पीरियड्स के अलावा ब्लीडिंग होने के और भी हैं कारण

गायनाकाॅलेजिस्ट व आईवीएफ एक्सपर्ट डाॅक्टर श्वेता गोस्वामी से बातचीत पर आधारित

एक औरत होने के नाते हर महीने ब्लीडिंग हमारे लिए कोई नई बात नहीं है क्योंकि हम सभी मासिक धर्म के बारे में अच्छी तरह जानते हैं। परन्तु क्या आप जानती हैं कि ब्लीडिंग होने के अन्य कई कारण भी हो सकते हैं? जी हाँ, कुछ ऐसी स्थितियां या बीमारियाँ होती है जिनके कारण महिलाओं को वजाइना से ब्लीडिंग हो सकती है। यदि आप जानना चाहती हैं कि पीरियड्स के अलावा अन्य किन कारणों से वजाइनल ब्लीडिंग हो सकती है –

1. गर्भावस्था
वजाइना से ब्लीडिंग का एक कारण गर्भावस्था भी सकती है। कई महिलाओं को गर्भावस्था के प्रारंभिक महीनों में स्पॉटिंग या हल्की ब्लीडिंग की समस्या होती है।

2. दवाईयां
कुछ स्ट्रांग दवाईयां जैसे गर्भ निरोधक गोलियाँ और ब्लड थिनर्स (रक्त को पतला करने वाली दवाईयां) आदि के कारण हार्मोंस में असंतुलन होता है जिसके कारण वजाइनल ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है।

3. यौन संचारित रोग
यदि आप यौन संचारित रोगों जैसे गान्रीया, च्लाम्य्डिया, एचपीवी आदि से ग्रसित हैं तो आपको वजाइनल ब्लीडिंग हो सकती है।

4. गर्भनिरोधक उपकरण
यदि आपने गर्भ निरोधक के रूप में वजाइना में इंट्रयूटरिन डिवाइस लगवाया है तो कभी कभी आपको ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है तथा ऐसी स्थिति में डॉक्टर को दिखाने की आवश्यकता होती है।

5. थायराइड
वजाइनल ब्लीडिंग का एक अन्य कारण एक थायराइड ग्रंथि का कम सक्रिय होना भी है क्योंकि इसके कारण हार्मोंस में असंतुलन होता है जिसके कारण वजाइनल ब्लीडिंग हो सकती है।

6. यूटीआई
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (मूत्र मार्ग में संक्रमण) भी वजाइनल ब्लीडिंग का एक कारण हो सकता है। यदि आपका ब्लेडर बहुत अधिक संक्रमित है तो कई बार आपको यूरिन (मूत्र) के साथ ब्लड भी दिखाई देता है।

7. पीसीओएस
कई बार ऐसी महिलायें जो पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम से ग्रसित होती हैं उनमें हार्मोंस के उतार चढ़ाव के कारण पीरियड्स न होते हुए भी वजाइना से ब्लीडिंग होने की समस्या हो सकती है।

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