वर्किंग वुमन (Working Women) प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसा होना चाहिए लाइफस्टाइल

कहा जाता है कि गर्भावस्था के दौरान मां की आदतों और अहसासों का असर गर्भस्थ शिशु पर भी पड़ता है। यही कारण है कि प्रेग्नेंसी के दौरान हर महिला खुश और स्वस्थ रहना चाहती है। ताकि उसका होने वाला बच्चा भी हेल्दी हो और खुशमिजाज हो। यदि महिला घरेलू है तो उसके स्वास्थ्य और खुशियों का घरवाले पूरा ध्यान रखते हैं। घर में सारी सुविधाएं उसकी पसंद के अनुरूप दी जाती हैं ताकि उसे कोई परेशानी न हो।  लेकिन अगर महिला कामकाजी है तो उसे दफ्तर की स्थिति के मुताबिक खुद को ढालना होता है। ऐसे में महिला के सामने कई बार तमाम परेशानियां आती हैं।

उसके खाने पीने का कोई सही रुटीन नहीं बन पाता। इसके चलते महिला को पूरा पोषण नहीं मिल पाता और उसे कमजोरी, लो बीपी आदि की समस्याएं होने लगती हैं। साथ ही गर्भस्थ शिशु पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके चलते महिला गर्भावस्था के सुखद अहसास भी पूरी तरह नहीं ले पाती। स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. राखी आर्या से जानते हैं कामकाजी महिलाओं के लिए कुछ ऐसे टिप्स जिन्हें अपनाकर प्रेग्नेंट महिलाएं ऑफिस में भी एंजॉय कर सकती हैं।

सुबह से लेकर शाम तक का डाइट चार्ट तैयार करें
कामकाजी महिला का सुबह से लेकर शाम तक पूरा डाइट चार्ट फिक्स होना चाहिए। ताकि महिला और गर्भस्थ शिशु को पूरा पोषण मिल सके। इसके लिए कुछ नियमों को फॉलो करना जरूरी है।

1. सुबह की शुरुआत पानी पीकर करें

प्रेग्नेंट महिला चाहे कामकाजी हो या न हो, लेकिन उसे सुबह की शुरुआत पानी पीकर ही करनी चाहिए। खाली पेट पानी पीने से पेट के तमाम विकारों से मुक्ति मिलती है। चाय के स्थान पर ग्रीन टी पिएं ताकि दिनभर तरोताजा महसूस कर सकें। यदि दफ्तर में भी ग्रीन टी की व्यवस्था हो तो बीच बीच में लेती रहें। इससे शरीर में एनर्जी बनी रहेगी। नाश्ते के समय दूध, हरी सब्जियां व चपाती, सूजी का उपमा, पोहे या ओट्स ले सकती हैं।

2. लंच में पूरा आहार लें

आजकल बाजार में ऐसे तमाम लंच बॉक्स आते हैं जिनमें आसानी से दोपहर का पूरा खाना रखा जा सकता है। साथ ही खाने को गर्म भी किया जा सकता है ताकि आप उसे पूरे स्वाद से खा सकें। इसलिए दिन के खाने में दाल, रोटी, सब्जी, चावल, सलाद और दही आदि साथ लेकर जाएं।

3. डिनर में मसालेदार खाने से बचें

स्वास्थ्य संबन्धी ज्यादातर समस्याएं रात में होती हैं क्योंकि रात में शारीरिक सक्रियता नहीं होती। इसलिए रात का भोजन हल्का खाने की सलाह दी जाती है। प्रेग्नेंट महिलाएं भी रात का भोजन हल्का और कम मसाले का करें। गरिष्ठ भोजन गैस आदि की समस्या पैदा कर सकती है। इसके अलावा भोजन समय से करें ताकि आसानी से पच सके। खाना खाने के आधे घंटे बाद दूध पिएं।

4. इसके अलावा खुद को किसी भी हाल में भूखा न रखें 

ऑफिस में काम के दौरान यदि भूख लगती है तो खाएं जरूर, भूख को मारे नहीं। ऐसे में आप कोई फल बैग में रखें ताकि भूख लगते ही इसे खा सकें। ऑफिस की कैंटीन में मिलने वाले जंकफूड और ऑयली चीजों को न खाएं। ये आपके बच्चे के लिए घातक हैं। याद रखिए प्रेग्नेंट महिला सिंगल नहीं बल्कि दो जीवन जी रही होती है, ऐसे में उसे ज्यादा भूख लगना स्वाभाविक है। लेकिन अगर किसी कारण आपको भूख कम लगती है तो फौरन किसी विशेषज्ञ से परामर्श करें, वर्ना इसके कारण आपके बच्चे का विकास बाधित हो सकता है।

5. एक ही पोज़ीशन पर ज्यादा देर बैठना है गलत

ऑफिस में काम के दौरान ज्यादा चलना फिरना नहीं हो पाता, इसलिए आप बीच बीच में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करती रहिए ताकि मांसपेशियों में लचीलापन बना रहे। इसके अलावा ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें ताकि घबराहट वगैरह महसूस न हो।

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