आप भी बन सकते हैं सुपर माॅम-डैड! Parenting Tips in Hindi

हम अपने बच्चों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन क  रने की पूरी कोशिश करते हैं और अकसर बच्चों की जरूरतों को अपने से ऊपर रखते हैं। लेकिन क्या आपको याद है कब आखिरी बार आपने सिर्फ अपने लिए कुछ किया था? अगर आप अपनी सही देखभाल नहीं करते हैं तो यकीन मानिए बच्चों की देखभाल करना भी आपके लिए चुनौती भरा काम ही होने वाला है। इसीलिए आज हम बात करने वाले है कि कैसे आप अपना ध्यान रख सकते हैंः एक अभिभावक के रूप में खुद की देखभाल करना सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि आपके ऊपर अपने बच्चों के सही पालन-पोषण की जिम्मेदारी होती है। एक आदर्श माता-पिता बनना कभी भी आसान नहीं होता है, बच्चों के पालन-पोषण को मुख्य रूप से चार चरणों में बांटा जा सकता है जैसे किः

नवजात शिशु
नवजात शिशु की देखभाल करना एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। आप हाल ही में माता-पिता बने होते हैं यह आपके युगल संबंध पर भी बहुत दबाव डाल सकता है क्योंकि आपके पास एक-दूसरे के लिए बहुत कम समय है। साथ ही नवजात बच्चे रात में कम सोते हैं, ऐसे में पूरी दिन काम के बाद रात में जागना चुनौती भरा होता है। पूरी नींद न मिल पाना साथ ही काम की थकावट आपको परेशान कर सकती है। हर माता-पिता चाहते हैं कि बच्चे सुरक्षित रहें, क्योंकि बच्चों को खतरे के बारे में कोई जागरूकता नहीं होती है, इसलिए आप बच्चों को एक सेकंड के लिए अपनी आंखों से ओझल नहीं होने देना चाहते। हर पल बच्चों की सही निगरानी करना आसान काम नहीं होता है। इसीलिए इस समय आपको कई सावधानियां है जिनका ध्यान रखना पड़ता है। अगर ऐसे में आप अपना ध्यान नहीं रखेंगे तो आप बच्चे का कैसे ध्यान रख पाएंगे।

स्कूल की शुरूआत
स्कूल के वर्षों में स्कूल से मिलने वाला होमवर्क, नए-नए दोस्त और बच्चे को बाहरी दुनिया से पहचान कराना एक बहुत ही महत्वपूर्ण काम होता है। यही वो समय होता है जब बच्चे को आपके अनुभव की बहुत जरूरत होती है। ऐसे में आपको उन्हें समय देना बहुत जरूरी होता है। इस समय बच्चों के मन में कई सवाल होते हैं, उनका जवाब वे आप से ही चाहते हैं इसीलिए उनको समय देना आपकी जिम्मेदारी होती है। अगर आप अपना ध्यान नहीं रखेंगे तो बच्चों को अपना 100 प्रतिशत कैसे दे पाएंगे।

किशोरावस्था
किशोरावस्था के समय बच्चों में कई आंतरिक बदलावों के साथ-साथ बाहरी दुनिया के प्रति भी उत्सुकता हो सकती है। यही वो समय होता है जब आप अपने बच्चों को बाहरी दुनिया से कैसे व्यवहार करना है सिखाते हैं। साथ ही अपने बच्चों को आत्मनिर्भर बनना सिखाते हैं। ऐसे में उन्हें सही सलाह व उचित देखभाल की आवश्यकता होती है लेकिन ऐसा आप तभी कर सकते हैं जब आप पूरी तरह से स्वस्थ्य हों। इसीलिए आपको बच्चों की सही देखभाल के लिए अपना ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। आइए जानते हैं आप अपना ध्यान रखने के लिए क्या-क्या कर सकते हैंः

सेल्फ-केयर टिप्स

स्वयं का पोषण करें
यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि आपके पास बच्चे होने से पहले क्या-क्या ऐसा था जो आपको खुशी देता था। एक बार कुछ समय के लिए, आप जो खाना पसंद करते हैं, सिर्फ वही पकाएं जो बच्चों को नहीं चाहिए। पुराने दोस्तों से मिलने के लिए समय निकालें साथ ही अपने साथी के साथ समय बिताएं, व्यायाम करें, रिलेक्स होनें के लिए स्पा भी ले सकते हैं, साइकलिंग करें या लाइट एक्सरसाइज़ करें। ऐसा करके आप खुद स्वार्थी न समझें क्योंकि खुद प्रसंन्न रह कर ही आप बच्चों को देने के लिए आपकी ऊर्जा में आश्चर्यजनक बढ़ोतरी कर सकते हैं। यदि आप स्वयं ही खुश नहीं हैं तो अपने बच्चों को खुशी देना कठिन हो सकता है।

बाहर घूमनें जाएं
कोशिश करें कि आप हर दिन बाहर घूमनें जरूर जाएं, अगर आप हाउज़वाइफ हैं फिर तो समय निकाल कर जरूर इस पर ध्यान दें। चाहे जो भी मौसम हो, इसके लिए आप नज़दीक के पार्क का चुनाव कर सकती हैं। आप चाहें तो तैराकी या संगीत की क्लास भी ज्वाइन कर सकती हैं। यह आपको घर पर बंद होने के अनुभव से बाहर आने में मदद कर सकता है। ताजी हवा में कुछ समय बिताने से आपको शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। इससे आपकी उर्जा में आश्चर्यजनक बढ़ोतरी होगी।

प्रोत्साहित करें
आप बच्चों को मदद करने के लिए कहना कम उम्र से शुरू करें छोटे-छोटे काम जैसे कि उनके जूते अलमारी में रखने के लिए, खाना खाने के बाद बर्तन निर्धारित जगह पर रखने के लिए, फिर जैसे-जैसे वे बड़े होते जाएंगे, वे समझेंगे कि ऐसा करके वे आपकी मदद कर रहे हैं और साथ ही खुद भी आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इस तरह, आप हर समय अपने बच्चों की सेवा करना और नाराजगी महसूस करने से भी बचेंगे।

ना कहना ठीक है
आपके बच्चे होने पर आपका काम निश्चित रूप से बढ़ जाता है, इसलिए यदि लोग आपसे कुछ अतिरिक्त करने के लिए कहते हैं, तो आप सोच-समझ कर फैसला करें। हर काम के लिए हामी भरना आपके लिए कष्टकारी हो सकता है इसलिए अगर आपको लगे कि वो काम करने के लिए आपको पर्याप्त समय नहीं मिलेगा तो बहुत सम्मान के साथ पहले ही उस काम को न कर पाने असमर्थता जताएं। क्योंकि यह बेहतर है कि आप उन कामों के लिए हामी न भरें जिन्हें आप न कर पाएं।

स्वस्थ आहार खाएं
छोटे बच्चों के साथ, कई बार सही समय पर खाना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन यह जरूरी है कि आप अपने आहार पर विशेष ध्यान रखें। क्योकि इसी से आपको अपनी जिम्मेदारियों को सही से निभाने की उर्जा मिलती है। हमें अपने शरीर को स्वस्थ और सक्रिय रखने के लिए उचित व संतुलित आहार की आवश्यकता होती है। इसलिए संतुलित आहार से कम कुछ भी अच्छा नहीं होता है। फ्रिज रखे बासी भोजन या सिर्फ स्नेक्स खा कर पेट भर लेने से बचना चाहिए। अधिकतर घरों में आम गलती जो आप करती है वो है कि बच्चे के बचे हुए भोजन को कर लेना इसके बजाय उचित भोजन व खाने का समय अवश्य निकालें।

पर्याप्त नींद लें
पर्याप्त नींद लेना मुश्किल हो सकता है, खासकर बहुत छोटे बच्चों के साथ। जब बच्चा झपकी ले रहा हो, तब नींद लेने की कोशिश करें, भले ही ऐसा महसूस हो कि यह आपके काम करने का एकमात्र मौका है। यदि आप कर सकते हैं तो बच्चों को बिस्तर पर जाने के बाद जल्दी सो जाएं। नींद से वंचित रहना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तो है ही साथ ही आपके काम करने की क्षमता को भी प्रभावित करता है।

वर्तमान में रहना
बच्चा होने के बाद निश्चित ही आपको उसके भविष्य की चिंता हो सकती है। यह होना सामान्य सी बात है, लेकिन भविष्य को लेकर हमेशा सोंच में रहना आपके वर्तमान की खुशियों को खत्म कर सकता है। इसी लिए यह जरूरी है कि आप भविष्य के लिए आवश्यता से अधिक न सोंचे अधिक चिंता आपको उदास व गंभीर परिस्थितियों बीमार भी बना सकती है। इसीलिए आप वर्तमान पल का आनंद लें और अपने पालन-पोषण के रोमांच पर हर दिन होने वाली छोटी-छोटी चीजों का आनंद लें। ऐसा करके आप आसानी से अपनी परेशानियों को तो कम करेंगे ही साथ ही घर का माहौल भी उर्जावान बना रहेगा।

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