वर्ल्ड आर्थराइटिस डे : आपके जोड़ों का दर्द की वजह गठिया तो नहीं!

वर्ल्ड आर्थराइटिस डे 12 अक्टूबर को है। आर्थराइटिस या गठिया से पूरे देश में लाखों लोग पीड़ित हैं। सही जानकारी और जागरूकता न होने और सही समय पर ईलाज न मिल पाने से समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है। अधिकतर दो प्रकार की आर्थराइटिस के मरीज अधिक देखे जाते हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटोइड आर्थराइटिस। गठिया की समस्या धीरे-धीरे सामने आती है, लेकिन कुछ मामलों में ये अचानक भी प्रकट हो सकती है। आर्थराइटिस के लक्षणों को समय पर पहचानना जरूरी होता है, आइए गठिया के लक्षणों पर एक नजर डालते हैंः

Dr. Biren Nadkarni

सीताराम भरतिया इंस्टीट्यूट और होली फैमिली हॉस्पिटल, नई दिल्ली के सीनियर ऑर्थाेपेडिक कंसल्टेंट और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ बीरेन नादकर्णी से बातचीत पर आधारित

आप कैसे जानते हैं कि आपको आर्थराइटिस है

आर्थराइटिस के बारे में जागरूकता लाने के उद्देश्य से वर्ल्ड आर्थराइटिस डे का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। गठिया कई प्रकार होते हैं, और सभी के लक्षण भिन्न हो सकते हैं। फिरभी कुछ लक्षण हैं जो अधिकतर मामलों में नजर आते हैं। बुखार, लिम्फ नोड्स में सूजन, वजन में अचानक कमी होना, बहुत ज्यादा थकान महसूस होना, हांथों या पैरों के प्रयोग में परेषानी महसूस होना, चलने में कठिनाई होना या नींद का ना आना। इसके साथ-साथ

जोड़ों में दर्द

जोड़ों में अकड़न और सूजन महसूस होना

चाल की गति में कमी होना

जोड़ के आसपास की त्वचा का लाल हो जाना

जोड़ों के दर्द के साथ बुखार आना

अधिक दर्द की वजह से दैनिक कार्यों में कठिनाई होना

पेन किलर्स से भी दर्द में कमी न आना

सबसे अधिक मिलते हैं दो तरह के आर्थराइटिस मामले

मेडिकल साइंस के अनुसार गठिया के 100 से अधिक प्रकार होत हैं। लेकिन देश में ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटोइडआर्थराइटिस के मामले अधिक सामने आते हैं। अधिकतर मामलों में यह बीमारी बढ़ती उर्म के साथ सामने आती है। कुछ मामलों को छोड़कर ऑस्टियोआर्थराइटिस वृद्ध लोगों ज्यादा देखा जाता है। जिनकी उर्म 50 साल या उससे अधिक है। इसमें जोड़ प्रभावित होने के कारण जोड़ों में असहनीय दर्द या सूजन होती है। ऑस्टियोआर्थराइटिस शरीर के किसी भी जोड़ में देखा जा सकता है। यह जरूरी नहीं है कि ये सिर्फ पैर के घुटने में ही होगा। हां अधिकतर मामलों में घुटनों और कूल्हों को प्रभावित देखा जाता है। यह उंगलियों या किसी भी जोड़ को भी प्रभावित कर सकता है।

गठिया का इलाज

सबसे पहले विशेषज्ञ आपको हो रहे दर्द से राहत दिलाने का प्रयन्न करते हैं। अधिकतर मामलों में दर्द को को कम करना और जोड़ों को और ज्यादा नुकसान से रोकने की कोशिश करना पहला लक्ष्य होता है। कुछ लोगों को हीटिंग पैड और आइस पैक की सलाह भी दी जा सकती है। आपके डॉक्टर आपको बेंत या वॉकर के सहारे चलने की सलाह दे सकते हैं। गठिया से पीड़ित व्यक्ति को बिना देर किए एक्पर्ट की सलाह लेनी चाहिए। देर करने से और भी ज्यादा नुकसान हो सकता है।

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