल्प होता है। साथ ही मातृत्व के सुख के लिए आईवीएफ और भ्रूण ट्रांस्प्लांट इस बीमारी से पीड़ित के लिए बांझपन से लड़ने में कारगर साबित हो सकते हैं। प्रक्रिया में अंडे को शरीर के बाहर निशेचित किया जाता है। जिसकी वजह से अवरुद्ध नलियों से बांझपन का सामना करने वाली महिलाओं की समस्या को कम किया जा सकता है। साथ ही एंडोमेट्रियोसिस में देरी आपकी समस्या को बढ़ा सकती है। सही समय पर एक्सपर्ट से अपनी जांच करवाएं और सही इलाज की जानकारी प्राप्त करें।

एंडोमेट्रियोसिस आहार जो है जरूरी

इलाज के साथ-साथ सही आहार एंडोमेट्रियोसिस के इलाज के लिए बहुत जरूरी है। सही आहार आपकी समस्याओं को कम करने में आपकी सहायता कर सकता है। आइए जानते हैं एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित महिला को अपने आहार में क्या-क्या शामिल करना चाहिएः

उचित मात्रा में फाइबर

सही मात्रा में फाइबर युक्त भोजन करने से आपका पाचन तंत्र अच्छा रहता है। फाइबर आपको मासिक धर्म के दौरान पेट फूलने की समस्या से आराम दे सकता है। आहार जैसे कि सेब, केला, ब्रोकोली, गाजर, पालक, साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि आपको सही मात्रा में फाइबर लेने में मदद कर सकती हैं।

शरीर में कम आइरन खतरे का साइरन

पीड़ित को लौह युक्त खाद्य पदार्थ खाना चाहिए। यह आपको आंतरिक रूप मजबूत और बीमारी से लड़ने में सक्षम बनाने के लिए जरूरी है। आप अपने आहार में मांस, मछली, चिकन, हरी सब्जियां, अंडे, दूध, बादाम और काजू जैसे खाद्य पदार्थोंं को जरूर षामिल करें।

शरीर के लिए जरूरी है ओमेगा-3

ओमेगा-3 आपके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने में बड़ा रोल निभाता है। खाद्य पदार्थ जैसे फिश, चिया सीड, बादाम का तेल आदि में ओमेगा-3 पाया जाता है। इसे अपने आहार में जरूर प्रयोग करें।

ध्यान देने वाली बात

आहार का एक चार्ट बनाएं, उसके अनुसार ही अपनी डाइट को मेंटेंन करें। अपने आहार का चार्ट बनाने के लिए अपने डाक्टर से जरूर परामर्श करें। चिकित्सक की सुझाव से अपने आहार को व्यवस्थित करें। आहार आपकी बीमारी को कम करने और उससे लड़ने में बहुत बड़ा रोल निभाता है।

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