विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेला, न भूल पाने वाला रोमांचक अनुभव

पुष्कर मेला: राजस्थान अपनी खूबसूरती के साथ अपनी परंपरा व सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। आज हम बात कर रहे हैं पुष्कर की, पुष्कर के प्रसिद्ध मेलों में एक का नाम है ऊंट मेला। यह हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित किया जाता है। इस मेले का मुख्य आकर्षण बैलों, घोड़ों, गायों और भैंसों के साथ 25,000 से अधिक ऊंटों को एक साथ देखना होता है, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा ऊंट मेला बनता है। ऊंट मेले में सांस्कृतिक शो और प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाता है जिसे देखने के लिए देश विदेश से कई पर्यटक हर साल पुष्कर आते हैं। मेले में मटकीफोड़ व मूंछों की प्रतियोगिता मेले के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। इनके अलावा, इस मेले में ऊंट सौंदर्य प्रतियोगिता भी लोगों के बीच कौतूहल का विषय बनी रहती है।

पुष्कर लेक

यहां आने वालों के लिए पुष्कर लेक भी आकर्षण का केंद्र बना रहता है। मान्यता है कि पवित्र पुष्कर झील में डुबकी लगाए बिना यहां की यात्रा पूरी नहीं मानी जाती है। यह लेक लगभग 8-10 मीटर गहरी है साथ ही झील 52 घाटों की सुंदरता देखते ही बनती है।

ब्रम्हा मंदिर

यह दुनिया का एकमात्र मंदिर है जो भगवान ब्रह्मा को समर्पित है। संगमरमर से निर्मित और चांदी के सिक्कों से सजा हुए इस मंदिर की पहचान इसके लाल शिखर और हंस की छवि से की जा सकती है। भगवान ब्रह्मा की चतुर्मुखी (चार मुख वाली) मूर्ति को आंतरिक गर्भगृह में रखी गई है। पुष्कर आकर यहां दर्शन करने का सौभाग्य कोई भी नहीं छोड़ना चाहता है।

इसके साथ ही सावित्री माता मंदिर, गायत्री मंदिर, शिव मंदिर, गांधी घाट, जैन मंदिर व ब्रम्हा घाट आदि जगहों पर आप राजस्थान की संस्कृति का दिल को जीत लेने वाला स्वरूप देख सकते हैं।

पुष्कर जाने का सबसे अच्छा समय

पुष्कर जाने का सबसे अच्छा समय इस क्षेत्र के मौसम पर निर्भर रहता है। इसके साथ ही अक्टूबर से नवंबर के बीच यहां पुष्कर ऊंट मेला देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इस समय यहां पर आना आपको रोमांचित कर सकता है, अगर आप इन दिनों में पुष्कर घूमने आ सकते हैं तो यकीन मानिये आप यहां से न भुला पाने वाली यादें लेकर जाएंगे। साल के इस समय शहर कार्रवाई और अच्छे वाइब्स से भरा है। इसलिए अक्टूबर के अंत में पुष्कर की यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा शहर को देखना सबसे अच्छा है।
अगर साल के अन्य महीनों की बात करें तो मार्च से जून यह महीने गर्म महीने होते हैं। इस दौरान यहां का तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है। लेकिन रात और सुबह का समय सुखद होता है। नवंबर से फरवरी की बात करें तो दिन के दौरान 15 डिग्री और रात में 5 डिग्री तक तापमान रहता है जो कि पुष्कर घूमने के लिए एक अनुकूल समय होता है। इस अवधि के दौरान कई त्योहार भी होते हैं। अगर आप बारिश के महीनों की बात करें तो जुलाई से सितंबर तक पुष्कर में बारिश का समय होता हैं। लेकिन इस झेत्र में बहुत ज्यादा बारिश नहीं होती है, इसलिए मानसून का मौसम आपकी यात्रा को कठिन नहीं बनाता है।

कैसे पहुंचें

हवाई सफर – पुष्कर के लिए निकटतम एयर पोर्ट जयपुर में है, जो 140 किलोमीटर दूर है। जयपुर एयर पोर्ट दिल्ली, मुंबई, कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरीय शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां से आप पुष्कर पहुंचने के लिए टैक्सी किराए पर ले सकते हैं। जयपुर एयर पोर्ट से पुष्कर शहर तक की यात्रा में लगभग 3 घंटे लगेंगे।

ट्रेन से पहुंचे – यहां पहंुचने के लिए आपको अजमेर रेलवे स्टेशन तक ट्रेन लेनी पड़ेगी और फिर पुष्कर तक आधे घंटे की ड्राइव करने की आवश्यकता होगी। अजमेर रेलवे स्टेशन पर दिल्ली, मुंबई, जयपुर, इलाहाबाद, लखनऊ और बैंगलोर जैसे प्रमुख भारतीय शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

बस का सफर – देश की राजधानी दिल्ली व जयपुर से पुष्कर के लिए बसें आसानी से उपलब्ध हैं। राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम पुष्कर पहुंचने के लिए आसपास के शहरों से बसों का संचालन करता है। इसके साथ ही अगर आप दिल्ली और जयपुर शहरों की तरह आस-पास रहते हैं तो सड़क मार्ग से भी ड्राइविंग करके यहां पहंुचना भी एक अच्छा विचार है।

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